मुस्कुराहट, आत्मविश्वास और नई उड़ान के साथ संपन्न हुआ एनटीपीसी सीपत का बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026
हरीश चन्द्र गुप्ता की रिपोर्ट
एनटीपीसी सीपत द्वारा संचालित बालिका सशक्तिकरण अभियान (जीईएम)-2026 का समापन भावनाओं, उपलब्धियों और नए सपनों के साथ हुआ। लगभग एक माह तक चले इस आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने न केवल सैकड़ों बालिकाओं को नई सीख और आत्मविश्वास दिया, बल्कि उनके अभिभावकों के मन में भी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगाईं। समापन समारोह के दौरान जहां अभिभावकों के चेहरों पर गर्व और संतोष दिखाई दिया, वहीं एक-दूसरे के साथ चार सप्ताह बिताने वाली बालिकाएं अपने साथियों और प्रशिक्षकों से विदा लेते समय भावुक भी नजर आईं।
प्रेरणादायी माहौल में हुआ समापन समारोह
एनटीपीसी सीपत आवासीय परिसर में आयोजित समापन समारोह में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर बालिकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, समूह गीतों, नाट्य प्रस्तुतियों और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपने अनुभवों को साझा किया। इन प्रस्तुतियों में प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्राप्त ज्ञान, आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता की स्पष्ट झलक दिखाई दी।
बालिकाओं द्वारा तैयार की गई प्रदर्शनी भी समारोह का प्रमुख आकर्षण रही। इसमें उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई विभिन्न कलाओं, हस्तशिल्प और रचनात्मक गतिविधियों को प्रदर्शित किया। उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने इन प्रदर्शनों की सराहना की।

शिक्षा और आत्मविश्वास से बदलता है भविष्य
अपने संबोधन में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि किसी भी बालिका के जीवन में शिक्षा, आत्मविश्वास और उचित मार्गदर्शन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि यदि बालिकाओं को सही अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों को आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करें। उनके अनुसार आज की बालिकाएं कल के सशक्त समाज की आधारशिला हैं और उनमें असीम संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और बड़े सपने देखने का साहस विकसित करते हैं।
2019 से अब तक 525 से अधिक बालिकाएं हुईं लाभान्वित
एनटीपीसी सीपत के परियोजना प्रमुख स्वपन कुमार मंडल ने बालिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अनुशासन, सीखने की इच्छा और आत्मविश्वास का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से अब तक एनटीपीसी सीपत के माध्यम से 525 बालिकाएं इस अभियान का लाभ प्राप्त कर चुकी हैं और इस वर्ष 121 नई बालिकाएं इस पहल से जुड़ी हैं।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कार्यक्रम पूरा करने वाली प्रतिभाशाली बालिकाओं में से प्रत्येक वर्ष 10 मेधावी छात्राओं को बाल भारती पब्लिक स्कूल, एनटीपीसी सीपत में कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली बालिकाओं के लिए बेहतर शिक्षा के अवसर सुनिश्चित करती है।
संगवारी महिला समिति ने निभाई परिवार जैसी भूमिका
संगवारी महिला समिति की अध्यक्षा शिखा मंडल ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक लड़की में अपनी अलग पहचान बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता होती है। उन्होंने बालिकाओं से आत्मविश्वास बनाए रखने और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान महिला समिति की सदस्याओं ने बालिकाओं को परिवार के सदस्य की तरह स्नेह, मार्गदर्शन और प्रेरणा देने का प्रयास किया, जिससे प्रशिक्षण का वातावरण और अधिक आत्मीय बन सका।
योग से लेकर कंप्यूटर शिक्षा तक मिला व्यापक प्रशिक्षण
15 मई 2026 से प्रारंभ हुए इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिदिन योगाभ्यास के साथ दिन की शुरुआत होती थी, जिसके बाद शैक्षणिक सत्र आयोजित किए जाते थे।
प्रशिक्षण के दौरान अंग्रेजी भाषा, गणित, कंप्यूटर शिक्षा, संवाद कौशल, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, खेलकूद, संगीत, नृत्य, कला एवं व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों पर विशेष कक्षाएं संचालित की गईं। इसके साथ ही समय प्रबंधन, स्वच्छता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे जीवनोपयोगी मूल्यों की भी शिक्षा दी गई।
करियर मार्गदर्शन और प्रेरक व्यक्तित्वों से मिला मार्गदर्शन
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि बालिकाओं को केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं रखा गया। उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में करियर के अवसरों की जानकारी देने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए।
महिला अधिकारियों के साथ संवाद, करियर काउंसलिंग कार्यक्रम, प्रेरक व्यक्तित्वों से मुलाकात और विशेषज्ञ कार्यशालाओं के माध्यम से बालिकाओं को भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराया गया। एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी समय-समय पर बालिकाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।
आईपीएस अधिकारी और अंतरिक्ष यात्री ने बढ़ाया उत्साह
इस अभियान के दौरान कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने बालिकाओं को प्रेरित किया। आईपीएस अधिकारी अंशिका जैन ने अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें लक्ष्य निर्धारण और कठिन परिश्रम का महत्व समझाया।
वहीं भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर बालिकाओं का मनोबल बढ़ाया। इसके अलावा शिक्षाविदों, उद्यमियों, बैंकिंग विशेषज्ञों, पर्वतारोही निशा यादव तथा मीडिया क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भी विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
विज्ञान, सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता पर विशेष सत्र
प्रशिक्षण के दौरान अंतरिक्ष विज्ञान पर आयोजित विशेष सत्र में बालिकाओं को ग्रहों, उपग्रहों और भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी गई। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (फायर) द्वारा अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आग से बचाव और अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
कठपुतली कला कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छता, पोषण, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा गुड टच और बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों को रोचक तरीके से समझाया गया। इससे बालिकाओं में सामाजिक और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी।

रचनात्मक गतिविधियों से निखरी प्रतिभा
बालिकाओं के भीतर छिपी प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए चित्रकला, क्ले आर्ट, पर्यावरण संरक्षण कार्यशालाएं, रचनात्मक गतिविधियां, खेल प्रतियोगिताएं और समूह कार्यक्रम आयोजित किए गए। सफारी पार्क भ्रमण, फिल्म प्रदर्शन और टीम बिल्डिंग गतिविधियों ने प्रशिक्षण को और अधिक रोचक बनाया।
इन गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं में रचनात्मक सोच, सहयोग की भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास हुआ।
अभिभावकों की सहभागिता रही विशेष आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक सप्ताह अभिभावक मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इससे अभिभावकों को अपनी बेटियों की प्रगति को करीब से देखने और उनके अनुभव जानने का अवसर मिला। बालिकाओं के जन्मदिन भी सामूहिक रूप से मनाए गए, जिससे पूरे प्रशिक्षण काल में एक पारिवारिक और सकारात्मक वातावरण बना रहा।
देशभर में बदलाव की मिसाल बन रहा है अभियान
उल्लेखनीय है कि एनटीपीसी लिमिटेड ने वर्ष 2018 में बालिका सशक्तिकरण अभियान की शुरुआत की थी। आज यह पहल देशभर में 13 हजार से अधिक बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन चुकी है। एनटीपीसी सीपत में वर्ष 2019 से संचालित यह अभियान शिक्षा, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और जीवन कौशल के माध्यम से बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026 का समापन केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का अंत नहीं, बल्कि उन सैकड़ों बेटियों के लिए नए सपनों, नए आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है, जो आने वाले समय में समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हो रही हैं।







