मेधा सम्मान समारोह में प्रतिभाओं का हुआ सम्मान, विधायक शलभ मणि त्रिपाठी बोले– सफलता का यह सिर्फ पहला पड़ाव
देवरिया में मेधावी छात्रों और साहित्यकारों को सम्मानित कर बढ़ाया गया उत्साह
देवरिया के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित मेधा सम्मान समारोह में जनपद के 70 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का यह केवल पहला पड़ाव है और उन्हें आगे भी निरंतर मेहनत कर बड़े लक्ष्य हासिल करने होंगे। समारोह में विभिन्न विद्यालयों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ साहित्यकारों को भी सम्मानित किया गया। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति एवं सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों, पत्रकारों, अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। यह आयोजन शिक्षा, प्रतिभा और सामाजिक जागरूकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
रिपोर्ट: इरफान अली लारी
देवरिया। शिक्षा, परिश्रम और लगन के बल पर जीवन में बड़ी से बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है। प्रतिभा किसी विशेष परिवार या आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होती, बल्कि निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। इसी संदेश के साथ देवरिया में आयोजित मेधा सम्मान समारोह में जनपद के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वर्तमान उपलब्धि उनकी सफलता की अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि यह केवल पहला पड़ाव है। उन्हें इससे आगे बढ़कर जीवन में और भी बड़े लक्ष्य हासिल करने होंगे।
नगर पालिका परिषद देवरिया स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित यह समारोह भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति तथा सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ की जिला इकाई द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक, पत्रकार, साहित्यकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
मेहनत और लगन से मिलती है सफलता : शलभ मणि त्रिपाठी
समारोह को संबोधित करते हुए सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज जिन विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा रहा है, उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से यह उपलब्धि प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि यदि केवल पारिवारिक संपन्नता ही सफलता का आधार होती, तो देश में केवल बड़े उद्योगपतियों और धनाढ्य परिवारों के बच्चे ही आगे बढ़ पाते। वास्तविकता यह है कि समाज के सामान्य परिवारों से निकलकर भी अनेक युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर देश और दुनिया में नाम रोशन कर रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता की राह में निरंतर प्रयास सबसे महत्वपूर्ण होता है। एक परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना या सम्मान हासिल करना जीवन की अंतिम उपलब्धि नहीं है। यह तो केवल एक शुरुआत है। आगे भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ अध्ययन करते हुए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं है, बल्कि एक बेहतर नागरिक बनना भी है। विद्यार्थियों को अपने माता-पिता, गुरुजनों और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को समझते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्ञान और संस्कार का समन्वय ही व्यक्ति को वास्तविक सफलता प्रदान करता है।
आयोजन की सराहना करते हुए बोले विधायक सुरेंद्र चौरसिया
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रामपुर कारखाना विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को सम्मानित करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा ऐसे आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं।
उन्होंने आयोजक संस्था की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े संगठन जब शिक्षा और प्रतिभा सम्मान जैसे कार्यक्रम आयोजित करते हैं, तो इसका लाभ पूरे समाज को मिलता है।
70 मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला सम्मान
मेधा सम्मान समारोह के दौरान जनपद के विभिन्न विद्यालयों के कुल 70 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन विद्यार्थियों ने शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि ऐसे सम्मान छात्रों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वालों को भी मिला सम्मान
शिक्षा के साथ-साथ साहित्यिक और सामाजिक योगदान को भी कार्यक्रम में विशेष महत्व दिया गया। समारोह के दौरान रानी दुर्गावती, अंजली अरोड़ा खुशबू, प्रार्थना राय, सुनीता सरोवर, डॉ. रीना मिश्रा तथा पार्वती देवी गौरा को साहित्य सम्मान प्रदान किया गया।
इन साहित्यकारों को समाज, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया और उनके कार्यों की सराहना की।
कई प्रमुख वक्ताओं ने रखे विचार
कार्यक्रम के दौरान संगठन के राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रवक्ता मार्कण्डेय मिश्रा ने कहा कि प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान अर्जन के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने की अपील की।
संगठन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार दिलावर सिंह ने कहा कि शिक्षा ही समाज को नई दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को उचित मंच और सम्मान मिलना आवश्यक है, जिससे वे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
राष्ट्रीय प्रवक्ता चतुर्भुज शुक्ला, संतोष मिश्रा, जिलाध्यक्ष एस.एन. पाण्डेय सहित विभिन्न विद्यालयों के दो दर्जन से अधिक वक्ताओं ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया।
पत्रकार, शिक्षक और बुद्धिजीवियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में पत्रकारिता, शिक्षा, विधि और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित लोगों ने भाग लिया। वरिष्ठ पत्रकार केपी गुप्ता, पत्रकार दिनेश राव, डॉ. संजय गुप्ता, बृजेश वर्मा, प्रदीप कुमार, प्रेम कुमार यादव, विजय शंकर रावत सहित अनेक अधिवक्ता, शिक्षक और बुद्धिजीवी समारोह में उपस्थित रहे।
उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। सभी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने का सफल प्रयास
देवरिया में आयोजित यह मेधा सम्मान समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है।
मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान के साथ-साथ साहित्यकारों और समाजसेवियों को भी मंच प्रदान कर आयोजन ने शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा दिए गए प्रेरणादायी संदेश विद्यार्थियों के लिए लंबे समय तक मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।








