संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
चित्रकूट। चित्रकूट में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। कई परिवारों के सामने भोजन, पीने के पानी और सुरक्षित आश्रय की चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे संकट के बीच टीम समाज निर्माण ने मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करते हुए मऊ-मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र के जारोमाफी गांव में राहत एवं सेवा अभियान चलाया। टीम ने बाढ़ प्रभावित एक हजार से अधिक लोगों को भोजन कराया और उनके बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं।
बाढ़ की विभीषिका के बीच टीम समाज निर्माण के स्वयंसेवकों का गांव पहुंचना प्रभावित परिवारों के लिए राहत लेकर आया। स्वयंसेवकों ने जरूरतमंद लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी मौजूदा परिस्थितियों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश और बाढ़ के कारण सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
तीन दिनों से भोजन और पानी के लिए परेशान थे परिवार
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने स्वयंसेवकों को बताया कि कई परिवार पिछले तीन दिनों से भोजन और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए परेशान हैं। लगातार जलभराव और बाढ़ के कारण रोजमर्रा की आवश्यकताओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नदी के किनारे रहने वाले परिवारों की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। पानी बढ़ने के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। कुछ परिवारों के आवास गिरने से उनके सामने रहने की गंभीर समस्या भी पैदा हो गई है।
ऐसे में भोजन उपलब्ध कराने के साथ प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति जानना भी राहत अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझने का प्रयास किया।
बाढ़ से मकान क्षतिग्रस्त, सुरक्षित जमीन की उठी मांग
जारोमाफी में राहत अभियान के दौरान ग्रामीणों ने बाढ़ से होने वाले नुकसान की स्थायी समस्या भी सामने रखी। नदी किनारे रहने वाले परिवारों का कहना था कि बरसात के मौसम में हर वर्ष उन्हें बाढ़ का खतरा झेलना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि नदी के किनारे असुरक्षित स्थानों पर रहने वाले परिवारों को भविष्य में बाढ़ से बचाने के लिए सुरक्षित भूमि उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि यदि उन्हें मकान बनाने के लिए सुरक्षित जगह मिल जाए तो हर वर्ष बाढ़ के दौरान पैदा होने वाले खतरे और परेशानी से बचा जा सकता है।
यह मांग केवल वर्तमान बाढ़ से राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों के दीर्घकालिक पुनर्वास और सुरक्षा से भी जुड़ी हुई है।
प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग
टीम समाज निर्माण ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने की पहल भी की। टीम की ओर से संबंधित अधिकारियों और लेखपाल आदि से फोन पर बातचीत कर प्रभावित परिवारों का आवश्यक सर्वे कराने का अनुरोध किया गया।
साथ ही बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर पात्र परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराने तथा उन्हें सरकारी योजनाओं एवं अन्य प्रशासनिक सहायता का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।

टीम का कहना है कि आपदा के बाद राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों की क्षति का सही आकलन होना भी बेहद जरूरी है, ताकि वास्तविक पीड़ितों को सरकारी सहायता का लाभ मिल सके।
एक हजार से अधिक लोगों को कराया भोजन
राहत अभियान के दौरान टीम समाज निर्माण की ओर से एक हजार से अधिक बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन कराया गया। स्वयंसेवकों ने प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर भोजन वितरण में सहयोग किया।
आपदा के दौरान जब बड़ी संख्या में परिवार अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हों, तब भोजन जैसी बुनियादी आवश्यकता उपलब्ध कराना तत्काल राहत का महत्वपूर्ण माध्यम बन जाता है। टीम के सदस्यों ने इसी भावना के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया।
राहत कार्य के दौरान ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं और भविष्य में बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
‘मुश्किल वक्त में साथ खड़ा रहना ही समाज सेवा’
टीम समाज निर्माण ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा रहना सामाजिक जिम्मेदारी है। संगठन का उद्देश्य केवल तत्काल भोजन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों की समस्याओं को समझकर उन्हें संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाना भी है।
टीम ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार राहत एवं सेवा कार्य आगे भी जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। संगठन की इस पहल ने यह संदेश दिया कि संकट की घड़ी में सामूहिक सहयोग और सामाजिक संवेदनशीलता प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी ताकत बन सकती है।
चित्रकूट में बाढ़ के कारण पैदा हुए संकट के बीच जारोमाफी में चलाया गया यह राहत अभियान उन परिवारों के लिए उम्मीद की एक किरण बनकर सामने आया, जो लगातार बारिश और बाढ़ के कारण कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं।
ये स्वयंसेवक रहे मौजूद
राहत एवं सेवा अभियान में टीम समाज निर्माण के स्वयंसेवक पुष्पेंद्र कुमार भारती (पिंटू भैया), लवकुश कुमार भारती, समाजसेविका बहन कुमारी निर्मला भारती, धर्मेंद्र भास्कर, प्रकाश वर्मा, मानवेंद्र वर्मा, संजय गौतम, धोनी श्रीवास, प्रकाश अंबेडकर, डॉ. राजकुमार और नवीन भारती सहित टीम समाज निर्माण के तमाम कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवक मौजूद रहे।
संकट की इस घड़ी में टीम के सदस्यों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर भोजन कराया, उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासनिक स्तर पर सहायता दिलाने के लिए आवश्यक पहल का भरोसा दिया।
संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
























