इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। जिले में देश की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के सम्मान में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वीर गाथा एवं पूर्व सैनिक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय परिसर देवरिया में आयोजित इस कार्यक्रम में सैन्य सेवा से जुड़े रहे पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और अन्य गणमान्य लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में देश की सुरक्षा के लिए सैनिकों के योगदान, उनके त्याग और सैन्य परंपराओं के सम्मान को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
समारोह का उद्देश्य केवल पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित करना ही नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी को सैनिकों के साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की भावना से परिचित कराना भी रहा। कार्यक्रम के दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा सैन्य सेवा से जुड़े विभिन्न अनुभवों और उपलब्धियों को साझा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित पूर्व सैनिकों ने भी अपने अनुभवों के माध्यम से सेना की सेवा और देश के प्रति जिम्मेदारी के महत्व को सामने रखा।
शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। कर्नल ए.पी. पाण्डेय (अ.प्रा.) सहित उपस्थित पूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन किया। इस दौरान परिसर में श्रद्धा और सम्मान का वातावरण रहा।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि देश की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सैनिकों का योगदान समाज के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। पूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों और देशसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
वीर नारियों और वीरता पुरस्कार प्राप्त पूर्व सैनिकों का सम्मान
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण वीर नारियों तथा वीरता पुरस्कार से अलंकृत पूर्व सैनिकों का सम्मान रहा। सम्मानित अतिथियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। सम्मान समारोह के माध्यम से उन परिवारों और पूर्व सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई, जिन्होंने देश की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वीर नारियां उन परिवारों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिन्होंने राष्ट्रसेवा के दौरान अपने जीवनसाथी को खोया है। उनके सम्मान का उद्देश्य उनके त्याग और धैर्य को सामाजिक सम्मान प्रदान करना भी है। इसी तरह वीरता पुरस्कार से सम्मानित पूर्व सैनिकों का सम्मान सैन्य सेवा में उनके योगदान और साहस को सार्वजनिक रूप से रेखांकित करने का माध्यम बना।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि सैनिकों का जीवन केवल सीमा की रक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनके अनुशासन, समर्पण और कर्तव्य के प्रति निष्ठा का प्रभाव पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक होता है। ऐसे आयोजनों से सैन्य सेवा के मूल्यों को आमजन तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने की वार्ता
कार्यक्रम के दौरान जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी ने उपस्थित पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से संवाद किया। इस दौरान उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और कल्याण से जुड़े विषयों पर बातचीत की गई। अधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सैन्य समुदाय के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क किया जा सकता है। संवाद के माध्यम से पूर्व सैनिकों को उपलब्ध सहायता और कल्याणकारी व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय की भूमिका पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से जुड़े विभिन्न मामलों में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विभाग और पूर्व सैनिक समुदाय के बीच संवाद का अवसर भी मिलता है।
सैन्य सम्मान की परंपरा और सैनिकों के योगदान पर चर्चा
समारोह के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए अपनाई जा रही परंपराओं तथा योजनाओं की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने सैनिकों के प्रति समाज की जिम्मेदारी और उनके योगदान को सम्मान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
देश की सुरक्षा में सैनिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। सीमा पर तैनात जवान कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी पूर्व सैनिक समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से जुड़े रहते हैं। इसलिए उनके अनुभवों और योगदान को सम्मानित करना सामाजिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
कार्यक्रम में वीरता पुरस्कार प्राप्त पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का सम्मान इसी भावना का हिस्सा रहा। सम्मान समारोह के माध्यम से यह संदेश भी सामने आया कि सैनिकों का योगदान सेवा अवधि समाप्त होने के साथ समाप्त नहीं होता, बल्कि उनके अनुभव समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहते हैं।
पूर्व सैनिकों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति
कार्यक्रम में सेना से सेवानिवृत्त कई वरिष्ठ पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। इनमें कर्नल ए.पी. पाण्डेय (अ.प्रा.), सूबेदार मेजर के.डी. सिंह (अ.प्रा.), सूबेदार मेजर रमेश सिंह (अ.प्रा.), सूबेदार मेजर व्यास चन्द्र मिश्रा (अ.प्रा.), आर्मी कैप्टन जैराम बैठा (अ.प्रा.), सूबेदार बसन्त प्रसाद (अ.प्रा.), हवलदार क्लर्क यू.पी.एन. सिंह (अ.प्रा.) तथा नायक प्रभाकर मणि (अ.प्रा.) सहित अन्य पूर्व सैनिक शामिल रहे।
वरिष्ठ पूर्व सैनिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया। सैन्य सेवा के लंबे अनुभव वाले इन पूर्व सैनिकों ने सैनिक जीवन, अनुशासन और राष्ट्रसेवा से जुड़ी परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाई।
नई पीढ़ी तक पहुंचे वीरता और राष्ट्रसेवा के संदेश
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित वीर गाथा कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य वीरता और राष्ट्रसेवा की कहानियों को समाज तक पहुंचाना भी रहा। सैनिकों के जीवन से जुड़े संघर्ष, त्याग और कर्तव्य की भावना युवाओं को देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दे सकती है।
कार्यक्रम में यह भावना प्रमुख रही कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर देश के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदारी को समझना चाहिए। सैनिकों के त्याग का सम्मान करते हुए समाज में अनुशासन, एकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी आवश्यक है।
ओम प्रकाश सिंह ने किया कार्यक्रम का संचालन
सम्मान समारोह का संचालन श्री ओम प्रकाश सिंह ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाते हुए उपस्थित अतिथियों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। उपस्थित लोगों ने शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए सैनिक सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
देवरिया में आयोजित यह सेवा संकल्प अभियान, वीर गाथा एवं पूर्व सैनिक सम्मान कार्यक्रम सैन्य सेवा से जुड़े लोगों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर बना। शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, वीर नारियों और वीरता पुरस्कार प्राप्त पूर्व सैनिकों का सम्मान तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी—इन सभी गतिविधियों ने कार्यक्रम को सार्थक बनाया। समारोह ने यह भी रेखांकित किया कि देश की सुरक्षा में सैनिकों का योगदान सदैव सम्मान और स्मरण का विषय रहेगा तथा पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर संवाद और सहयोग की आवश्यकता बनी रहती है।













