देवरिया

देवरिया में कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एक संस्थान सील

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिलेभर में चला सघन निरीक्षण अभियान, कई संस्थानों को जारी की गई चेतावनी

रिपोर्ट: इरफान अली लारी

देवरिया। जिले में कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में कोचिंग संस्थानों और पुस्तकालयों में आग लगने की घटनाओं के मद्देनजर देवरिया जिला प्रशासन ने व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को जिले के विभिन्न तहसीलों में उप जिलाधिकारियों की अगुवाई में कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की जांच की गई।

रुद्रपुर तहसील क्षेत्र में उप जिलाधिकारी अवधेश निगम के नेतृत्व में कुल नौ कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई भी की गई। जांच के दौरान एक कोचिंग सेंटर में अग्निशमन यंत्र नहीं मिलने पर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि दो अन्य लाइब्रेरी में भी सुरक्षा उपकरणों की कमी पाए जाने पर उन्हें सील करने के निर्देश जारी किए गए।

सुरक्षा मानकों की जांच के लिए किया गया औचक निरीक्षण

प्रशासन द्वारा किए गए निरीक्षण में यह देखा गया कि कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में आग से बचाव के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं या नहीं। साथ ही आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े अन्य प्रबंधों की भी समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान छह कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी ऐसे पाए गए, जहां कम से कम एक-एक अग्निशमन यंत्र उपलब्ध था। हालांकि प्रशासन ने इन संस्थानों को भी सुरक्षा मानकों को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में विद्यार्थियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इन संस्थानों का किया गया निरीक्षण

रुद्रपुर क्षेत्र में जिन संस्थानों की जांच की गई, उनमें इफर्टलेश इंस्टीट्यूट, रुद्रपुर लाइब्रेरी एंड सेल्फ स्टडी प्वाइंट, वैष्णवी लाइब्रेरी, आदित्य लाइब्रेरी, संकल्प लाइब्रेरी, श्रीराम लाइब्रेरी, चाणक्य लाइब्रेरी, श्री बालाजी लाइब्रेरी और पूजा लाइब्रेरी शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संस्थान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र लगाए जाएं। इसके अलावा अग्नि सुरक्षा संबंधी अन्य आवश्यक संसाधनों को भी तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं : जिलाधिकारी

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि विद्यार्थियों के भविष्य और उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों एवं लाइब्रेरी संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने यहां सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त अग्निशमन यंत्र, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था, आपातकालीन निकास तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रबंध अनिवार्य रूप से होने चाहिए। यदि किसी संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई के साथ-साथ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

भाटपार रानी तहसील में भी जांच, खामियां मिलने पर नोटिस

प्रशासनिक अभियान केवल रुद्रपुर तक सीमित नहीं रहा। भाटपार रानी तहसील क्षेत्र में भी कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई संस्थानों में विभिन्न प्रकार की खामियां पाई गईं, जिसके बाद संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे। संस्थानों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए समय दिया जाएगा, लेकिन निर्धारित अवधि के बाद भी खामियां दूर नहीं किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन की इस पहल को विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने में भी मदद मिलेगी।

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