21 अक्टूबर 2026 8:35 पूर्वाह्न

जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह के प्रयास का आरोप, दंपती गिरफ्तार

मुरादाबाद में जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह कराने के प्रयास के मामले में गिरफ्तार दंपती, पुलिस अधिकारी और रिपोर्टर ठाकुर बख्श सिंह की तस्वीर के साथ तैयार किया गया हिंदी न्यूज फीचर ग्राफिक।

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रिपोर्ट: ठाकुर बख्श सिंह

मुरादाबाद में एक महिला द्वारा लगाए गए जबरन धर्म परिवर्तन, बंधक बनाकर रखने और जबरन निकाह कराने के प्रयास के आरोपों ने गंभीर कानूनी और सामाजिक सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करते हुए आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कथित मौलवी और दो अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।

तीन वर्षों से थे पारिवारिक संबंध

पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता रेनू बाला निवासी प्रकाश नगर, लाइनपार, थाना मझोला का परिचय मेहनाज बेगम और उसके पति सुल्तान सलाउद्दीन से करीब तीन वर्ष पहले हुआ था। दोनों परिवारों के बीच पारिवारिक संबंध स्थापित हो गए थे और समय-समय पर एक-दूसरे के घर आना-जाना भी होता था। इतना ही नहीं, दोनों परिवार एक-दूसरे के त्योहार भी मिल-जुलकर मनाते थे।

पीड़िता का आरोप है कि इसी विश्वास और पारिवारिक संबंध का फायदा उठाकर आरोपितों ने उसके साथ गंभीर अपराध को अंजाम देने की साजिश रची।

घर बुलाकर बंधक बनाने का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि 6 फरवरी 2026 को मेहनाज बेगम ने किसी जरूरी काम का बहाना बनाकर रेनू बाला को अपने घर बुलाया। पीड़िता के अनुसार जब वह वहां पहुंची तो घर में पहले से सुल्तान सलाउद्दीन, एक मौलवी और दो अन्य अज्ञात व्यक्ति मौजूद थे।

पीड़िता का आरोप है कि घर पहुंचते ही उसे जबरन बंधक बना लिया गया और बाहर निकलने नहीं दिया गया। इसी दौरान उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया गया। शिकायत के अनुसार आरोपितों ने कथित तौर पर हथियार के बल पर उससे धार्मिक प्रक्रियाएं पूरी कराने और कलमा पढ़वाने का प्रयास किया।

जबरन निकाह कराने की कोशिश

एफआईआर में दर्ज आरोपों के अनुसार, धर्म परिवर्तन के बाद पीड़िता पर सुल्तान सलाउद्दीन के साथ निकाह करने का दबाव बनाया गया। पीड़िता ने इसका विरोध किया और स्पष्ट रूप से अपनी असहमति जताई।

शिकायत में कहा गया है कि मौके पर मौजूद मौलवी ने कथित तौर पर यह कहते हुए निकाह कराने से इनकार कर दिया कि किसी भी निकाह के लिए महिला की स्वेच्छा और सहमति आवश्यक होती है तथा जबरन कराया गया निकाह शरीयत के अनुसार वैध नहीं माना जा सकता।

इसके बावजूद आरोप है कि सुल्तान सलाउद्दीन ने पीड़िता को धमकाते हुए कहा कि यदि वह अपनी इच्छा से निकाह नहीं करेगी तो भी उसे जबरन पत्नी बनाकर रखा जाएगा।

कई दिनों तक बंधक बनाए रखने का आरोप

पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार उसे कई दिनों तक घर में बंधक बनाकर रखा गया।

एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस दौरान आरोपी सुल्तान सलाउद्दीन ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं और छेड़छाड़ की। किसी तरह मौका मिलने पर पीड़िता वहां से निकलने में सफल रही। बाहर आने के बाद उसने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

पीड़िता की तहरीर के आधार पर थाना मझोला पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े अन्य आरोपितों की भी पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

एसपी सिटी ने क्या कहा

एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि एक महिला ने जबरन धर्म परिवर्तन कराने, बंधक बनाकर रखने और जबरन निकाह कराने के प्रयास की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक कार्रवाई के तहत आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, कथित मौलवी और दो अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस सभी तथ्यों की गहन जांच कर रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी के खिलाफ पहले से भी मुकदमे होने का दावा

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी सुल्तान सलाउद्दीन के विरुद्ध पहले भी अन्य जनपद में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने का दावा किया गया है। पुलिस इन दावों का भी सत्यापन कर रही है ताकि उसका आपराधिक रिकॉर्ड जांच का हिस्सा बनाया जा सके।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई

यह मामला फिलहाल आरोपों और पुलिस जांच के चरण में है। पीड़िता ने जिन गंभीर आरोपों को अपनी शिकायत में दर्ज कराया है, उनकी सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

इस घटना ने विश्वास, सामाजिक संबंधों और महिलाओं की सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच पर केंद्रित है।

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