16 अक्टूबर 2026 6:00 अपराह्न

सेवा संकल्प अभियान में स्वच्छता और पोषण को लेकर जागरूकता, विधायक ने दिलाया जिम्मेदारी का संकल्प

देवरिया में सेवा संकल्प अभियान 2026 के कार्यक्रम में स्वच्छता और पोषण जागरूकता के दौरान उपस्थित महिलाएं, जनप्रतिनिधि और रिपोर्टर इरफान अली लारी

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया। सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत सोमवार को देवरिया जिले में स्वच्छता, पोषण और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आयोजित आंगनबाड़ी मिलन सेवा कार्यक्रम को राष्ट्रीय पोषण माह से भी जोड़ा गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और ग्रामीण महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया गया।

स्वच्छता को केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित रखने की जरूरत नहीं

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाटपाररानी विधायक सभाकुंवर कुशवाहा ने कहा कि स्वच्छता किसी एक स्थान या वर्ग की जिम्मेदारी नहीं है। इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर घर से लेकर आसपास के सार्वजनिक स्थानों तक स्वच्छता बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई के प्रति जिस तरह लोग सजग रहते हैं, उसी भावना के साथ घर, गलियों, नालियों और आसपास के पूरे वातावरण को स्वच्छ रखने की आदत विकसित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता का सीधा संबंध स्वस्थ जीवन से है। गंदगी के कारण अनेक प्रकार की समस्याएं पैदा हो सकती हैं और इसका प्रभाव बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इसलिए स्वच्छता को केवल अभियान के दौरान होने वाली गतिविधि न मानकर नियमित व्यवहार में शामिल किया जाना चाहिए।

विधायक ने कहा कि घर के आसपास जमा कूड़ा, गंदा पानी और अव्यवस्थित नालियां स्थानीय स्तर पर कई परेशानियों का कारण बन सकती हैं। ऐसे में प्रत्येक परिवार को अपने स्तर पर साफ-सफाई रखने के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।

जनभागीदारी से मजबूत होगा स्वच्छता का संदेश

कार्यक्रम में स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। विधायक ने कहा कि किसी भी बड़े सामाजिक अभियान की सफलता तभी संभव है, जब समाज का प्रत्येक वर्ग उसमें अपनी भूमिका निभाए। देश की बड़ी आबादी यदि स्वच्छता को अपनी व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करे तो इसके सकारात्मक परिणाम व्यापक स्तर पर दिखाई दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता का संदेश केवल भाषणों और आयोजनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए परिवारों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण समुदायों के स्तर पर लगातार जागरूकता की आवश्यकता है। लोगों को यह समझना होगा कि साफ-सफाई रखने से न केवल वातावरण बेहतर होता है, बल्कि स्वस्थ जीवन के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां तैयार होती हैं।

कार्यक्रम में मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से भी अपने कार्यक्षेत्र में स्वच्छता संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया। उनसे कहा गया कि वे बच्चों और उनके अभिभावकों को साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में जानकारी देती रहें।

राष्ट्रीय पोषण माह के साथ स्वास्थ्य पर भी जोर

आंगनबाड़ी मिलन सेवा कार्यक्रम को राष्ट्रीय पोषण माह से जोड़ते हुए पोषण संबंधी जागरूकता को भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। महिलाओं के बीच बच्चों के समुचित पोषण, स्वास्थ्य और परिवार की बेहतर देखभाल को लेकर जागरूकता फैलाने पर चर्चा हुई।

आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं तक पोषण तथा स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचाने में मदद मिलती है। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका केवल बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि वे ग्रामीण परिवारों में स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक जागरूकता का संदेश पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी भी हैं।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर नियमित ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही परिवारों में स्वच्छता की आदत विकसित करने तथा बच्चों को शुरुआती उम्र से ही साफ-सफाई के महत्व के बारे में समझाने की जरूरत बताई गई।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से योजनाओं का संदेश घर-घर पहुंचाने की अपील

कार्यक्रम में मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की गई। ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

वक्ताओं ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपने संपर्क क्षेत्र में महिलाओं और परिवारों को उपलब्ध योजनाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें निर्धारित प्रक्रियाओं के बारे में भी जागरूक कर सकती हैं।

महिलाओं से भी आग्रह किया गया कि वे अपने परिवार तक ही जागरूकता सीमित न रखें, बल्कि पड़ोस और समुदाय की अन्य महिलाओं को भी स्वच्छता, पोषण और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दें। इससे जागरूकता का दायरा व्यापक किया जा सकता है।

स्वच्छता की शुरुआत अपने घर और आसपास से

कार्यक्रम का मूल संदेश यही रहा कि स्वच्छता किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामाजिक प्रक्रिया है। अपने घर की सफाई के साथ घर के आसपास की गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की जिम्मेदारी भी नागरिकों को समझनी होगी।

विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा लंबे समय से यह बात कही जाती रही है कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। इसी कारण बच्चों और महिलाओं के बीच स्वच्छता तथा पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण महिलाओं ने भी स्वच्छता और पोषण से जुड़े संदेशों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने तथा परिवार के अन्य सदस्यों को इसके लिए प्रेरित करने की बात कही।

सामूहिक प्रयास से बनेगा स्वस्थ और स्वच्छ समाज

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छता और पोषण को एक-दूसरे से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के रूप में सामने रखा गया। साफ वातावरण, बेहतर पोषण और जागरूक परिवार स्वस्थ समाज के निर्माण की बुनियाद माने जाते हैं। ऐसे में ग्रामीण स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से स्वच्छता के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने तथा बच्चों और परिवारों के स्वास्थ्य एवं पोषण को लेकर सजग रहने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में यह संदेश भी प्रमुखता से सामने आया कि सरकारी अभियानों की सफलता केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है। इसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। जब स्वच्छता को व्यक्तिगत आदत और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जाएगा, तभी इसके स्थायी परिणाम सामने आएंगे। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से इसी सामूहिक जिम्मेदारी और जागरूकता को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

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