भरोसे का रिश्ता बना जाल! बहन की शादी कराने आया युवक, दो लड़कियों को लेकर फरार
ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों, भरोसे और ग्रामीण सामाजिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नरैनी कोतवाली क्षेत्र में एक अज्ञात युवक ने खुद को शादी के लिए रिश्ता कराने वाला बताकर पहले एक परिवार का विश्वास जीता और फिर उसी भरोसे का फायदा उठाकर दो लड़कियों को अपने साथ लेकर फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।
यह मामला सिर्फ दो लड़कियों के गायब होने का नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक भरोसे की भी कहानी है, जहां गांव-कस्बों में आज भी लोग रिश्तों और पहचान के नाम पर अनजान लोगों पर आसानी से विश्वास कर लेते हैं। अब यही विश्वास एक परिवार के लिए भारी पड़ गया है।
बहन का रिश्ता कराने की बात कहकर पहुंचा युवक
जानकारी के मुताबिक नरैनी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में कुछ दिन पहले एक युवक पहुंचा। उसने अपना नाम शिवम बताया और कहा कि वह तिंदवारी क्षेत्र के माटा गांव का रहने वाला है। युवक ने परिवार से बातचीत के दौरान दावा किया कि वह अपनी बहन का रिश्ता उनके बेटे के साथ कराना चाहता है।
ग्रामीण परिवेश में रिश्तों की बातचीत अक्सर सीधे विश्वास और परिचय के आधार पर आगे बढ़ती है। यही वजह रही कि परिवार ने युवक की बातों पर भरोसा कर लिया। युवक ने बेहद सहज तरीके से परिवार के लोगों से बातचीत की और धीरे-धीरे खुद को करीबी जैसा साबित कर दिया।
परिवार वालों को लगा कि युवक सच बोल रहा है और अच्छे घर से संबंध रखता है। इसी भरोसे में रिश्ते की बातचीत आगे बढ़ती चली गई।
सगुन देकर पक्का किया भरोसा
बताया जा रहा है कि आरोपी युवक ने रिश्ते की बात को और मजबूत दिखाने के लिए परंपरागत तरीके से सगुन भी दिया। उसने परिवार को 100 रुपये और नारियल देकर रिश्ते की सहमति जताई। गांवों में आज भी नारियल और सगुन का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में परिवार को यह विश्वास हो गया कि रिश्ता वास्तविक है और युवक की नीयत सही है।
रिश्ते की बातचीत देर तक चलती रही। परिवार ने युवक का सम्मान किया, उसकी खातिरदारी की और रात में उसे अपने घर पर ही ठहराया। गांव के माहौल में मेहमान को घर में रोकना और उसकी सेवा करना सामान्य सामाजिक परंपरा मानी जाती है।
लेकिन परिवार को यह अंदाजा नहीं था कि जिस व्यक्ति को वे भावी रिश्तेदार समझ रहे हैं, वह दरअसल किसी बड़ी साजिश के इरादे से आया है।
सुबह तक सब सामान्य था, फिर अचानक बदला घटनाक्रम
अगले दिन सुबह जब युवक वापस जाने लगा तो परिवार के लोग उसे सम्मानपूर्वक छोड़ने भी गए। लड़की का पिता उसे नरैनी तक छोड़ने गया था। इसी दौरान घर की विवाहित बेटी और पड़ोस में रहने वाले आदिवासी परिवार की 15 वर्षीय किशोरी बाजार जाने के लिए घर से निकलीं।
आरोपी युवक ने दोनों से कहा कि वह भी उसी दिशा में जा रहा है और उन्हें बाजार तक छोड़ देगा। परिवार के लोगों को उस पर पहले से भरोसा था, इसलिए किसी को कोई शक नहीं हुआ। दोनों लड़कियां उसकी गाड़ी में बैठ गईं। इसके बाद युवक दोनों को लेकर फरार हो गया।
काफी देर तक घर नहीं लौटीं लड़कियां
जब काफी समय बीतने के बाद भी दोनों लड़कियां वापस घर नहीं पहुंचीं तो परिवार वालों को चिंता होने लगी। पहले उन्होंने अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन जब कहीं कोई जानकारी नहीं मिली तो मामला गंभीर लगने लगा।
धीरे-धीरे परिवार को यह एहसास हुआ कि जिस युवक को वे रिश्तेदार समझ रहे थे, वही लड़कियों को अपने साथ लेकर चला गया है। इसके बाद परिजन सीधे पुलिस के पास पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी।
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। गांव के लोग भी हैरान रह गए कि कोई व्यक्ति इस तरह रिश्ते का झांसा देकर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है।
जांच में फर्जी निकला आरोपी का पता
परिवार ने पुलिस को बताया कि युवक ने खुद को तिंदवारी क्षेत्र के माटा गांव का निवासी बताया था। पुलिस और परिजनों ने जब उस पते की जांच कराई तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
बताया गया कि उस गांव में शिवम नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता। इससे साफ हो गया कि आरोपी ने अपनी पहचान और पता दोनों फर्जी बताए थे। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेला था या उसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के मामलों को लेकर पुलिस अब ज्यादा सतर्कता बरत रही है, क्योंकि कई बार शादी, नौकरी या रिश्तेदारी के नाम पर लोगों को फंसाने वाले गिरोह सक्रिय पाए जाते हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले में नरैनी कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने गुमशुदगी समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली प्रभारी राम दिनेश तिवारी ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर अज्ञात युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें सक्रिय हैं और सर्विलांस की मदद से आरोपी और दोनों लड़कियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस आसपास के जिलों के साथ-साथ अन्य संभावित स्थानों पर भी जानकारी जुटा रही है। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है।
गांवों में बढ़ रहे ऐसे मामलों ने बढ़ाई चिंता
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग भावनात्मक और सामाजिक विश्वास के आधार पर आसानी से किसी पर भरोसा कर लेते हैं। रिश्तेदारी और शादी जैसे विषयों में लोग अक्सर ज्यादा सतर्कता नहीं बरतते।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की पहचान की पूरी पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। खासकर जब वह परिवार और रिश्तों से जुड़ी संवेदनशील बातों में शामिल हो।
सोशल मीडिया और डिजिटल दौर में अपराधियों के तरीके भी बदल रहे हैं। कई लोग फर्जी पहचान बनाकर लोगों के घरों तक पहुंच जाते हैं और फिर मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देते हैं।
पुलिस की चुनौती बना आरोपी
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी तक पहुंचना और दोनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद करना है। चूंकि आरोपी ने अपनी पहचान फर्जी बताई है, इसलिए जांच और भी जटिल हो गई है।
हालांकि पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से जल्द ही आरोपी तक पहुंचा जाएगा। परिवार भी लगातार पुलिस से संपर्क में बना हुआ है और गांव के लोग लड़कियों की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं।
इस घटना ने बांदा जिले में लोगों को झकझोर कर रख दिया है। गांवों में अब इस मामले की चर्चा हर चौपाल और हर गली में हो रही है। लोग यही कह रहे हैं कि अब रिश्तों के नाम पर भी आंख बंद करके भरोसा करना आसान नहीं रह गया है।







