विपरीत परिस्थितियों पर प्रतिभा की जीत, छात्र ने NEET में सफलता हासिल कर रचा प्रेरणादायक इतिहास

रिपोर्टर इरफान अली लारी के साथ सेंट जेवियर्स स्कूल, सलेमपुर के छात्र प्रियंशु कुमार शाही की NEET सफलता पर आधारित फीचर इमेज।

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रिपोर्ट: इरफान अली लारी 

देवरिया | कहते हैं कि यदि इरादे मजबूत हों तो परिस्थितियाँ भी रास्ता रोक नहीं पातीं। देवरिया जनपद के भेंगारी बाज़ार निवासी तथा सेंट जेवियर्स स्कूल, सलेमपुर के छात्र प्रियंशु कुमार शाही ने इसी कहावत को सच साबित कर दिखाया है। आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में सफलता प्राप्त कर अपने परिवार, विद्यालय और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

प्रियंशु की यह उपलब्धि केवल एक प्रतियोगी परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिनाइयाँ मंजिल तक पहुँचने की राह में बाधा नहीं, बल्कि संघर्ष को मजबूत बनाने वाली सीढ़ियाँ होती हैं।

बचपन में पिता का साया उठा, लेकिन हिम्मत नहीं टूटी

प्रियंशु कुमार शाही का जीवन बचपन से ही कठिनाइयों से घिरा रहा। कम उम्र में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया। परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया और भविष्य को लेकर अनेक चुनौतियाँ सामने खड़ी हो गईं। ऐसे समय में उनके बड़े भाई ने परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई।

एक निजी संस्थान में नौकरी करते हुए सीमित वेतन में उन्होंने न केवल घर का खर्च चलाया, बल्कि प्रियंशु की पढ़ाई भी किसी तरह जारी रखी। आर्थिक अभाव के बावजूद परिवार ने शिक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी और यही निर्णय आगे चलकर सफलता का आधार बना।

सीमित संसाधनों के बीच नहीं छोड़ा पढ़ाई का साथ

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसान नहीं होती। इसके लिए निरंतर अध्ययन, मानसिक दृढ़ता और संसाधनों की आवश्यकता होती है। लेकिन प्रियंशु ने कभी अपनी परिस्थितियों को कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर अपनी तैयारी जारी रखी।

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उन्होंने हर कठिनाई को चुनौती की तरह स्वीकार किया और अपने लक्ष्य से कभी विचलित नहीं हुए। परिणामस्वरूप उन्होंने NEET जैसी देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती।

बड़े भाई का त्याग बना सफलता की सबसे बड़ी ताकत

प्रियंशु की इस सफलता के पीछे उनके बड़े भाई का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने अपनी निजी आवश्यकताओं से पहले छोटे भाई की शिक्षा को महत्व दिया। सीमित आय के बावजूद उन्होंने कभी प्रियंशु की पढ़ाई में आर्थिक बाधा नहीं आने दी।

परिवार के लोगों का कहना है कि बड़े भाई ने अभिभावक, मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभाई। उनके त्याग और सहयोग ने प्रियंशु के आत्मविश्वास को मजबूत किया और कठिन समय में आगे बढ़ने का हौसला दिया।

विद्यालय ने जताया गर्व, बताया प्रेरणादायक उपलब्धि

सेंट जेवियर्स स्कूल, सलेमपुर के प्रधानाचार्य एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रियंशु कुमार शाही की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। विद्यालय परिवार का कहना है कि प्रियंशु की उपलब्धि पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है।

विद्यालय प्रशासन ने कहा कि प्रियंशु ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण किसी भी विद्यार्थी को सफलता के शिखर तक पहुँचा सकता है। उनकी उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।

क्षेत्र में खुशी का माहौल

प्रियंशु की सफलता की खबर मिलते ही भेंगारी बाज़ार सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशी का वातावरण बन गया। परिचितों, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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लोगों का कहना है कि ऐसे विद्यार्थियों की सफलता समाज में सकारात्मक संदेश देती है और युवाओं के भीतर नई ऊर्जा का संचार करती है। यह उपलब्धि यह भी दर्शाती है कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा बनी प्रियंशु की कहानी

आज के समय में अनेक विद्यार्थी आर्थिक कठिनाइयों या पारिवारिक समस्याओं के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। ऐसे में प्रियंशु कुमार शाही की सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी बाधा सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती।

उनकी कहानी बताती है कि संसाधनों की कमी से अधिक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास होते हैं। यही कारण है कि उनकी सफलता अब केवल उनके परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का विषय बन गई है।

विद्यालय परिवार ने दी शुभकामनाएँ

सेंट जेवियर्स स्कूल परिवार ने प्रियंशु कुमार शाही तथा उनके बड़े भाई को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की है। विद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रियंशु आगे चलकर चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएँ देकर समाज और देश का नाम रोशन करेंगे।

उनकी सफलता यह साबित करती है कि जीवन में संघर्ष जितना बड़ा होता है, उपलब्धि उतनी ही प्रेरणादायक बन जाती है। यह कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण के रूप में याद की जाएगी।

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Author: यायावर

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