महिलाओं की चीखों से मिलता था सुकून ! युवतियों पर केमिकल फेंकने वाला सिरफिरा गिरफ्तार
कानपुर में दहशत फैलाने वाले आरोपी मोहम्मद दिलशाद का सनसनीखेज खुलासा, महिलाओं को दर्द में तड़पता देख होता था खुश
कानपुर में महिलाओं और युवतियों पर ज्वलनशील केमिकल फेंककर दहशत फैलाने वाले आरोपी मोहम्मद दिलशाद की गिरफ्तारी ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। पुलिस जांच में आरोपी की खतरनाक मानसिकता और आपराधिक इतिहास सामने आया है। महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर यह मामला गंभीर चर्चा का विषय बन गया है।
रिपोर्ट: ठाकुर बख्श सिंह
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में महिलाओं और युवतियों पर ज्वलनशील केमिकल फेंककर उन्हें गंभीर रूप से घायल करने वाले एक सनकी अपराधी की गिरफ्तारी ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसने पूछताछ के दौरान ऐसे खुलासे किए हैं जिन्हें सुनकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। आरोपी ने स्वीकार किया कि महिलाओं और युवतियों को दर्द से तड़पते और चीखते हुए देखकर उसे आनंद की अनुभूति होती थी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद दिलशाद के रूप में हुई है, जो पेशे से टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करता है। पुलिस के अनुसार वह पिछले कुछ दिनों से शहर के अलग-अलग इलाकों में अकेली महिलाओं और छात्राओं को निशाना बना रहा था।
छात्रा और नर्स को बनाया निशाना
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सबसे पहले एक छात्रा को निशाना बनाया, जो राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) की तैयारी कर रही थी। शारदा नगर क्षेत्र में उसने छात्रा पर ज्वलनशील केमिकल फेंकने का प्रयास किया, लेकिन निशाना पूरी तरह सफल नहीं हो सका और केमिकल उसके कपड़ों पर गिर गया।
इसके कुछ समय बाद आरोपी ने एक नर्स पर भी हमला किया। हालांकि इस बार भी वह अपने इरादों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाया। इन घटनाओं के बावजूद आरोपी का मनोबल बढ़ता गया और उसने अगले दिन एक और वारदात को अंजाम दिया।
ट्यूशन शिक्षिका पर हमला, हाथों की त्वचा झुलसी
रविवार को कल्याणपुर क्षेत्र की रहने वाली एक ट्यूशन शिक्षिका को आरोपी ने अपना शिकार बनाया। शिक्षिका कोचिंग पढ़ाने के लिए जा रही थीं, तभी साइकिल से आए आरोपी ने उन पर सीधे खतरनाक केमिकल फेंक दिया।
केमिकल के संपर्क में आते ही शिक्षिका के हाथों में तेज जलन शुरू हो गई। जब उन्होंने जलन से राहत पाने के लिए प्रभावित हिस्से को साफ करने का प्रयास किया, तब उनकी त्वचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया।
सीसीटीवी फुटेज से मिला बड़ा सुराग
लगातार हो रही घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। डीसीपी वेस्ट के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की गई।
घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में कुर्ता-पायजामा पहने, पीठ पर बैग टांगे एक संदिग्ध युवक साइकिल से घूमता दिखाई दिया। पुलिस ने इस सुराग के आधार पर तलाश तेज कर दी।
रविवार की घटना के बाद पुलिस ने कई स्थानों पर निगरानी बढ़ाई और अंततः आरोपी मोहम्मद दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से ज्वलनशील केमिकल की कई बोतलें बरामद हुईं। इसके अलावा पुलिस को उसके कब्जे से लगभग 510 ग्राम अवैध चरस भी मिली।
महिलाओं को दर्द में देखकर होता था खुश
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो बातें बताईं, वे बेहद चौंकाने वाली थीं। उसने स्वीकार किया कि वह जानबूझकर अकेली महिलाओं और युवतियों को चुनता था। उन पर केमिकल फेंकने के बाद वह कुछ दूरी पर खड़ा होकर उनकी हालत देखता था।
आरोपी ने बताया कि जब महिलाएं दर्द से तड़पती थीं और सहायता के लिए चीखती थीं, तब उसे मानसिक संतुष्टि और खुशी महसूस होती थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह व्यवहार गंभीर मानसिक विकृति और असामाजिक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
टाइल्स और पत्थर के काम में इस्तेमाल होने वाला केमिकल
जांच में पता चला कि दिलशाद पत्थर और टाइल्स लगाने वाले कारीगरों के साथ काम करता था। इसी काम में उपयोग होने वाले विशेष रासायनिक पदार्थ को वह अपने साथ रखता था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी इस केमिकल को साइकिल में छिपाकर सुनसान इलाकों में निकलता था और मौके की तलाश करता था। जैसे ही उसे कोई अकेली युवती या महिला दिखाई देती, वह हमला कर फरार हो जाता था।
मोबाइल में मिला आपत्तिजनक कंटेंट
पुलिस द्वारा जब आरोपी का मोबाइल फोन खंगाला गया तो उसमें बड़ी मात्रा में अश्लील और विचित्र प्रकार की सामग्री मिली। जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से ऐसे आपत्तिजनक वीडियो देखने का आदी था।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं उसकी मानसिकता पर इस प्रकार की सामग्री का नकारात्मक प्रभाव तो नहीं पड़ा, जिसने उसे इस तरह के अपराध करने के लिए प्रेरित किया।
पहले भी जा चुका है जेल
मोहम्मद दिलशाद का आपराधिक इतिहास भी चिंताजनक रहा है। वर्ष 2022 में उस पर एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगा था। उस मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजा था।
करीब छह महीने जेल में रहने के बाद वह जमानत पर बाहर आया था। पुलिस का मानना है कि जेल से बाहर आने के बाद उसने महिलाओं को प्रताड़ित करने का नया तरीका अपनाया और लगातार वारदातों को अंजाम देने लगा।
सख्त कार्रवाई की तैयारी
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ऐसे अपराधियों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।







