ससुर की पैतृक भूमि पर कब्जे का आरोप, महिला ने मंडलायुक्त से लगाई न्याय की गुहार

चित्रकूट भूमि कब्जा मामले में आरोपित अरुण सिंह बघेल उर्फ मिंटू सिंह, पीड़िता शिमला देवी और रिपोर्टर संजय सिंह राणा की तस्वीरों के साथ तैयार फीचर इमेज, जिसमें ससुर की पैतृक भूमि पर कथित कब्जा, अवैध मोरंग खनन और उत्पीड़न के आरोप दर्शाए गए हैं।

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रिपोर्ट: संजय सिंह राणा

चित्रकूट। जनपद चित्रकूट के मानिकपुर तहसील क्षेत्र की एक महिला ने मंडलायुक्त चित्रकूट मंडल को प्रार्थना पत्र देकर अपने ससुर की पैतृक भूमि पर कथित अवैध कब्जा, मोरंग के अवैध खनन, जान से मारने की धमकी, मारपीट और अभद्र व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर भूमि को कब्जामुक्त कराने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

पांच वर्षों से भूमि कब्जाने और अवैध खनन का आरोप

ग्राम गड़चपा, थाना एवं तहसील मानिकपुर निवासी श्रीमती शिमला देवी पत्नी समयलाल ने अपने आवेदन में बताया है कि उनके ससुर स्वर्गीय रति पुत्र कामता के नाम गाटा संख्या 713 में लगभग 1.225 हेक्टेयर भूमि दर्ज है। उनका आरोप है कि गांव के कुछ दबंग एवं प्रभावशाली लोग पिछले लगभग पांच वर्षों से उक्त भूमि पर कब्जा कर वहां से कथित रूप से अवैध मोरंग खनन कर रहे हैं। विरोध करने पर लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे परिवार भय के साये में जीवन बिताने को मजबूर है।

विरोध करने पर मारपीट और महिला से अभद्रता का आरोप

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि जब परिवार ने कथित अवैध कब्जे और खनन का विरोध किया तो आरोपितों ने महिला के पति और ससुर के साथ मारपीट की। महिला का यह भी आरोप है कि उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा अश्लील हरकत करने का प्रयास किया गया। लगातार मिल रही धमकियों के कारण परिवार को अपना घर छोड़कर दूसरे गांव में शरण लेनी पड़ी। इसके बावजूद आरोपितों द्वारा कथित रूप से भूमि से मोरंग निकाली जा रही है।

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प्रशासन से कई बार शिकायत, कार्रवाई न होने का आरोप

महिला ने अपने आवेदन में कहा है कि उसने पिछले पांच वर्षों के दौरान थाना, तहसील तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उसका आरोप है कि कार्रवाई के अभाव में आरोपितों के हौसले बढ़ते गए और परिवार लगातार मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है।

रास्ते में रोककर धमकाने का भी लगाया आरोप

महिला ने अपने आवेदन में 8 जून 2026 की एक घटना का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार वह अपने पति के साथ दवा लेकर लौट रही थी। रास्ते में भगवाड़ा तालाब के पास कुछ लोगों ने उनकी मोटरसाइकिल रोक ली। आरोप है कि महिला के पति की छाती पर बंदूक की नाल रखकर जान से मारने की धमकी दी गई तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए शिकायतें वापस लेने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।

भूमि कब्जामुक्त कराने और सुरक्षा देने की मांग

महिला का कहना है कि लगातार हो रहे उत्पीड़न के कारण परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। उसने मंडलायुक्त से मांग की है कि उसकी पैतृक भूमि को कथित कब्जे से मुक्त कराया जाए, अवैध खनन की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ताकि वे अपने गांव में सम्मानपूर्वक रह सकें।

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जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

मामला मंडलायुक्त कार्यालय तक पहुंच गया है। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से शिकायत पर किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। वहीं, आवेदन में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का भी कोई बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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Author: यायावर

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