हरदोई

रात में घर से गई बेटी सुबह लौटी तो बरपा कहर, पिता और परिजनों ने पीट-पीटकर मार डाला

मनदीप पाल की रिपोर्ट

हरदोई उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। संडीला क्षेत्र के एक गांव में 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार युवती के पिता, दो चाचा और एक चाची पर उसे बेरहमी से पीट-पीटकर मार डालने का आरोप है। आरोप है कि घटना के बाद मौत को आत्महत्या या सांप के काटने से हुई प्राकृतिक मृत्यु साबित करने की भी कोशिश की गई।

पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गांव में इस घटना को लेकर भारी चर्चा है और लोग इसे परिवार के भीतर हुई एक बेहद दुखद और अमानवीय वारदात के रूप में देख रहे हैं।

आधी रात को घर से निकली, सुबह वापस लौटने पर शुरू हुआ विवाद

घटना संडीला क्षेत्र के मीतो के मजरा समदखेड़ा गांव की बताई जा रही है। यहां रहने वाले एक परिवार की बड़ी बेटी 3 जून की रात अचानक घर से कहीं चली गई थी। परिवार के लोगों को उसकी मौजूदगी का पता नहीं चला। बताया जाता है कि वह रात करीब बारह बजे के बाद घर से बाहर गई थी और चार जून की सुबह लगभग चार बजे वापस लौटी।

सुबह घर लौटते समय पिता की नजर बेटी पर पड़ गई। देर रात घर से बाहर रहने और बिना बताए जाने को लेकर पिता नाराज हो गया। पहले कहासुनी हुई और फिर विवाद बढ़ता चला गया। शोर-शराबा सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए और मौके पर पहुंच गए। पुलिस के अनुसार इसी दौरान युवती के साथ मारपीट शुरू हो गई, जिसने कुछ ही देर में हिंसक रूप ले लिया।

परिवार के कई सदस्य मारपीट में शामिल होने के आरोपी

जांच में सामने आया है कि युवती के पिता के अलावा उसके दो चाचा और एक चाची भी विवाद के दौरान मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि चारों ने मिलकर युवती की बेरहमी से पिटाई की।

ग्रामीणों और पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार युवती को लगातार लात-घूंसों से पीटा गया। आरोप है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि परिवार ने शुरुआत में इस बात को छिपाने का प्रयास किया और घटना को सामान्य मृत्यु या आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पुलिस का मानना है कि मौत के बाद परिवार के लोगों ने सबूतों को प्रभावित करने और मामले को दूसरी दिशा देने की कोशिश की।

मौत के बाद रची गई कथित कहानी

जांच में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया कि युवती की मौत के बाद उसे प्राकृतिक या आत्मघाती मौत साबित करने की तैयारी की गई। पुलिस के अनुसार शरीर पर कुछ ऐसे निशान बनाए गए जिन्हें सांप के काटने का निशान बताने की कोशिश की गई। इसके अलावा गले पर भी ऐसे निशान बनाने की बात सामने आई है, जिससे घटना को आत्महत्या का रूप दिया जा सके।

हालांकि गांव में हुई चर्चा और परिजनों के व्यवहार ने लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया। यही संदेह बाद में पूरे मामले के खुलासे का कारण बना।

बिना सूचना किए कर दिया अंतिम संस्कार

घटना के बाद परिवार ने पुलिस या प्रशासन को सूचना दिए बिना युवती का अंतिम संस्कार कर दिया। यही बात ग्रामीणों को सबसे अधिक संदिग्ध लगी।

आमतौर पर किसी युवा लड़की की अचानक मौत होने पर पुलिस को सूचना दी जाती है और पोस्टमार्टम कराया जाता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। बताया जाता है कि जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किए जाने से गांव के कई लोगों को संदेह हुआ कि कहीं मौत के पीछे कोई गंभीर कारण तो नहीं है। ग्रामीणों ने आपस में चर्चा करने के बाद पुलिस को सूचना देने का फैसला किया। इसी सूचना के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।

ग्रामीणों की सूचना बनी जांच की वजह

घटना के दो दिन बाद जब ग्रामीणों की ओर से पुलिस को सूचना दी गई तो पुलिस सक्रिय हुई। प्रारंभिक पूछताछ में कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने संदेह को और मजबूत कर दिया।

इसके बाद पुलिस ने परिवार के लोगों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान मृतका की मां भी अपनी छोटी बेटी के साथ पुलिस के पास पहुंची और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया कि युवती की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पिता, दो चाचा और एक चाची को हिरासत में लिया।

पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना के बाद साक्ष्य छिपाने और अंतिम संस्कार करने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

पूछताछ में सामने आए महत्वपूर्ण तथ्य

जांच अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि युवती के घर से बाहर जाने को लेकर परिवार के लोग बेहद नाराज थे। उसी नाराजगी के चलते उसके साथ हिंसक व्यवहार किया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मारपीट के बाद मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपपत्र तैयार किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक घटना के बाद पुलिस को सूचना न देना और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर देना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सामाजिक दृष्टि से भी गंभीर मामला

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि समाज के सामने कई सवाल भी खड़े करती है। परिवार के भीतर संवाद की कमी, सम्मान और सामाजिक दबाव की मानसिकता तथा विवादों को हिंसा से हल करने की प्रवृत्ति जैसी समस्याएं आज भी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी परिस्थिति में कानून को हाथ में लेना स्वीकार्य नहीं है। यदि परिवार को किसी बात पर आपत्ति थी तो उसके समाधान के लिए कानूनी और सामाजिक रास्ते उपलब्ध थे। हिंसा का रास्ता चुनना न केवल अपराध है बल्कि एक परिवार को हमेशा के लिए तबाह कर देता है।

पुलिस ने शुरू की आगे की कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है और जांच अधिकारी उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है और लोग इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं।

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