देवरिया

जनता दर्शन की शिकायत पर प्रशासन हरकत में, डीएम ने मौके पर पहुंचकर जलनिकासी के दिए सख्त निर्देश

ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों के साथ किया स्थलीय निरीक्षण, जलभराव से राहत के लिए तत्काल शुरू हुई कार्रवाई

रिपोर्ट: इरफान अली लारी

देवरिया. जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बार फिर सक्रियता का परिचय दिया। जनता दर्शन में ग्रामीणों द्वारा जलभराव और बरसात के पानी की निकासी न होने की शिकायत सामने आने के बाद जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी स्वयं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ गांव पहुंचे और मौके पर हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलनिकासी की व्यवस्था में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों की शिकायत थी कि बरसात का पानी लंबे समय से गांव और आसपास के खेतों में जमा है। इससे खेती प्रभावित हो रही है, फसलें खराब होने लगी हैं और जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने मामले को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समाधान की प्रक्रिया शुरू करा दी।

जनता दर्शन में उठी जलभराव की गंभीर समस्या

सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा कुसुमौनी के निवासी आकाश शर्मा सहित कई ग्रामीण जनता दर्शन में पहुंचे थे। उन्होंने प्रशासन को दिए गए प्रार्थना-पत्र में बताया कि गांव के आसपास बरसात का पानी निकलने का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। कई स्थानों पर साइफन चोक होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में लगातार जलभराव बना हुआ है।

ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। साथ ही लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों और अन्य संक्रमणजनित बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ सकता है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ किया स्थलीय निरीक्षण

शिकायत प्राप्त होते ही जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग तथा बाढ़ खंड के अधिकारियों को साथ लेकर गांव का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर जाकर जलभराव की स्थिति का निरीक्षण किया और अधिकारियों से तकनीकी जानकारी भी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी संभावित विकल्पों का तकनीकी सर्वे कर स्थायी समाधान की कार्ययोजना तैयार की जाए।

खारी नाला की सफाई और स्थायी जलनिकासी पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि खारी नाला की तत्काल सफाई कराई जाए। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों का पानी व्यवस्थित तरीके से छोटी गंडक नदी तक पहुंचाने की स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए ताकि भविष्य में भी ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल अस्थायी राहत देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे बारिश के दौरान पानी बिना किसी अवरोध के अपने प्राकृतिक मार्ग से आगे बढ़ सके।

सड़क निर्माण से बाधित नालों और साइफनों की होगी सफाई

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) के अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सड़क निर्माण या अन्य कारणों से नाले और साइफन अवरुद्ध हो गए हैं, उनकी तत्काल सफाई कराई जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जलनिकासी के मार्ग में आने वाली प्रत्येक बाधा को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए ताकि गांवों और खेतों में पानी जमा न रहे। अधिकारियों को नियमित निगरानी करते हुए कार्य की प्रगति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए।

तत्काल राहत के लिए पानी को नहर तक पहुंचाने की व्यवस्था

मौजूदा स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग और बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलभराव वाले क्षेत्रों का पानी तत्काल नहर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। उनका कहना था कि जब तक स्थायी समाधान पूरी तरह लागू नहीं हो जाता, तब तक अस्थायी उपायों के माध्यम से ग्रामीणों को राहत मिलनी चाहिए।

प्रशासन की इस पहल के बाद मौके पर ही जलनिकासी की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई, जिससे प्रभावित ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी।

प्रशासन की सक्रियता से ग्रामीणों में बढ़ा भरोसा

जिलाधिकारी की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया। उनका कहना था कि जनता दर्शन में रखी गई शिकायत पर इतने कम समय में प्रशासनिक अधिकारियों का मौके पर पहुंचना सकारात्मक संकेत है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि यदि इसी प्रकार कार्य होता रहा तो लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और प्रशासनिक टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर उठाए गए कदम से फसलों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकेगा और गांव में स्वास्थ्य संबंधी संभावित संकट भी कम होगा।

विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड), बाढ़ खंड और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंताओं सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जलनिकासी व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारु बनाने के निर्देश दिए गए।

जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि पूरे मामले की नियमित निगरानी की जाएगी और यदि कहीं भी कार्य में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि बरसात के मौसम में ग्रामीणों को जलभराव की समस्या से शीघ्र राहत मिले और खेती के साथ-साथ जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को भी रोका जा सके।

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