देवरिया में स्व-जनगणना अभियान ने पकड़ी रफ्तार, प्रदेश में 16वें स्थान पर पहुंचा जनपद
जनभागीदारी बढ़ने से अभियान को मिली नई गति, न्यायिक अधिकारियों ने भी कराया ऑनलाइन पंजीकरण
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया जनपद में चल रहे स्व-जनगणना अभियान ने अब गति पकड़ ली है। प्रशासन की सक्रियता और आमजन की बढ़ती भागीदारी के चलते देवरिया ने प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जनपद अब उत्तर प्रदेश में स्व-जनगणना अभियान के अंतर्गत 16वें स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि प्रशासनिक टीम की लगातार मेहनत, जागरूकता अभियान और लोगों की सहभागिता का परिणाम मानी जा रही है।
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान को गांव से लेकर शहर तक व्यापक समर्थन मिल रहा है। प्रशासन लगातार लोगों को ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी जनगणना करने के लिए प्रेरित कर रहा है, जिससे पारंपरिक जनगणना प्रक्रिया को सरल और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
न्यायिक अधिकारियों ने भी बढ़ाया अभियान का मान
स्व-जनगणना अभियान को मजबूती देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न विभागों और संस्थानों तक पहुंच बनानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी एवं जनगणना प्रभारी रामशंकर ने जनपद न्यायाधीश, प्रमुख न्यायाधीश परिवार न्यायालय तथा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीशों से मुलाकात की।
इस दौरान संबंधित अधिकारियों की ऑनलाइन स्व-जनगणना प्रक्रिया पूरी कराई गई। जनगणना पूर्ण होने के बाद पोर्टल के माध्यम से जनरेटेड आईडी भी उपलब्ध कराई गई। प्रशासन का मानना है कि जब वरिष्ठ अधिकारी और न्यायिक पदाधिकारी स्वयं इस प्रक्रिया में भाग लेते हैं तो आमजन में भी सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों का भरोसा बढ़ता है।
क्या है स्व-जनगणना और क्यों है जरूरी?
स्व-जनगणना एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी सरकार के पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। इससे जनगणना कर्मियों पर काम का दबाव कम होता है और लोगों को भी सुविधा मिलती है।
अपर जिलाधिकारी रामशंकर ने बताया कि कई बार ऐसा होता है कि गणनाकर्मी जब किसी घर पर पहुंचते हैं, तब परिवार के सदस्य घर पर मौजूद नहीं होते या किसी जरूरी कार्य में व्यस्त रहते हैं। ऐसी स्थिति में ऑनलाइन स्व-जनगणना बेहद उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आधुनिक तकनीक और डिजिटल इंडिया की सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम है। इससे जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बन रही है।
मोबाइल फोन से भी पूरी हो सकती है प्रक्रिया
प्रशासन की ओर से लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि स्व-जनगणना की प्रक्रिया बेहद आसान है और इसे मोबाइल फोन के माध्यम से भी पूरा किया जा सकता है। इसके लिए किसी विशेष तकनीकी जानकारी की आवश्यकता नहीं है।
अपर जिलाधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक इस राष्ट्रीय कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं, वे अपने पड़ोसियों और परिचितों को भी इसके प्रति जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।
स्व-जनगणना आईडी को सुरक्षित रखने की अपील
प्रशासन ने लोगों को यह सलाह भी दी है कि ऑनलाइन स्व-जनगणना पूरी होने के बाद जो आईडी प्राप्त होती है, उसे सुरक्षित रखें। जब गणनाकर्मी घर पहुंचे तो यह आईडी उन्हें उपलब्ध कराई जाए, जिससे परिवार की जानकारी का सत्यापन तेजी से किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि दोबारा जानकारी दर्ज करने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सटीक तरीके से संपन्न हो सकेगी।
लगातार बढ़ रही उपलब्धि, आंकड़ों ने दिखाई रफ्तार
देवरिया में स्व-जनगणना अभियान की प्रगति लगातार बढ़ रही है। बीते कुछ दिनों के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि लोगों में इस अभियान को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ी है। प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 7 मई को 639 लोगों ने ऑनलाइन स्व-जनगणना कराई थी, जिसके बाद जनपद की उपलब्धि 84.35 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके बाद 8 मई को 1290 लोगों ने ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की, जिससे उपलब्धि बढ़कर 86.35 प्रतिशत तक पहुंच गई। वहीं 9 मई को 2390 लोगों द्वारा स्व-जनगणना कराए जाने के बाद जनपद की प्रगति 87.59 प्रतिशत तक पहुंच गई।
अभियान ने सबसे अधिक तेजी 10 और 11 मई को पकड़ी। 10 मई को करीब 4800 लोगों ने ऑनलाइन स्व-जनगणना कराई, जिसके बाद उपलब्धि 91.47 प्रतिशत हो गई। वहीं 11 मई को 10 हजार लोगों ने स्व-जनगणना प्रक्रिया पूरी कर जनपद को 94 प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंचा दिया।
प्रशासन का लक्ष्य शत-प्रतिशत भागीदारी
जिलाधिकारी और प्रशासनिक टीम अब जनपद में शत-प्रतिशत स्व-जनगणना सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ें।
प्रशासन का मानना है कि यदि हर नागरिक स्वयं आगे बढ़कर अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेगा तो भविष्य की योजनाओं और सरकारी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार किया जा सकेगा।
डिजिटल व्यवस्था से आसान होगी भविष्य की योजनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल माध्यम से होने वाली जनगणना आने वाले समय में सरकार को योजनाएं तैयार करने में मदद करेगी। इससे आबादी, शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक स्थिति से जुड़े आंकड़े अधिक सटीक रूप से उपलब्ध हो सकेंगे।
देवरिया में जिस तेजी से लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं, उसे प्रशासन सकारात्मक संकेत मान रहा है। अगर यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले दिनों में जनपद प्रदेश के शीर्ष जिलों में भी अपनी जगह बना सकता है।







