जनगणदूत | उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक अधेड़ उम्र के ई-रिक्शा चालक पर नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़ और अश्लील टिप्पणी करने का आरोप लगा है। आरोप है कि चालक ने लड़की से कहा कि वह उसे तीन साल से पसंद करता है और उसके साथ फिल्म देखने चलने की बात कही। लड़की की आपत्ति के बाद मौके पर लोग जुट गए और आरोपी की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
तीन साल से पसंद करने की बात, फिल्म देखने का प्रस्ताव
मामला मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के अब्दुल्लापुर इलाके का बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नाबालिग लड़की ई-रिक्शा में सफर कर रही थी। इसी दौरान चालक ने कथित तौर पर उससे अनुचित बातें कीं और फिल्म देखने चलने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि उसने लड़की से यह भी कहा कि वह उसे पिछले तीन साल से पसंद करता है।
आपत्ति के बाद सड़क पर जुटी भीड़, आरोपी की पिटाई
लड़की की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद आसपास मौजूद लोग और उसके परिजन मौके पर पहुंच गए। इसके बाद ई-रिक्शा चालक को पकड़ लिया गया और उसकी पिटाई किए जाने की बात सामने आई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट करना कानून का विकल्प नहीं है। आरोपों की जांच और दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही होनी चाहिए।
दो समुदायों से जुड़ने पर संवेदनशील हुआ मामला
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनने की सूचना है। बताया गया है कि मामला दो समुदायों से जुड़ने के कारण संवेदनशील हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। ऐसे मामलों में अफवाहों से बचना और किसी पूरे समुदाय को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराने के बजाय तथ्यों के आधार पर कार्रवाई का इंतजार करना जरूरी है।
पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा, ई-रिक्शा चालक गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, लड़की और ई-रिक्शा चालक दोनों अब्दुल्लापुर इलाके के निवासी हैं। पीड़िता की शिकायत के आधार पर भावनपुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
नाबालिग की सुरक्षा और कानून का पालन जरूरी
यह घटना सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाती है। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई, पीड़िता की निजता की रक्षा और निष्पक्ष जांच जरूरी है। साथ ही, वायरल वीडियो के आधार पर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने या कानून अपने हाथ में लेने से बचना चाहिए।
रिपोर्ट: ठाकुर बख्श सिंह
प्रस्तुत समाचार उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपी के विरुद्ध आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया से होगी। नाबालिग की पहचान उजागर करने वाली सामग्री साझा न करें।













