कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी से सटे मलिहाबाद क्षेत्र में जबरन शादी और धर्मांतरण के आरोपों से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। एक युवती ने तीन युवकों पर जबरन उसकी मांग में सिंदूर भरने, तस्वीर और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने, लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसके परिवार के साथ जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया और घर पर मौलाना बुलाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराने की धमकी दी गई।
पीड़िता की शिकायत के मुताबिक घटना की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। उस समय वह महज 16 वर्ष की थी और 11वीं कक्षा में पढ़ रही थी। आरोप है कि इसी दौरान शाहनवाज नामक युवक ने उसे घर के बाहर अकेला देखकर जबरन उसकी मांग में सिंदूर भर दिया। इस घटना की तस्वीर भी कथित तौर पर खींच ली गई। युवती ने जब इसका विरोध किया तो उसे तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी गई।
आरोप है कि इसके बाद यही तस्वीर और घटना पीड़िता के लिए लगातार डर और दबाव का माध्यम बन गई। सामाजिक बदनामी तथा परिवार को नुकसान पहुंचाए जाने के भय से वह लंबे समय तक चुप रही। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि इसी कथित ब्लैकमेलिंग के सहारे उसके साथ वर्षों तक शारीरिक शोषण किया गया।
नाबालिग अवस्था में जबरन सिंदूर भरने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2021 में जब वह पढ़ाई कर रही थी, तभी आरोपी ने उसे अकेला पाकर जबरन उसकी मांग में सिंदूर भर दिया। आरोप है कि उसने इस पूरी घटना को कैमरे में कैद कर लिया और बाद में उसी तस्वीर को युवती के खिलाफ दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया।
युवती का कहना है कि वह उस समय नाबालिग थी और घटना को लेकर बेहद डरी हुई थी। उसे आशंका थी कि तस्वीर सार्वजनिक होने पर उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ेगा। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी ने कथित तौर पर उसे लंबे समय तक अपने नियंत्रण में रखा।
शिकायत में लगाए गए आरोपों के अनुसार, सिंदूर भरने की घटना को आरोपी ने युवती पर यह दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया कि वह उसकी पत्नी बन चुकी है। युवती द्वारा इसका विरोध करने पर उसे कथित तौर पर धमकाया गया और तस्वीर वायरल करने की बात कही गई।
धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप
मामले में जबरन धर्मांतरण के आरोप भी लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि उस पर लगातार हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने, कलमा पढ़ने और बुर्का पहनने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि उसे हिंदू देवी-देवताओं की पूजा बंद करने के लिए भी कहा गया।
शिकायत के अनुसार, जब युवती ने इन बातों का विरोध किया तो कथित तौर पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोपी द्वारा यह कहे जाने का भी आरोप है कि उसने युवती को ‘पावन’ कर दिया है और अब वह उसकी पत्नी है।
पीड़िता का आरोप है कि उसने अपनी इच्छा के विरुद्ध किसी भी धार्मिक परिवर्तन को स्वीकार करने से इनकार किया, जिसके बाद धमकियों और दबाव का सिलसिला और बढ़ गया।
परिवार के विरोध पर बढ़ा कथित दबाव
पीड़िता के परिवार को जब पूरे घटनाक्रम की जानकारी हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद शाहनवाज के साथ उसके भाई सिराज और शाहरुख भी पीड़िता के घर पहुंचे।
युवती के मुताबिक, तीनों ने परिवार के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए धमकाया। आरोप है कि परिवार को यह चेतावनी भी दी गई कि घर पर मौलाना को बुलाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाएगा।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि परिवार ने यदि पुलिस या कानून की मदद लेने की कोशिश की तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। परिवार को कथित रूप से जान से मारने और रास्ते से हटाने की धमकी दिए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
तस्वीर वायरल करने की धमकी बनी दबाव का हथियार
इस पूरे मामले में तस्वीर और कथित वीडियो को लेकर लगाए गए आरोप बेहद महत्वपूर्ण हैं। पीड़िता का कहना है कि जिस समय उसके साथ जबरन सिंदूर भरने की घटना हुई, उस समय वह नाबालिग थी। आरोप है कि घटना की तस्वीर को बाद में उसे डराने और चुप रखने के लिए इस्तेमाल किया गया।
शिकायत के अनुसार, तस्वीर सार्वजनिक किए जाने की धमकी ने युवती को लंबे समय तक भय में रखा। इसी डर के कारण वह कथित शोषण और दबाव के बावजूद तत्काल पुलिस तक नहीं पहुंच सकी।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसकी मजबूरी और सामाजिक प्रतिष्ठा की चिंता का फायदा उठाया। वह लगातार धमकियों के बीच मानसिक तनाव झेलती रही और अंततः परिवार के सहयोग से पुलिस के पास जाने का फैसला किया।
वर्षों बाद पुलिस तक पहुंची पीड़िता
शिकायत के मुताबिक, कई वर्षों तक कथित दबाव और भय का सामना करने के बाद पीड़िता ने 23 सितंबर को मलिहाबाद थाने पहुंचकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। उसने अपनी शिकायत में जबरन सिंदूर भरने, ब्लैकमेलिंग, शारीरिक शोषण, धर्म परिवर्तन के दबाव, जातिसूचक गालियों और जान से मारने की धमकी सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी एसीपी ज्ञानेन्द्र सिंह को सौंपी है। पुलिस पीड़िता और उसके परिवार के बयानों के साथ-साथ शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की भी जांच कर रही है।
जांच में सामने आएगा आरोपों का पूरा सच
मामले में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और इनकी वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस कथित तस्वीरों, वीडियो, धमकियों, घटनाक्रम और पीड़िता के बयानों समेत सभी संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है।
पीड़िता और उसके परिवार ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, जांच एजेंसी के सामने अब यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि वर्ष 2021 से शुरू हुए कथित घटनाक्रम में किन-किन घटनाओं की पुष्टि साक्ष्यों और बयानों से होती है।
फिलहाल, जबरन शादी और धर्मांतरण से जुड़े इस मामले ने क्षेत्र में गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक नाबालिग लड़की से कथित तौर पर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का सिलसिला यदि जांच में सही पाया जाता है तो मामला केवल व्यक्तिगत शोषण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें नाबालिग के साथ अपराध, धमकी, डिजिटल सामग्री के कथित दुरुपयोग और धार्मिक दबाव समेत कई कानूनी पहलुओं की जांच का दायरा सामने आ सकता है।













