शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की एकजुटता का संदेश, देवरिया में महासंघ सम्मेलन में नई कार्यकारिणी का गठन
शिक्षण संस्थानों की मजबूती में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भूमिका पर हुआ मंथन
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया जनपद के अशोक इंटर कॉलेज, डुमरी रामपुर कारखाना में शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ जनपद-देवरिया द्वारा आयोजित जनपदीय सम्मेलन और नवीन कार्यकारिणी गठन कार्यक्रम में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं, अधिकारों और संगठन की मजबूती को लेकर व्यापक चर्चा हुई। सम्मेलन में जिले भर से आए शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, प्रधानाचार्यों और संगठन पदाधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामपुर कारखाना विधायक सुरेंद्र चौरसिया रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजय द्विवेदी ने की। सम्मेलन में संगठन की नई कार्यकारिणी के गठन के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित कर उनके योगदान को याद किया गया।
कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की आवाज बना सम्मेलन
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। जिला अध्यक्ष विनोद सिंह ने मुख्य अतिथि समेत सभी आगंतुकों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। सम्मेलन में मौजूद कर्मचारियों ने शिक्षा व्यवस्था में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में इन कर्मचारियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक और सेवा संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में संगठनात्मक एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। सम्मेलन के दौरान कर्मचारियों के हितों की रक्षा, पदोन्नति, सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा की गई।
विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने कर्मचारियों को दिया भरोसा
मुख्य अतिथि विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। विद्यालयों के संचालन में उनकी भूमिका बेहद अहम है और सरकार भी उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कर्मचारियों से संगठित होकर सकारात्मक तरीके से अपनी बात रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता केवल शिक्षकों के प्रयासों से नहीं बल्कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सहयोग से भी मजबूत होती है। ऐसे सम्मेलन कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ संगठनात्मक शक्ति को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष विजय द्विवेदी ने संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष विजय द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान समय में कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन का मजबूत होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं, लेकिन कई बार उन्हें अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल पातीं।
उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों से कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से उठाने और उनके समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महासंघ कर्मचारियों की आवाज को शासन स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित कर जताया आभार
सम्मेलन में इस वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने उनके लंबे सेवा काल और शिक्षा संस्थानों में दिए गए योगदान की सराहना की। सम्मान प्राप्त करने वाले कर्मचारियों ने भी संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन कर्मचारियों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य करते हैं।
सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को भावुक और प्रेरणादायक माहौल प्रदान किया। उपस्थित कर्मचारियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सेवानिवृत्त साथियों का अभिनंदन किया।
कई प्रमुख शिक्षाविद और पदाधिकारी रहे मौजूद
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष माधव प्रसाद सिंह, महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. शशिपाल राव, वकील सिंह, महासचिव अवधेश मिश्र सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश सचिव आलोक राय ने किया। उन्होंने संगठन की गतिविधियों और सम्मेलन की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। सम्मेलन के दौरान कर्मचारियों ने संगठन की मजबूती और एकजुटता का संदेश दिया।
निर्विरोध चुनी गई नई कार्यकारिणी
सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नई जिला कार्यकारिणी का गठन रहा। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सहमति के वातावरण में संपन्न हुई। सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन ने संगठनात्मक एकता का संदेश दिया।
नई कार्यकारिणी में विनोद सिंह को जिला अध्यक्ष चुना गया, जबकि शैलेन्द्र श्रीवास्तव को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। आशुतोष द्विवेदी जिला मंत्री और कृष्ण कुमार सिंह जिला कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए। पदाधिकारियों के निर्वाचन के बाद उपस्थित कर्मचारियों ने उनका स्वागत करते हुए संगठन को नई दिशा देने की उम्मीद जताई।
संगठनात्मक एकता से कर्मचारियों में बढ़ा उत्साह
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित कर्मचारियों ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। सम्मेलन में बार-बार इस बात पर जोर दिया गया कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब संगठन मजबूत और सक्रिय रहेगा।
जनपद स्तर पर आयोजित इस सम्मेलन ने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में नया उत्साह भरने का कार्य किया। कार्यक्रम में मौजूद कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि नई कार्यकारिणी कर्मचारियों की आवाज को मजबूती से उठाएगी और उनके हितों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगी.








