अवैध टैक्सी स्टैंड पर ‘रोज की वसूली’ का खेल, रुपये देने से इनकार पर चालक की पिटाई
मल्लावां-लखनऊ रूट पर फिर गरमाया अवैध वसूली का मामला, तमंचा लगाकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप
मनदीप पाल की रिपोर्ट
हरदोई। जिले के मल्लावां कस्बे में अवैध रूप से संचालित टैक्सी स्टैंडों पर कथित वसूली का खेल एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस बार मामला इतना बढ़ गया कि टैक्सी चालक के साथ खुलेआम मारपीट कर दी गई। पीड़ित चालक ने तीन लोगों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि लंबे समय से टैक्सी चालकों से प्रतिदिन अवैध रूप से रुपये वसूले जा रहे हैं। रुपये देने से इनकार करने पर न केवल उसके साथ मारपीट की गई, बल्कि तमंचा लगाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
चौराहा स्थित अवैध टैक्सी स्टैंड बना विवाद की जड़
मल्लावां कस्बे के प्रमुख चौराहा क्षेत्र में लंबे समय से कथित रूप से अवैध टैक्सी स्टैंड संचालित होने की चर्चा है। आरोप है कि यहां से लखनऊ रूट पर चलने वाली टैक्सियों और अन्य वाहनों से प्रतिदिन जबरन वसूली की जाती है। स्थानीय टैक्सी चालकों का कहना है कि बिना रुपये दिए गाड़ी खड़ी करना या सवारी भरना मुश्किल बना दिया गया है।
गंगारामपुर निवासी आलोक मिश्रा, जो मल्लावां से लखनऊ तक टैक्सी चलाते हैं, ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि शुक्रवार सुबह करीब सात बजे वह अपनी गाड़ी लेकर स्टैंड पहुंचे थे। उसी दौरान कथित रूप से वसूली करने वाले लोगों ने उनसे रोजाना की रकम मांगी। चालक का कहना है कि जब उन्होंने रुपये देने से इनकार किया तो विवाद शुरू हो गया।
“400 रुपये रोज दो”, नहीं देने पर हमला
पीड़ित चालक आलोक मिश्रा के मुताबिक हिमांशु पटेल निवासी तेंदुआ और उसके दो अन्य साथी काफी समय से टैक्सी चालकों से प्रतिदिन लगभग 400 रुपये की वसूली कर रहे हैं। आरोप है कि यह वसूली खुलेआम होती है और चालक विरोध करने से डरते हैं।
आलोक का कहना है कि शुक्रवार को जब उन्होंने रुपये देने से साफ इनकार किया तो आरोपी आगबबूला हो गए। आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर काफी देर तक हंगामा होता रहा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
पीड़ित चालक ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसे गंभीर चोटें आई हैं। इसके बाद वह सीधे कोतवाली पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
तमंचा लगाकर धमकाने का आरोप
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब पीड़ित ने एक युवक पर तमंचा लगाकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। आलोक मिश्रा का कहना है कि विवाद के दौरान ध्रुव नामक युवक ने उसके ऊपर तमंचा तान दिया और दोबारा विरोध करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी।
इस आरोप के सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह हथियार के बल पर दबाव बनाया जाएगा तो आम लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाल विद्यासागर पाल ने बताया कि पीड़ित चालक की तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अवैध वसूली और हथियार दिखाकर धमकी देने की बात सही पाई गई तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मल्लावां में अवैध टैक्सी स्टैंड किसके संरक्षण में संचालित हो रहे हैं।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
मल्लावां से लखनऊ के बीच टैक्सी संचालन को लेकर विवाद कोई नया मामला नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से यहां अवैध टैक्सी स्टैंड संचालित हो रहे हैं। इन स्टैंडों पर कथित रूप से बिना किसी वैध अनुमति के गाड़ियां खड़ी कराई जाती हैं और चालकों से पैसा वसूला जाता है।
बताया जाता है कि कुछ महीने पहले भी वसूली और मारपीट का मामला काफी चर्चा में आया था। उस समय शिकायत पुलिस अधीक्षक तक पहुंची थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक दरोगा और ट्रैफिक ड्यूटी में लगे कुछ सिपाहियों को हटाया भी गया था। हालांकि कार्रवाई के बाद कुछ समय तक हालात शांत रहे, लेकिन अब फिर से वही स्थिति बनने लगी है।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाता तो भविष्य में कोई बड़ी हिंसक घटना हो सकती है।
सरकार को भी हो रहा राजस्व नुकसान
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध टैक्सी संचालन से न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकार को भी भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिना अनुमति संचालित वाहनों से टैक्स और अन्य शुल्क का उचित संग्रह नहीं हो पाता। इसके अलावा अवैध स्टैंडों के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से अभियान चलाएं तो इस तरह के अवैध स्टैंडों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। लेकिन लगातार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
टैक्सी चालकों में भय का माहौल
घटना के बाद मल्लावां-लखनऊ रूट पर चलने वाले कई टैक्सी चालकों में भय का माहौल है। कुछ चालकों का कहना है कि वे लंबे समय से दबाव में काम कर रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट और धमकी मिलने का डर बना रहता है।
एक चालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रोजाना की वसूली न देने पर गाड़ी खड़ी नहीं करने दी जाती। कई बार सवारियां बैठाने को लेकर भी विवाद हो जाता है। चालक चाहते हैं कि प्रशासन इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराए ताकि उन्हें राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी और अवैध वसूली का माहौल खत्म होना चाहिए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मल्लावां कस्बा धीरे-धीरे अव्यवस्थित यातायात और अवैध गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को संयुक्त अभियान चलाकर अवैध टैक्सी स्टैंडों पर सख्ती करनी चाहिए।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुलेआम वसूली, मारपीट और हथियार दिखाकर धमकी देने जैसे आरोप यह संकेत दे रहे हैं कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है। यदि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होती है तो इससे अन्य लोगों को भी स्पष्ट संदेश जाएगा कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।








