इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। नगर पंचायत बैतालपुर की पूनम पत्नी मिथलेश के लिए पक्का मकान कभी दूर का सपना था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह मिट्टी की दीवारों वाले कच्चे घर में पॉलीथिन डालकर रहने को मजबूर थीं। बरसात में छत से पानी टपकता था और बच्चों समेत पूरे परिवार को परेशानी उठानी पड़ती थी। आज उनके पास पक्का मकान है और वर्षों पुरानी चिंता पीछे छूट चुकी है।
आवास योजना ने जगाई उम्मीद
पूनम को जब प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की जानकारी मिली तो उन्होंने इसके लिए आवेदन किया। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), देवरिया के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आवेदन प्रक्रिया में सहयोग किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें स्वीकृति पत्र मिला और मकान निर्माण के लिए पहली किस्त बैंक खाते में पहुंची।
धनराशि मिलने के साथ ही निर्माण कार्य शुरू हुआ। विभाग की ओर से समय-समय पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त उपलब्ध कराई गई। इन किस्तों के सहारे मकान का निर्माण चरणबद्ध तरीके से पूरा हुआ।
हर किस्त के साथ मजबूत होती गई नींव
पूनम के लिए मकान का निर्माण सिर्फ ईंट और सीमेंट जोड़ने का काम नहीं था। यह उस परिवार की वर्षों पुरानी जरूरत को पूरा करने की प्रक्रिया थी, जो मौसम के भरोसे अपना जीवन गुजार रहा था।
निर्माण पूरा होने के बाद कच्ची दीवारों और पॉलीथिन की जगह मजबूत मकान ने ले ली। अब बारिश होने पर परिवार को छत टपकने की चिंता नहीं रहती। बच्चों को भी सुरक्षित माहौल मिला है।
पक्की छत ने दिया सुकून
पूनम बताती हैं कि पहले बरसात शुरू होते ही घर को लेकर चिंता बढ़ जाती थी। अब स्थिति बदल गई है। पक्के मकान ने परिवार को मौसम से सुरक्षा के साथ जीवन में स्थिरता का एहसास दिया है।
उनके लिए यह घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष के बाद हासिल हुई राहत है। पक्की छत ने परिवार के भीतर भविष्य को लेकर भरोसा भी बढ़ाया है।
सरकार के प्रति जताया आभार
पूनम ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आवास योजना के माध्यम से उनके परिवार का पक्के घर का सपना पूरा हुआ। उन्होंने योजना का लाभ दिलाने में सहयोग के लिए डूडा, देवरिया के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया।
पूनम की कहानी उन परिवारों की उम्मीद को सामने लाती है, जिनके लिए सुरक्षित आवास लंबे समय तक आर्थिक मजबूरी के कारण दूर रहा। मिट्टी की दीवारों से शुरू हुआ उनका सफर अब पक्की छत तक पहुंच चुका है—जहां बारिश चिंता नहीं, सामान्य मौसम का हिस्सा है और परिवार अपने भविष्य को लेकर पहले से अधिक आश्वस्त है।













