16 अक्टूबर 2026 5:26 अपराह्न

चित्रकूट के कालूपुर पाही में जलनिकासी बनी मुसीबत, घरों में घुसा पानी; विधवा महिला ने बयां किया दर्द

चित्रकूट के कालूपुर पाही विस्तारित क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था ठप होने से घरों में भरे बारिश के पानी का दृश्य, पीड़ित विधवा महिला गोल्हरी और रिपोर्टर संजय सिंह राणा की तस्वीर सहित फीचर इमेज।

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

The specified slider id does not exist.

रिपोर्ट: संजय सिंह राणा

चित्रकूट। जिला मुख्यालय कर्वी से सटे नगर पालिका परिषद चित्रकूटधाम कर्वी के विस्तारित क्षेत्र कालूपुर पाही (ट्रांसपोर्ट नगर) में बारिश के बाद जलनिकासी की समस्या ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-35 के किनारे बसे इस क्षेत्र में पानी की समुचित निकासी नहीं होने के कारण बारिश का पानी घरों के आसपास जमा होने के साथ ही कई घरों के भीतर तक पहुंच गया। जलभराव से प्रभावित लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा उन्हें घर, रास्ते और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच पानी से होकर गुजरना पड़ता है।

इसी समस्या से परेशान गोल्हरी पत्नी स्वर्गीय राजा यादव, निवासी कालूपुर पाही, विस्तारित क्षेत्र ट्रांसपोर्ट नगर, नगर पालिका परिषद चित्रकूटधाम कर्वी, ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उनके घर में पानी घुस आया है। उनका कहना है कि बारिश के दिनों में घर और आसपास का क्षेत्र जलभराव की चपेट में आ जाता है, जिससे परिवार के सामने भारी परेशानी खड़ी हो जाती है।

नगर पालिका में शामिल हुआ कालूपुर पाही, लेकिन जलनिकासी का सवाल बरकरार

कालूपुर पाही उन क्षेत्रों में शामिल है जिन्हें चित्रकूट नगर पालिका परिषद के विस्तारित क्षेत्र में जोड़ा गया था। उपलब्ध पूर्व प्रकाशित विवरणों के अनुसार नगर पालिका के विस्तार में कालूपुर पाही समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया गया था। विस्तार का उद्देश्य इन इलाकों को नगरीय सुविधाओं से जोड़ना था।

स्थानीय लोगों के सामने अब सवाल यह है कि नगर सीमा में शामिल होने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं, खासकर नाली, नाला और बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था कितनी प्रभावी हो पाई है। कालूपुर पाही में सामने आई समस्या इसी बड़े सवाल की ओर इशारा करती है।

शहरी क्षेत्र का विस्तार होने के बाद आबादी और निर्माण गतिविधियां बढ़ने के साथ जलनिकासी की जरूरत भी बढ़ जाती है। यदि प्राकृतिक पानी के रास्ते बाधित हों या पर्याप्त नालियां उपलब्ध न हों तो बारिश का पानी सड़क और घरों के आसपास जमा होने लगता है। कालूपुर पाही के लोगों की शिकायत इसी तरह की स्थिति से जुड़ी बताई जा रही है।

घर में पानी घुसने से बढ़ी विधवा महिला की परेशानी

जलभराव से प्रभावित गोल्हरी का मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि वह विधवा महिला हैं। उनका कहना है कि बारिश के दौरान घर में पानी घुसने से रहने-सहने में कठिनाई होती है। घर में जमा पानी केवल आने-जाने की समस्या नहीं पैदा करता, बल्कि घरेलू सामान और जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित रखना भी चुनौती बन जाता है।

स्थानीय स्तर पर यदि जलनिकासी की व्यवस्था लगातार बाधित रहती है तो बरसात खत्म होने के बाद भी गड्ढों और निचले हिस्सों में पानी जमा रह सकता है। इससे कीचड़, दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में जलभराव को केवल यातायात की परेशानी के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिक सुविधा और स्वच्छता से जुड़े विषय के रूप में भी देखा जाना जरूरी है।

राष्ट्रीय राजमार्ग-35 के किनारे होने से बढ़ता है महत्व

कालूपुर पाही का क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग-35 के किनारे स्थित बताया गया है। जिला मुख्यालय के नजदीक और प्रमुख मार्ग से जुड़ा होने के कारण इस क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या का समाधान स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आवागमन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

बारिश के समय यदि सड़क के किनारे पानी जमा रहता है तो पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहन चालकों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। सड़क किनारे जलभराव से न केवल आवागमन प्रभावित होता है बल्कि सड़क की स्थिति पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

ऐसे इलाकों में प्रभावी जलनिकासी के लिए केवल अस्थायी रूप से पानी निकालना पर्याप्त नहीं माना जाता। जलभराव वाले स्थान की भौगोलिक स्थिति, नालियों की दिशा, सड़क की ऊंचाई, पानी के प्राकृतिक बहाव और अंतिम निकासी स्थल का परीक्षण करना आवश्यक होता है।

चित्रकूट में पहले भी सामने आ चुकी है जलभराव की समस्या

चित्रकूट जिले में इस वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या कई स्थानों पर सामने आ चुकी है। जुलाई में जिले में 78 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने के बाद कई स्थानों पर सड़कों के जलमग्न होने की खबर सामने आई थी। अगस्त में 64 मिलीमीटर बारिश के बाद भी सड़क और निचले इलाकों में जलभराव से आवागमन प्रभावित होने की सूचना प्रकाशित हुई।

अगस्त के अंत में कर्वी के शंकर बाजार क्षेत्र में नाला चोक होने से दुकानों के सामने पानी भर गया था। स्थानीय दुकानदारों के विरोध के बाद प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से नाले की सफाई कराई, जिसके बाद जलभराव समाप्त कराया गया।

यह घटनाएं बताती हैं कि कर्वी नगर क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी का सवाल अलग-अलग स्थानों पर सामने आता रहा है। ऐसे में कालूपुर पाही में घरों तक पानी पहुंचने की शिकायत को भी व्यापक जलनिकासी व्यवस्था के संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।

विस्तारित क्षेत्रों में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की जरूरत

नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्रों में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि पुराने ग्रामीण ढांचे को धीरे-धीरे नगरीय सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जाए। जिन स्थानों पर पहले बारिश का पानी खेतों, खाली भूखंडों या प्राकृतिक नालों के रास्ते निकल जाता था, वहां नए निर्माण और सड़कों के कारण पानी का बहाव बदल सकता है।

यदि उस बदले हुए बहाव के अनुरूप नालियों और बड़े नालों की व्यवस्था नहीं की जाती तो पानी आबादी वाले हिस्सों में रुक सकता है। कालूपुर पाही जैसे विस्तारित क्षेत्रों में इसी पहलू का तकनीकी सर्वेक्षण कराना उपयोगी हो सकता है।

पूर्व में नगर पालिका के एक अन्य विस्तारित क्षेत्र बनकट मोड़ में भी उचित जलनिकासी नहीं होने से जलभराव की समस्या सामने आने की खबर प्रकाशित हुई थी। उस दौरान नाली के ऊपर अतिक्रमण और नालियों की सफाई को लेकर भी समस्या बताई गई थी तथा स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया गया था।

हाल के दिनों में जलनिकासी पर प्रशासनिक सक्रियता भी दिखी

चित्रकूट जिले में जलनिकासी को लेकर हाल में प्रशासनिक स्तर पर कार्यों की खबरें भी सामने आई हैं। सितंबर 2026 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में जलभराव वाले क्षेत्र में नाला निर्माण के माध्यम से समस्या के समाधान की बात सामने आई।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश नगर विकास विभाग के सितंबर 2026 के अभिलेख में चित्रकूट जिले की मानिकपुर सरहट नगर पंचायत में सीवरेज एवं जलनिकासी योजना के लिए 99.46 लाख रुपये की द्वितीय/अंतिम किश्त स्वीकृत किए जाने का उल्लेख है। यह स्वीकृति कालूपुर पाही के लिए नहीं है, लेकिन इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश स्तर पर नगरीय क्षेत्रों में जलनिकासी से जुड़े कार्यों के लिए योजनाएं और वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा रही हैं।

इसलिए कालूपुर पाही के निवासियों की अपेक्षा भी यही है कि उनके क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था तैयार की जाए।

लोगों की मांग—सिर्फ पानी निकालना नहीं, स्थायी समाधान हो

स्थानीय लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि हर बारिश में पैदा होने वाली समस्या का स्थायी समाधान कैसे हो। यदि किसी स्थान पर पानी जमा होने का कारण नाली की कमी, नाले का अभाव, जलनिकासी मार्ग का अवरुद्ध होना या सड़क की ऊंचाई है तो उस कारण का समाधान किया जाना आवश्यक है।

गोल्हरी जैसी प्रभावित महिला के लिए तत्काल राहत के साथ दीर्घकालिक समाधान अधिक महत्वपूर्ण है। बारिश के दौरान घर में पानी घुसने की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए संबंधित विभागों को मौके का निरीक्षण कर जलभराव का स्रोत और पानी की निकासी का मार्ग चिह्नित करना होगा।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे विकास और नगरीय सुविधाओं के पक्षधर हैं, लेकिन नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र में शामिल होने के बाद बुनियादी नागरिक सुविधाएं भी प्रभावी रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। सड़क, नाली, साफ-सफाई और जलनिकासी जैसी सुविधाएं किसी भी आबादी के लिए जरूरी मानी जाती हैं।

सवाल जो जिम्मेदार अधिकारियों के सामने है

कालूपुर पाही में घरों तक पानी पहुंचने की घटना ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के सामने कई सवाल खड़े किए हैं—क्या क्षेत्र का विस्तृत जलनिकासी सर्वे हुआ है? बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त नालियां और नाले मौजूद हैं या नहीं? यदि नालियां हैं तो उनका अंतिम निकासी बिंदु कहां है? क्या बारिश से पहले नालियों की सफाई नियमित रूप से हुई? और यदि जलभराव बार-बार होता है तो स्थायी समाधान के लिए क्या कार्ययोजना तैयार की गई है?

इन सवालों का जवाब मौके की वास्तविक स्थिति के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पीड़ित महिला और स्थानीय लोगों की समस्या को तत्काल संज्ञान में लेकर जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की जरूरत है।

कालूपुर पाही की यह तस्वीर केवल एक घर में घुसे पानी की कहानी नहीं, बल्कि नगर सीमा में शामिल हो चुके विस्तारित क्षेत्रों में बुनियादी नगरीय सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत का संकेत भी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेंगे, ताकि अगली बारिश में उन्हें फिर इसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Read More

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें