18 अक्टूबर 2026 12:27 पूर्वाह्न

सैलरी से नहीं चला गुजारा या सिस्टम की सड़ांध? एसडीएम काजल मीणा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

एसडीएम काजल मीणा की तस्वीर, रिश्वत लेते गिरफ्तार अधिकारी, एंटी करप्शन ब्यूरो कार्रवाई का दृश्य

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✍️इरफान अली लारी की रिपोर्ट

राजस्थान प्रशासनिक तंत्र को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक प्रतिभाशाली और उच्च शिक्षा प्राप्त अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। एसडीएम काजल मीणा, जिन्होंने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर न सिर्फ प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई की बल्कि राजस्थान सिविल सेवा (RAS) में टॉप कर अफसर बनीं, अब रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर ली गई हैं। यह मामला केवल एक अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है, जिस पर आम जनता भरोसा करती है।

कैसे हुआ खुलासा: शिकायत से गिरफ्तारी तक

पूरे मामले की शुरुआत एक पीड़ित की शिकायत से हुई, जिसने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को बताया कि उसकी जमीन की तकसीम की फाइनल डिक्री जारी करने के बदले उससे रिश्वत मांगी जा रही है। शुरुआत में एक लाख रुपये की मांग की गई, लेकिन बाद में यह रकम घटाकर 60 हजार रुपये कर दी गई। आरोप है कि एसडीएम काजल मीणा ने खुद के लिए 50 हजार और अपने रीडर के लिए 10 हजार रुपये की मांग रखी थी।

जाल बिछा, और रंगे हाथ पकड़ी गईं अफसर

शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की। तय दिन और समय के अनुसार 16 अप्रैल को पीड़ित व्यक्ति एसडीएम कार्यालय पहुंचा और जैसे ही उसने रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने तत्काल छापा मारकर काजल मीणा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी।

सहयोगियों की भी गिरफ्तारी, ऑफिस से बरामद हुआ कैश

इस मामले में एसडीएम के साथ उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और यूडीसी प्रवीण धाकड़ को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान ऑफिस से करीब चार लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह रकम कहां से आई और क्या यह किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का हिस्सा है।

काबिलियत से अफसर बनने तक और फिर गिरावट

काजल मीणा का सफर प्रेरणादायक माना जाता रहा है। उन्होंने प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई की और राजस्थान प्रशासनिक सेवा में अपनी कैटेगरी में टॉप किया। ऐसे में उनका इस तरह के मामले में फंसना न केवल हैरान करता है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर सिस्टम में ऐसी कौन-सी कमियां हैं, जो एक होनहार अफसर को भी इस राह पर ले आती हैं।

सिस्टम पर सवाल, जनता में आक्रोश

इस घटना के सामने आने के बाद आम जनता के बीच आक्रोश और निराशा दोनों देखने को मिल रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब उच्च पदों पर बैठे अधिकारी ही इस तरह के मामलों में लिप्त पाए जाएंगे, तो आम नागरिक न्याय के लिए किस पर भरोसा करे? यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

जांच जारी, और भी खुलासों की संभावना

एसीबी की टीम फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस केस में और भी कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। यह भी संभावना जताई जा रही है कि जांच का दायरा बढ़ सकता है और अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

एसडीएम काजल मीणा को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?

उन्हें जमीन की डिक्री जारी करने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

कितनी रिश्वत की मांग की गई थी?

पहले 1 लाख रुपये की मांग थी, जिसे बाद में घटाकर 60 हजार रुपये कर दिया गया।

क्या अन्य लोग भी गिरफ्तार हुए हैं?

हां, रीडर दिनेश कुमार सैनी और यूडीसी प्रवीण धाकड़ को भी गिरफ्तार किया गया है।

ऑफिस से कितनी रकम बरामद हुई?

जांच के दौरान करीब 4 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

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