देवरिया

जीएम एकेडमी के छात्र ने NEET में शानदार सफलता से बढ़ाया विद्यालय का गौरव

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

सलेमपुर (देवरिया)। मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन का परिणाम जब सफलता के रूप में सामने आता है, तो वह केवल एक छात्र की उपलब्धि नहीं रहती, बल्कि पूरे विद्यालय, परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन जाती है। नगर के प्रतिष्ठित जीएम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मेधावी छात्र आर्यन कुमार ने NEET-2026 परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि विद्यालय की शैक्षणिक परंपरा को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इस उल्लेखनीय सफलता पर विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह आयोजित कर छात्र का अभिनंदन किया गया।

NEET-2026 में शानदार प्रदर्शन, ऑल इंडिया रैंक से बढ़ाया मान

ग्राम बढ़वापुर निवासी एवं शिक्षक रमेश चंद्र के पुत्र आर्यन कुमार ने NEET-2026 परीक्षा में 720 में से 607 अंक प्राप्त किए हैं। इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 7993 तथा ओबीसी वर्ग में 3468वीं रैंक हासिल की है। प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते स्तर और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन का प्रमाण मानी जा रही है।

विद्यालय परिवार ने आर्यन की उपलब्धि को संस्था के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि यह सफलता आने वाले विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

शुरू से रहे मेधावी और अनुशासित छात्र

विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने बताया कि आर्यन प्रारंभिक कक्षाओं से ही प्रतिभाशाली, अनुशासित और परिश्रमी छात्र रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में कक्षा चार में जीएम एकेडमी में प्रवेश लिया था और तभी से लगातार विद्यालय के नियमित छात्र रहे।

उन्होंने बताया कि आर्यन ने केवल NEET ही नहीं, बल्कि JEE Main और CUET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनकी अध्ययन शैली, समय प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण अन्य विद्यार्थियों के लिए अनुकरणीय है।

बोर्ड परीक्षाओं में भी रहा शानदार रिकॉर्ड

आर्यन की शैक्षणिक उपलब्धियां केवल प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहीं। उन्होंने वर्ष 2023 की हाईस्कूल परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि 2025 की इंटरमीडिएट परीक्षा में 90.2 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय के श्रेष्ठ विद्यार्थियों में अपना स्थान बनाया।

विद्यालय प्रशासन का कहना है कि आर्यन ने हर कक्षा में अपनी मेहनत और निरंतरता से यह साबित किया कि सफलता किसी एक दिन की उपलब्धि नहीं होती, बल्कि वर्षों की तैयारी और अनुशासन का परिणाम होती है।

पढ़ाई के साथ खेलों में भी दिखाई प्रतिभा

आर्यन केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि खेल गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। उन्हें बैडमिंटन खेलने का विशेष शौक है। विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाकर चलना उनकी सबसे बड़ी विशेषता रही है। यही संतुलित जीवनशैली उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाती रही और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।

सम्मान समारोह में हुआ भव्य अभिनंदन

आर्यन की इस सफलता पर विद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने छात्र तथा उनके पिता रमेश चंद्र को अंगवस्त्र, माल्यार्पण, विद्यालय का मेडल और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने आर्यन की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समारोह में उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कहा कि आर्यन ने अपनी मेहनत और अनुशासन से यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर किए जाएं तो बड़ी से बड़ी सफलता भी हासिल की जा सकती है।

परिवार और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय

सम्मान समारोह के दौरान आर्यन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय के सकारात्मक वातावरण को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार का विश्वास, शिक्षकों का मार्गदर्शन और स्वयं की नियमित मेहनत उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत रही। उन्होंने भविष्य में एक कुशल चिकित्सक बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प भी व्यक्त किया।

आर्यन के पिता रमेश चंद्र ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ जीएम एकेडमी का चयन किया था और विद्यालय ने उनकी अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरते हुए उनके सपनों को साकार किया है। उन्होंने विद्यालय के प्रबंधन, प्रधानाचार्य और सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें इस संस्था पर गर्व है।

प्रबंधन ने दी शुभकामनाएं

विद्यालय के चेयरमैन डॉ. श्री प्रकाश मिश्र तथा निदेशिका डॉ. संभावना मिश्रा ने दूरभाष के माध्यम से आर्यन, उनके माता-पिता तथा विद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आर्यन ने विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाया है, जिस पर पूरा विद्यालय परिवार गौरवान्वित है।

उन्होंने शिक्षकों की मेहनत की भी सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे शिक्षकों का समर्पण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

अन्य विद्यार्थियों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

विद्यालय में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने भी आर्यन की सफलता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आर्यन का अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच उन्हें भी कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा देती है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आर्यन की तरह लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अध्ययन करें और सफलता की दिशा में आगे बढ़ें।

विद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि आर्यन भविष्य में एक सफल चिकित्सक बनकर समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की सेवा करेंगे तथा अपने क्षेत्र और विद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक ऊंचा करेंगे।

आर्यन की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि विद्यार्थी मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े तथा परिवार और शिक्षकों का उचित मार्गदर्शन मिले, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। जीएम एकेडमी के लिए यह सफलता आने वाले वर्षों में भी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button