जनता के सहयोग से चुनावी मैदान में उतरे योगी सेवक कमलेश कुमार धनगर, सलेमपुर में बदलाव की मांग तेज
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया जिले की सलेमपुर विधानसभा सीट पर इस बार राजनीतिक माहौल तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। विधानसभा क्षेत्र 341 से योगी सेवक के रूप में पहचान रखने वाले कमलेश कुमार धनगर का नाम इन दिनों क्षेत्र की गलियों, चौराहों और गांवों में चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले कमलेश कुमार धनगर पारंपरिक राजनीति से अलग अपनी सादगी, सेवा भाव और जनसंपर्क शैली के कारण लोगों के बीच लोकप्रिय होते जा रहे हैं।
सबसे खास बात यह है कि कमलेश कुमार धनगर के पास बड़े नेताओं जैसी आर्थिक ताकत नहीं है, लेकिन जनता का अपार प्यार, स्नेह और सहयोग उन्हें लगातार मजबूत बना रहा है। क्षेत्र के लोग स्वयं आगे बढ़कर उनके पोस्टर, बैनर और प्रचार सामग्री छपवाने में आर्थिक मदद कर रहे हैं। यही कारण है कि उनका चुनावी अभियान अब आम जनता का अभियान बनता जा रहा है।
स्कैनर लगाकर जनता से सहयोग मांगने का अनोखा तरीका
सलेमपुर विधानसभा में कमलेश कुमार धनगर का चुनाव प्रचार एक अलग अंदाज में देखने को मिल रहा है। उन्होंने अपने पोस्टरों पर स्कैनर कोड लगाकर लोगों से सहयोग की अपील की है। यह तरीका क्षेत्र की राजनीति में नया माना जा रहा है। आमतौर पर चुनावों में प्रत्याशी जनता के बीच धन खर्च करते दिखाई देते हैं, लेकिन यहां जनता स्वयं अपने पसंदीदा उम्मीदवार के लिए सहयोग कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल चुनाव नहीं बल्कि बदलाव की मुहिम बन चुकी है। गांव-गांव में लोग अपने स्तर पर सहयोग राशि भेज रहे हैं और प्रचार अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। युवाओं के बीच भी इस पहल को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।
“बाहरी प्रत्याशी नहीं चाहिए” का नारा हुआ तेज
सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी का मुद्दा भी प्रमुखता से उभर रहा है। मतदाताओं का कहना है कि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वही व्यक्ति करे जो यहां की समस्याओं, जरूरतों और जनता के दुख-दर्द को करीब से समझता हो।
कमलेश कुमार धनगर को लेकर लोगों का कहना है कि वह लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं और आम जनता के बीच रहकर काम करते आए हैं। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग उन्हें अपना उम्मीदवार मान रहे हैं। कई ग्रामीणों का कहना है कि अब सलेमपुर की राजनीति में बदलाव जरूरी हो गया है और जनता ऐसे चेहरे को मौका देना चाहती है जो सीधे लोगों से जुड़ा हो।
गरीब और वंचितों की सेवा को बनाया जीवन का उद्देश्य
कमलेश कुमार धनगर की पहचान केवल एक संभावित राजनीतिक उम्मीदवार के रूप में नहीं बल्कि समाजसेवी के रूप में भी बनाई जा रही है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार वह लंबे समय से गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों की मदद करते रहे हैं। किसी पीड़ित व्यक्ति को प्रशासनिक न्याय दिलाने की बात हो या किसी गरीब परिवार की सहायता करनी हो, वह हर समय आगे खड़े दिखाई देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कमलेश कुमार धनगर बिना किसी जातीय या धार्मिक भेदभाव के सभी लोगों की मदद करते हैं। यही वजह है कि अलग-अलग समुदायों के लोग उनके समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि राजनीति में ऐसे लोगों की जरूरत है जो समाज को बांटने के बजाय जोड़ने का काम करें। यही कारण है कि क्षेत्र में उनकी छवि एक सरल और सहज व्यक्तित्व वाले व्यक्ति के रूप में बन रही है।
धार्मिक आस्था और गौ सेवा से भी जुड़ा नाम
कमलेश कुमार धनगर की धार्मिक आस्था भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जाता है कि वह लार स्थित देव आश्रम मठ में नियमित रूप से पूजा-पाठ करते हैं और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं।
इसके अलावा गौ सेवा को लेकर भी उनकी सक्रियता की चर्चा होती रहती है। क्षेत्र के लोग बताते हैं कि वह गौ माता की सेवा में हमेशा आगे रहते हैं और पशुओं के संरक्षण को लेकर भी गंभीर रहते हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि यही सेवा भाव उन्हें आम नेताओं से अलग पहचान देता है।
सरल व्यवहार से प्रभावित हो रही जनता
सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र में कमलेश कुमार धनगर की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण उनका सरल व्यवहार भी माना जा रहा है। गांवों में लोगों से सीधे संवाद करना, हर वर्ग के लोगों को सम्मान देना और बिना किसी अहंकार के मिलना-जुलना उनकी खास पहचान बनता जा रहा है।
युवा, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में उनके समर्थन में चर्चा करती दिखाई दे रही हैं। कई लोगों का कहना है कि राजनीति में ऐसे व्यक्तित्व कम देखने को मिलते हैं जो बिना किसी बड़े राजनीतिक परिवार या आर्थिक ताकत के जनता के भरोसे आगे बढ़ रहे हों।
भाजपा से टिकट की उम्मीद, समर्थकों में उत्साह
कमलेश कुमार धनगर भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि यदि पार्टी उन्हें मौका देती है तो सलेमपुर विधानसभा में चुनावी मुकाबला बेहद रोचक हो सकता है।
क्षेत्र में लगातार बढ़ते जनसमर्थन ने राजनीतिक चर्चाओं को भी तेज कर दिया है। स्थानीय स्तर पर उनके समर्थन में छोटे-छोटे जनसंपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थक सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
सलेमपुर की राजनीति में नया प्रयोग
सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र में कमलेश कुमार धनगर का अभियान पारंपरिक राजनीति से अलग माना जा रहा है। जनता के सहयोग से चुनावी तैयारी करना, प्रचार सामग्री के लिए लोगों से आर्थिक योगदान लेना और खुद को जनसेवक के रूप में प्रस्तुत करना क्षेत्र की राजनीति में एक नए प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में सलेमपुर की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है, लेकिन फिलहाल इतना जरूर है कि कमलेश कुमार धनगर का नाम क्षेत्र में तेजी से चर्चा का केंद्र बन चुका है और जनता के बीच बदलाव की मांग लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है।








