दबंग ठेकेदार पर अवैध खनन के गंभीर आरोप, किसानों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

खलारी उत्तर प्रदेश में जेसीबी और डंपर के जरिए अवैध रेत खनन करते हुए दृश्य, साथ में रिपोर्टर संतोष कुमार सोनी की तस्वीर

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संतोष कुमार सोनी की रिपोर्ट

बांदा जनपद के नरैनी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत करतल चौकी इलाके में अवैध खनन को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम खलारी के रंज नदी घाट पर संचालित खनन कार्य पर गंभीर आरोप लगे हैं कि पट्टाधारक द्वारा नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए अवैध खनन और ओवरलोडिंग का धंधा बेखौफ जारी है। इस पूरे मामले ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

नियमों को ताक पर रखकर हो रहा खनन कार्य

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि खदान संचालक द्वारा खनिज अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए निर्धारित सीमा से बाहर जाकर खनन किया जा रहा है। इतना ही नहीं, रात के समय किसानों की निजी जमीनों से भी रेत निकाली जा रही है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह काम लंबे समय से जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।

किसानों की जमीन पर जबरन उत्खनन का आरोप

ग्राम खलारी के मजरा मोहन पुरवा के निवासी जोगेश कुमार, रामचंद्र समेत कई किसानों ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि—जिसमें गाटा संख्या 824 और 923/2 शामिल हैं—पर जबरन रेत का उत्खनन किया जा रहा है। पीड़ित किसानों का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें धमकाया गया और दबाव बनाकर चुप रहने को कहा गया।

किसानों के मुताबिक, यह अवैध गतिविधि स्थानीय पुलिस और खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से संचालित हो रही है। यही वजह है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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ओवरलोड वाहनों से बढ़ा खतरा

इस अवैध खनन का एक और गंभीर पहलू ओवरलोड वाहनों की आवाजाही है। ग्रामीणों के अनुसार, भारी-भरकम ट्रक और डंपर दिन-रात गांव की बस्ती से होकर गुजरते हैं। इससे न सिर्फ सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।

विशेष चिंता की बात यह है कि इन वाहनों का रास्ता एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पास से होकर गुजरता है। ऐसे में स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के लिए हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। साथ ही, धूल और प्रदूषण के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

जनप्रतिनिधियों के माध्यम से की गई शिकायत

पीड़ित किसानों ने अपनी समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों का सहारा लिया है। उन्होंने क्षेत्र की विधायक पल्लवी पटेल के माध्यम से खनिज मंत्री, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखित शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि खदान संचालक द्वारा शासन को मिलने वाले राजस्व की भी बड़े पैमाने पर चोरी की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन को तत्काल बंद कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की भूमिका को लेकर उठ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। इससे अवैध खनन करने वालों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान भी होता है। ऐसे में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।

पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव

अवैध खनन का असर सिर्फ आर्थिक या कानूनी स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका पर्यावरण पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। नदी घाटों से अनियंत्रित रेत निकासी से जल स्तर प्रभावित होता है और आसपास की भूमि की उर्वरता भी कम होती है। इसके अलावा, गांव में लगातार चल रहे भारी वाहनों से ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

कार्रवाई का इंतजार

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या अवैध खनन पर रोक लगाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?

ग्रामवासियों और पीड़ित किसानों को फिलहाल न्याय का इंतजार है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

❓ महत्वपूर्ण सवाल-जवाब

खलारी घाट में क्या मामला सामने आया है?

खलारी घाट पर अवैध रेत खनन और ओवरलोडिंग का मामला सामने आया है, जिसमें नियमों की अनदेखी कर खनन किया जा रहा है।

किसानों ने क्या आरोप लगाए हैं?

किसानों का आरोप है कि उनकी निजी जमीन से रात में जबरन रेत उत्खनन किया जा रहा है और विरोध करने पर धमकाया जा रहा है।

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इससे क्या खतरे उत्पन्न हो रहे हैं?

ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से गांव में दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, खासकर स्कूल के बच्चों के लिए स्थिति गंभीर है।

ग्रामीणों ने क्या कदम उठाए हैं?

ग्रामीणों ने विधायक के माध्यम से खनिज मंत्री, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन से क्या मांग की जा रही है?

अवैध खनन को तुरंत बंद कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

 

❓ महत्वपूर्ण सवाल-जवाब

खलारी घाट में क्या मामला सामने आया है?

खलारी घाट पर अवैध रेत खनन और ओवरलोडिंग का मामला सामने आया है, जिसमें नियमों की अनदेखी कर खनन किया जा रहा है।

किसानों ने क्या आरोप लगाए हैं?

किसानों का आरोप है कि उनकी निजी जमीन से रात में जबरन रेत उत्खनन किया जा रहा है और विरोध करने पर धमकाया जा रहा है।

इससे क्या खतरे उत्पन्न हो रहे हैं?

ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से गांव में दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, खासकर स्कूल के बच्चों के लिए स्थिति गंभीर है।

ग्रामीणों ने क्या कदम उठाए हैं?

ग्रामीणों ने विधायक के माध्यम से खनिज मंत्री, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन से क्या मांग की जा रही है?

अवैध खनन को तुरंत बंद कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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Author: यायावर

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