17 अक्टूबर 2026 10:01 अपराह्न

जानलेवा गर्मी में मुसीबत बने ‘कटियाबाज’, बिजली चोरी से फुंक रहे ट्रांसफॉर्मर, सड़कों पर उतर रहा जनता का गुस्सा

रिपोर्टर चुन्नीलाल प्रधान की तस्वीर के साथ बिजली चोरी करते लोगों और ओवरलोड बिजली व्यवस्था को दर्शाती फीचर इमेज

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चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट

लखनऊ/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। सूरज की तपिश और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि दिन के साथ-साथ रातों में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। इसी बीच प्रदेश में बिजली संकट ने जनता की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है। बिजली की रिकॉर्ड मांग के बीच अवैध तरीके से बिजली चोरी करने वाले ‘कटियाबाज’ अब पूरे सिस्टम के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। बिजली विभाग की मानें तो अवैध कनेक्शनों की वजह से ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड हो रहे हैं, तार जल रहे हैं और जगह-जगह फॉल्ट आने से घंटों बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।

प्रदेश के कई जिलों में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक बिजली संकट ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। दिन में तपती गर्मी और रात में अंधेरे के बीच लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है।

बिजली चोरी ने बढ़ाई विभाग की मुश्किलें

भीषण गर्मी में एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण बिजली की मांग पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। ऐसे समय में बड़ी संख्या में लोग अवैध रूप से कटिया डालकर बिजली का उपयोग कर रहे हैं। इससे बिजली लाइनों पर अचानक लोड बढ़ जाता है और ट्रांसफॉर्मर क्षमता से अधिक दबाव झेलने लगते हैं।

बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई इलाकों में घरेलू कनेक्शन के बजाय सीधे तार जोड़कर बिजली चोरी की जा रही है। यह न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि पूरे बिजली नेटवर्क को भी खतरे में डाल रहा है। ओवरलोडिंग की वजह से केबल जलने, ट्रांसफॉर्मर फुंकने और बिजली लाइनों में ब्लास्ट जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

तकनीकी कर्मचारियों को लगातार फॉल्ट ठीक करने के लिए दौड़ना पड़ रहा है। कई बार एक फॉल्ट ठीक होते-होते दूसरे इलाके में नई समस्या खड़ी हो जाती है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जिन्हें घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है।

राजधानी लखनऊ में भी बिगड़े हालात

प्रदेश की राजधानी लखनऊ भी इस संकट से अछूती नहीं है। गोमतीनगर, जानकीपुरम, फैजुल्लागंज, चिनहट और आसपास के इलाकों में लगातार बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का आरोप है कि शहर के वीवीआईपी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत बेहतर बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जबकि सामान्य मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली गायब रहती है।

कई इलाकों में 10 से 12 घंटे तक बिजली नहीं आने की शिकायतें हैं, जबकि कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में हालात इससे भी ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। लगातार कटौती के कारण घरों में पानी की समस्या बढ़ गई है। इन्वर्टर जवाब दे चुके हैं और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं।

रात के समय बिजली गुल होने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उमस भरी गर्मी में लोग घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो रहे हैं। कई इलाकों में लोग हाथ से पंखा झलते दिखाई दे रहे हैं।

ट्रांसफॉर्मर फुंकने की घटनाएं बढ़ीं

बढ़ती ओवरलोडिंग का सबसे ज्यादा असर ट्रांसफॉर्मरों पर पड़ रहा है। बिजली विभाग के अनुसार कई जिलों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रांसफॉर्मर खराब हो रहे हैं। ट्रांसफॉर्मर फुंकने के बाद पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति घंटों तक ठप हो जाती है।

विभागीय कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि अवैध कनेक्शन इस दबाव को और बढ़ा रहे हैं। कई जगहों पर ट्रांसफॉर्मर बदलने के बाद भी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रही, क्योंकि बिजली चोरी की घटनाएं लगातार जारी हैं।

प्रदर्शन और हंगामे से बढ़ा तनाव

बिजली संकट को लेकर अब जनता का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। प्रदेश के कई जिलों में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कहीं सड़क जाम किया जा रहा है तो कहीं बिजली विभाग के दफ्तरों का घेराव हो रहा है।

लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में बिजली कटौती से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में पुलिस ने करीब 150 से 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने यातायात बाधित कर कानून व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश की।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि जनता का कहना है कि जब घंटों बिजली नहीं मिलेगी तो लोगों का गुस्सा स्वाभाविक रूप से बाहर आएगा।

बिजली संकट पर राजनीति भी तेज

लगातार बढ़ते बिजली संकट ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। कई जनप्रतिनिधियों ने सरकार और ऊर्जा विभाग का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया है।

लखनऊ के सरोजिनी नगर से विधायक राजेश्वर सिंह, लखनऊ पूर्व से विधायक ओपी श्रीवास्तव और लखनऊ उत्तर से विधायक नीरज बोरा ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर जनता की समस्याओं से अवगत कराया है। उन्होंने मांग की है कि बिजली व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाए और आम जनता को राहत दी जाए।

राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर बिजली व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि रिकॉर्ड बिजली मांग के बावजूद स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास लगातार जारी है।

तकनीकी खराबी और मौसम का दोहरा दबाव

बिजली विभाग का कहना है कि मौजूदा संकट केवल बिजली चोरी की वजह से नहीं, बल्कि अत्यधिक गर्मी के कारण तकनीकी समस्याओं में वृद्धि होने से भी पैदा हुआ है। तापमान बढ़ने से तार गर्म हो रहे हैं और ट्रिपिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब बिजली की मांग अचानक बहुत अधिक बढ़ जाती है तो वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ता है। यदि उसी दौरान अवैध कनेक्शन भी बड़ी संख्या में सक्रिय हों तो पूरा नेटवर्क असंतुलित हो जाता है।

विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि फॉल्ट ठीक करने और अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके बावजूद बिजली चोरी और बढ़ती खपत विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

आम जनता पर पड़ रहा सीधा असर

लंबी बिजली कटौती का असर अब लोगों के स्वास्थ्य और रोजमर्रा के कामकाज पर साफ दिखाई देने लगा है। भीषण गर्मी में बिजली न होने से घरों में रहना मुश्किल हो गया है। छोटे दुकानदारों, छात्रों और कामकाजी लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

पानी की मोटरें बंद होने से जल संकट भी गहराने लगा है। कई मोहल्लों में लोग रात भर जागकर बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं, जहां बिजली आपूर्ति पहले से ही सीमित रहती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया और वितरण व्यवस्था को मजबूत नहीं बनाया गया तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।

बिजली चोरी रोकना बड़ी चुनौती

ऊर्जा विभाग अब बिजली चोरी के खिलाफ बड़े अभियान की तैयारी में जुटा है। विभागीय टीमों को अवैध कनेक्शन काटने और कटियाबाजों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि कई क्षेत्रों में कार्रवाई के दौरान विभागीय कर्मचारियों को विरोध का भी सामना करना पड़ता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने और बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत है। जब तक अवैध कनेक्शनों पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होगा, तब तक गर्मी के मौसम में बिजली संकट से राहत मिलना मुश्किल दिखाई देता है

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