बाजार में खुला ट्रांसफार्मर बना हादसे का कारण, विभागीय लापरवाही से बढ़ा बड़ा खतरा
सुरक्षा इंतजामों के अभाव में ट्रांसफार्मर परिसर में घुसा छुट्टा पशु, स्थानीय लोगों में नाराजगी
राम कीर्ति यादव की रिपोर्ट
जौनपुर जनपद के मुफ़्तीगंज विकास खंड क्षेत्र स्थित मुफ़्तीगंज बाजार में लगा विद्युत ट्रांसफार्मर इन दिनों गंभीर सुरक्षा चिंताओं का कारण बना हुआ है। ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के अभाव और बढ़ती गंदगी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में सामने आई तस्वीरों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और लापरवाही पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि एक छुट्टा पशु ट्रांसफार्मर परिसर के भीतर पहुंच गया, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो यह ट्रांसफार्मर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
सुरक्षा घेरा नहीं होने से बढ़ा जोखिम
मुफ़्तीगंज बाजार में स्थापित यह ट्रांसफार्मर खुले क्षेत्र में लगा हुआ है। इसके चारों ओर न तो कांटेदार तार की घेराबंदी की गई है और न ही कोई मजबूत बाउंड्री वॉल बनाई गई है। यही कारण है कि आवारा पशु और अन्य लोग आसानी से ट्रांसफार्मर के नजदीक पहुंच जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार उच्च वोल्टेज वाले विद्युत उपकरणों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होना अनिवार्य है। लेकिन मुफ़्तीगंज बाजार में लगे ट्रांसफार्मर के आसपास ऐसी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। इससे न केवल पशुओं बल्कि आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों के लिए भी खतरा बढ़ गया है।
ट्रांसफार्मर परिसर में फैली गंदगी बनी चिंता का विषय
स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रांसफार्मर के आसपास लंबे समय से सफाई नहीं कराई गई है। परिसर में सूखी घास, कूड़ा-कचरा और अन्य ज्वलनशील सामग्री जमा है। ऐसी स्थिति में यदि किसी कारणवश शॉर्ट सर्किट होता है और चिंगारी निकलती है, तो आसपास आग लगने का खतरा बढ़ सकता है।
बाजार क्षेत्र होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। आग लगने की स्थिति में दुकानों, मकानों और लोगों की जान-माल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विभाग को नियमित रूप से ऐसे संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण और सफाई करानी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने उठाए विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल
मुफ़्तीगंज बाजार के व्यापारियों और ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की ओर से बार-बार शिकायत करने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि ट्रांसफार्मर के चारों ओर मजबूत घेराबंदी कर दी जाती तो छुट्टा पशु अंदर नहीं पहुंचता और दुर्घटना की संभावना भी कम हो जाती।
स्थानीय निवासियों का मानना है कि विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
बाजार क्षेत्र होने से बढ़ी संवेदनशीलता
मुफ़्तीगंज बाजार क्षेत्र स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग खरीदारी और अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे व्यस्त इलाके में खुले और असुरक्षित ट्रांसफार्मर का होना चिंता का विषय है।
विशेष रूप से बारिश के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है। जलभराव, नमी और विद्युत उपकरणों के संपर्क में आने से करंट फैलने की संभावना रहती है। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।
नागरिकों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
क्षेत्रीय लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि ट्रांसफार्मर के चारों ओर जल्द से जल्द मजबूत बाउंड्री वॉल या कांटेदार तार लगवाया जाए। साथ ही परिसर की सफाई कराकर ज्वलनशील सामग्री हटाई जाए ताकि आग लगने की आशंका समाप्त हो सके।
लोगों का कहना है कि विभाग को केवल विद्युत आपूर्ति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी उसकी जिम्मेदारी है। नियमित निरीक्षण और रखरखाव से ऐसे खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
प्रशासन और विभाग से उम्मीदें
स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि बिजली विभाग और प्रशासन इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर शीघ्र कार्रवाई करेंगे। यदि सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जाती है तो संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
फिलहाल मुफ़्तीगंज बाजार में लगा यह ट्रांसफार्मर लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। तस्वीरों में दिख रही स्थिति साफ संकेत दे रही है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तत्काल सुधार की आवश्यकता है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग कब तक इस समस्या का समाधान करता है और क्षेत्रवासियों को संभावित खतरे से राहत दिलाता है।








