प्यार, साजिश और डकैती : कारोबारी की बेटी ने प्रेमी संग रचा 1.20 करोड़ की लूट का खेल
रिपोर्ट ; ठाकुर बख्श सिंह
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुई 1.20 करोड़ रुपये की सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। जिस घर में बदमाशों ने घुसकर परिवार को बंधक बनाते हुए करोड़ों की लूट की वारदात को अंजाम दिया था, उसी घर की बेटी इस पूरे षड्यंत्र की मास्टरमाइंड निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि कारोबारी इमरान की बेटी अरीबा ने अपने प्रेमी अरशद वारसी के साथ मिलकर पूरी डकैती की साजिश रची थी।
मामला मुरादाबाद के नागफनी थाना क्षेत्र स्थित अकबर कंपाउंड इलाके का है। यहां रहने वाले पीतल कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर इमरान के घर 11 मई की रात हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया था। बदमाशों ने परिवार के लोगों को बंधक बनाकर घर में रखी भारी नकदी और कीमती सामान लूट लिया। वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। करोड़ों की डकैती ने पुलिस महकमे को भी हिला दिया था, जिसके बाद मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की गई थीं।
रात के अंधेरे में घर बना था डकैती का मैदान
बताया गया कि 11 मई की रात बदमाश सुनियोजित तरीके से कारोबारी के घर पहुंचे थे। उन्होंने पहले परिवार को डराया-धमकाया और फिर हथियारों के बल पर सभी को एक जगह बैठा दिया। इसके बाद बदमाश घर के अलग-अलग हिस्सों में घुसे और नकदी, जेवरात समेत कीमती सामान समेटकर फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़ित परिवार दहशत में था। इतनी बड़ी वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा, डीआईजी मुनिराज जी और एसएसपी सतपाल अंतिल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जल्द खुलासे के निर्देश दिए।
सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज
डकैती की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने इलाके के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध कारें दिखाई दीं, जिनका इस्तेमाल बदमाशों ने किया था। शुरुआत में कारों के नंबर बदले हुए थे, लेकिन टोल प्लाजा पार करते समय आरोपियों ने असली नंबर प्लेट लगा दी थी। यही चूक पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गई।
वाहनों के असली नंबर मिलने के बाद पुलिस सीधे कार मालिक कुलदीप तक पहुंच गई। हिरासत में लेकर जब उससे पूछताछ की गई, तो धीरे-धीरे पूरी साजिश सामने आने लगी। इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर आरोपियों को गिरफ्तार करना शुरू किया।
प्रेम कहानी से शुरू हुई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि कारोबारी की बेटी अरीबा और अमरोहा निवासी अरशद वारसी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। अरशद आईएफटीएम में पढ़ाई करता था और वहीं उसकी मुलाकात अरीबा से हुई थी। दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए थे और शादी करना चाहते थे।
लेकिन दोनों परिवारों के बीच आर्थिक और सामाजिक स्तर का बड़ा अंतर था। पुलिस के मुताबिक अरशद साधारण परिवार से ताल्लुक रखता था, जबकि अरीबा संपन्न कारोबारी परिवार की बेटी थी। यही वजह थी कि दोनों को अपने रिश्ते का भविष्य सुरक्षित नजर नहीं आ रहा था।
इसी बीच अरीबा ने अपने प्रेमी की आर्थिक मदद करने और उसके साथ नया जीवन शुरू करने के लिए ऐसा खतरनाक रास्ता चुना, जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
घर की हर जानकारी प्रेमी तक पहुंचाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अरीबा ने अपने घर की पूरी अंदरूनी जानकारी प्रेमी अरशद को दी थी। उसने घर में रखी नकदी, परिवार की दिनचर्या, घर के कमरों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था तक की जानकारी साझा की थी।
इतना ही नहीं, अरीबा ने आरोपियों को यह भरोसा भी दिलाया था कि वारदात के बाद उसके पिता पुलिस को पूरी सच्चाई नहीं बताएंगे। इसी विश्वास के आधार पर गिरोह ने डकैती की योजना को अंतिम रूप दिया।
जांच में पता चला कि इस वारदात की तैयारी जनवरी महीने से ही चल रही थी। आरोपियों ने कई बार इलाके की रेकी की थी और फिर सही मौके का इंतजार किया गया। आखिरकार 11 मई की रात को इस योजना को अंजाम दिया गया।
पांच आरोपी गिरफ्तार, कई अब भी फरार
पुलिस ने इस मामले में अरीबा, उसके प्रेमी अरशद वारसी, रवि कुमार, निक्की और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से करीब 47 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल दो कारें और तमंचे भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
हालांकि इस गिरोह के छह अन्य सदस्य अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस लगातार उनकी तलाश में दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
परिवार के लिए सबसे बड़ा सदमा
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यही रही कि जिस बेटी पर परिवार ने भरोसा किया, वही इस डकैती की साजिश में शामिल निकली। कारोबारी इमरान और उनके परिवार के लिए यह खुलासा किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार सामाजिक रूप से प्रतिष्ठित माना जाता था और किसी ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि घर के भीतर से ही ऐसी साजिश रची जा सकती है।
पुलिस ने बताया बड़ा सबक
मुरादाबाद पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल डकैती का नहीं, बल्कि भरोसे के टूटने का भी है। जांच में तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और टोल प्लाजा डेटा ने अहम भूमिका निभाई।
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि अपराधी कितनी भी चालाकी कर लें, लेकिन तकनीकी जांच और पुलिस की सतर्कता के सामने ज्यादा समय तक बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि बाकी फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
मुरादाबाद की यह घटना अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रेम संबंध, आर्थिक असमानता और अपराध की यह कहानी समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर रही है।






