डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम का औचक निरीक्षण, अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। जनपद में नियमों के विपरीत संचालित हो रहे डायग्नोस्टिक सेंटरों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने गुरुवार को नगर क्षेत्र के दो डायग्नोस्टिक सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई। एक डायग्नोस्टिक सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त कर ली गई, जबकि दूसरे सेंटर का पंजीकरण और संचालन संबंधी दस्तावेजों की अवधि समाप्त पाए जाने पर उसे सील कर दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद जिले में संचालित अन्य डायग्नोस्टिक सेंटरों में भी हलचल देखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध पंजीकरण, लाइसेंस अथवा निर्धारित नियमों के संचालन करने वाले किसी भी चिकित्सा एवं जांच केंद्र को बख्शा नहीं जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने की जांच
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद गठित संयुक्त जांच टीम में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारी शामिल रहे। जांच अभियान में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी यादव तथा नायब तहसीलदार शिवेंद्र कौण्डिल्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
टीम ने नगर क्षेत्र में संचालित डायग्नोस्टिक सेंटरों का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध दस्तावेजों, पंजीकरण की स्थिति तथा जांच सुविधाओं की वैधता का परीक्षण किया। अधिकारियों ने विशेष रूप से अल्ट्रासाउंड सेवाओं और सेंटरों के संचालन से संबंधित आवश्यक अनुमति एवं पंजीकरण दस्तावेजों की जांच की।
औचक निरीक्षण के दौरान दो अलग-अलग केंद्रों में नियमों से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके बाद टीम ने मौके पर ही कार्रवाई की।
जायसवाल डायग्नोस्टिक सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त
संयुक्त टीम सबसे पहले नगर के जायसवाल डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची। यहां अधिकारियों ने सेंटर के संचालन और उपलब्ध जांच सुविधाओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान टीम को अल्ट्रासाउंड जांच के संचालन से संबंधित पंजीकरण और अनुमति को लेकर अनियमितता मिली।
जांच में सामने आया कि केंद्र पर बिना आवश्यक पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड जांच का कार्य संचालित किया जा रहा था। इसे नियमों के विपरीत मानते हुए अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की।
स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन की संयुक्त टीम ने सेंटर में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन को जब्त कर लिया। अधिकारियों द्वारा संबंधित दस्तावेजों और सेंटर के संचालन की अन्य परिस्थितियों की भी जांच की गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में चिकित्सा एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं की निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अल्ट्रासाउंड जैसी चिकित्सा जांच सेवाओं के संचालन के लिए निर्धारित कानूनी एवं प्रशासनिक नियमों का पालन आवश्यक होता है।
कशिश डायग्नोस्टिक सेंटर का पंजीकरण मिला समाप्त
जांच अभियान के अगले चरण में संयुक्त टीम ने नगर के कशिश डायग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण किया। यहां सेंटर के संचालन से जुड़े प्रमाण-पत्र और पंजीकरण दस्तावेजों की जांच की गई।
अधिकारियों की जांच में पाया गया कि सेंटर के संचालन से संबंधित प्रमाण-पत्र अथवा पंजीकरण की अवधि समाप्त हो चुकी थी। इसके अलावा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसका नवीनीकरण भी नहीं कराया गया था।
नियमों के अनुसार वैध पंजीकरण के बिना किसी डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। जांच टीम ने इस स्थिति को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए कशिश डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया।
सेंटर को सील किए जाने के बाद संबंधित संचालक और वहां की गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की नियमानुसार आगे भी जांच की जा सकती है।
अवैध डायग्नोस्टिक सेंटरों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
जिलाधिकारी ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद देवरिया में किसी भी कीमत पर अवैध अथवा नियमों के विपरीत चिकित्सा और डायग्नोस्टिक केंद्रों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन गंभीर है। लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार जिले में जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन डायग्नोस्टिक सेंटरों, पैथोलॉजी केंद्रों अथवा अन्य जांच संस्थानों में अनियमितताएं पाई जाएंगी, उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि गंभीर अनियमितता पाए जाने पर केवल केंद्र को बंद करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवश्यकतानुसार संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर
देवरिया में हुई इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डायग्नोस्टिक सेंटरों पर होने वाली जांच से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि मरीजों को नियमों के तहत और अधिकृत संस्थानों से जांच सुविधाएं उपलब्ध हों।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि चिकित्सा जांच केंद्रों के संचालन में पंजीकरण, अनुमति और अन्य निर्धारित मानकों का पालन आवश्यक है। नियमों की अनदेखी न केवल प्रशासनिक दृष्टि से गंभीर है, बल्कि इससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य हित भी प्रभावित हो सकते हैं।
इसी कारण स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाते हैं। देवरिया में गुरुवार को हुई कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि जिला प्रशासन अब ऐसे मामलों में अधिक सख्ती के साथ निगरानी कर रहा है।
अन्य सेंटरों में भी बढ़ी हलचल
दो डायग्नोस्टिक सेंटरों पर कार्रवाई के बाद जिले के अन्य जांच केंद्रों में भी सतर्कता बढ़ने की संभावना है। बिना वैध पंजीकरण अथवा आवश्यक दस्तावेजों के संचालन कर रहे संस्थानों पर भविष्य में भी कार्रवाई हो सकती है।
प्रशासन की ओर से साफ कर दिया गया है कि जांच अभियान किसी एक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। संबंधित विभाग लगातार स्थिति की समीक्षा करेंगे और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
देवरिया प्रशासन की यह कार्रवाई उन सभी संस्थानों के लिए स्पष्ट चेतावनी है जो आवश्यक अनुमति, पंजीकरण या नवीनीकरण के बिना स्वास्थ्य एवं जांच सेवाओं का संचालन कर रहे हैं।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने दोहराया कि जनपद में अवैध तरीके से चल रहे किसी भी डायग्नोस्टिक सेंटर को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच अभियान के दौरान भविष्य में भी यदि किसी सेंटर में अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों को सील करने, उपकरणों को जब्त करने तथा परिस्थितियों के अनुसार संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
गुरुवार को हुई संयुक्त कार्रवाई में एक सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त होना और दूसरे सेंटर को सील किया जाना प्रशासन की सख्त कार्यशैली को दर्शाता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य डायग्नोस्टिक और स्वास्थ्य जांच केंद्रों की जांच के दौरान कितनी और अनियमितताएं सामने आती हैं।
देवरिया में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का यह अभियान फिलहाल जारी रहने वाला है और प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़े नियमों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी।

























