17 अक्टूबर 2026 9:02 अपराह्न

नवरात्रि पर शक्ति की आराधना, विद्यार्थियों ने मंचन से जीवंत किए मां दुर्गा के नौ स्वरूप

बीएन पब्लिक स्कूल में शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की झांकी, महिषासुर वध का मंचन करते विद्यार्थी और जनगणदूत के संवाददाता इरफान अली लारी की तस्वीर।

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

The specified slider id does not exist.

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर बीएन पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की झांकी और महिषासुर वध पर आधारित नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कक्षा एक से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बच्चों की प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यालय परिसर में नवरात्रि की धार्मिक और सांस्कृतिक छटा देखने को मिली।

जनगणदूत | देवरिया समाचार

रिपोर्ट : इरफान अली लारी

नवरात्रि के उल्लास में सजी मां के नौ स्वरूपों की झांकी

शारदीय नवरात्रि भारतीय संस्कृति में शक्ति की उपासना, आत्मविश्वास, सदाचार और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है। इन दिनों मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से विद्यार्थियों को परिचित कराने के उद्देश्य से बीएन पब्लिक स्कूल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित झांकियां प्रस्तुत कीं। इन प्रस्तुतियों ने नवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं से जोड़ने का प्रयास किया।

मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की झांकी इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय और प्रस्तुति के माध्यम से देवी के विभिन्न रूपों की विशेषताओं को सामने रखा। नवरात्रि में मां के नौ स्वरूपों की आराधना का विशेष महत्व है। प्रत्येक स्वरूप श्रद्धा, शक्ति, साहस, धैर्य और कल्याण जैसे जीवन मूल्यों की प्रेरणा देता है। विद्यालय में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए इन मूल्यों को बच्चों के बीच पहुंचाने का प्रयास किया गया।

महिषासुर और मां दुर्गा के संग्राम का प्रभावशाली मंचन

कार्यक्रम की एक अन्य प्रमुख प्रस्तुति मां दुर्गा और असुरराज महिषासुर के बीच हुए संग्राम पर केंद्रित रही। विद्यार्थियों ने नाट्य मंचन के जरिए देवी और महिषासुर के संघर्ष की पौराणिक कथा को प्रस्तुत किया। इस प्रसंग में अन्याय, अहंकार और नकारात्मक शक्तियों के विरुद्ध संघर्ष का संदेश निहित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर देवताओं और संसार को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इसी कारण देवी की विजय को अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

विद्यार्थियों की इस प्रस्तुति ने धार्मिक कथा को मंच पर जीवंत करने के साथ-साथ उसके नैतिक पक्ष को भी सामने रखा। इस तरह के आयोजन बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर उन्हें भारतीय पौराणिक कथाओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नाट्य मंचन के माध्यम से विद्यार्थियों को अभिनय, संवाद, सामूहिक सहभागिता और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलता है।

कक्षा एक से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

बीएन पब्लिक स्कूल में आयोजित नवरात्रि कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें कक्षा एक से लेकर कक्षा दस तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विभिन्न कक्षाओं के बच्चों की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी रुचि और प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराते हैं। साथ ही बच्चों में समूह के साथ काम करने, अपनी भूमिका को जिम्मेदारी से निभाने और सार्वजनिक रूप से प्रस्तुति देने का आत्मविश्वास विकसित करने में सहायक होते हैं।

विद्यालयों में पर्वों और राष्ट्रीय-सांस्कृतिक अवसरों पर होने वाले कार्यक्रम शिक्षा को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ते हैं। जब विद्यार्थी किसी ऐतिहासिक या पौराणिक प्रसंग को अभिनय के माध्यम से समझते हैं, तो उसके संदेश को आत्मसात करने का अवसर भी मिलता है। नवरात्रि के अवसर पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों और महिषासुर वध का मंचन इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। इस आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ-साथ साहस, सत्य, न्याय और सदाचार जैसे मूल्यों को भी अभिव्यक्ति मिली।

उप प्रधानाचार्य प्रीति गुप्ता ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की उप प्रधानाचार्य प्रीति गुप्ता भी उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों के दौरान उनका उत्साहवर्धन किया। विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने और उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को विकसित करने का अवसर प्रदान करती हैं। पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी से बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलती है।

नवरात्रि जैसे पर्वों के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों को भारतीय संस्कृति की विविधता और परंपराओं के महत्व से परिचित कराया जा सकता है। ऐसे अवसर विद्यार्थियों को एक-दूसरे के साथ मिलकर कार्य करने तथा सामूहिक जिम्मेदारी समझने का अवसर भी देते हैं। बीएन पब्लिक स्कूल का यह आयोजन इसी सांस्कृतिक और शैक्षणिक उद्देश्य की दिशा में आयोजित कार्यक्रम के रूप में सामने आया।

प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद प्रकाश ने बताया शक्ति उपासना का महत्व

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद प्रकाश ने मां दुर्गा की आराधना और नवरात्रि के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा शक्ति का स्वरूप हैं। सृष्टि के कल्याण के लिए उन्होंने विभिन्न रूपों में अवतार लेकर असुरों का विनाश किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है और हम सभी मां की पूजा-अर्चना करते हैं।

प्रधानाचार्य के विचारों में नवरात्रि की मूल भावना स्पष्ट दिखाई देती है। यह पर्व मनुष्य को अन्याय और नकारात्मकता के विरुद्ध खड़े होने, सदाचार का मार्ग अपनाने तथा समाज में सकारात्मक मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा की आराधना शक्ति और साहस के साथ-साथ जनकल्याण की भावना से भी जुड़ी है। विद्यार्थियों के लिए इन संदेशों का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि बचपन और किशोरावस्था में विकसित होने वाले नैतिक मूल्य उनके भविष्य के व्यक्तित्व और सामाजिक व्यवहार को दिशा देते हैं।

शिक्षा के साथ संस्कार और सांस्कृतिक चेतना पर जोर

विद्यालय में आयोजित इस तरह के कार्यक्रम शिक्षा के व्यापक उद्देश्य को रेखांकित करते हैं। विद्यालय का दायित्व केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक बनाना भी है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेने से बच्चों को अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व और अभिव्यक्ति जैसे गुणों का अभ्यास करने का अवसर मिलता है। धार्मिक कथाओं के माध्यम से सत्य और न्याय की स्थापना का संदेश भी सहज ढंग से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सकता है।

मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का मंचन और महिषासुर वध की प्रस्तुति इसी परंपरा का हिस्सा रही। नवरात्रि का संदेश किसी एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में अच्छाई, साहस और न्याय को प्राथमिकता देने की प्रेरणा देता है। विद्यार्थियों की सहभागिता ने इस अवसर को सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और मूल्यपरक शिक्षा से जोड़ने का काम किया।

विद्यालय परिवार की सहभागिता से संपन्न हुआ आयोजन

इस अवसर पर सोनू कुमार, राजेश यादव, तालिब हुसैन, बलराम यादव, राज पांडेय, नंदिनी गुप्ता, अनिता यादव, प्रतिभा दीक्षित, दिव्या, पूनम, अंशु, खुशी, शकीना, निक्की, हसीना और आशियाना सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने बच्चों की प्रस्तुतियों को प्रोत्साहन देने और नवरात्रि के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक गतिविधि में सहभागिता का वातावरण बनाया।

कुल मिलाकर, 17 अक्टूबर 2026 को बीएन पब्लिक स्कूल में आयोजित नवरात्रि कार्यक्रम ने मां दुर्गा की शक्ति, महिषासुर पर विजय और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। कक्षा एक से दसवीं तक के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद प्रकाश के संदेश ने इस अवसर को धार्मिक आस्था के साथ-साथ नैतिक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का मंचन विद्यार्थियों के लिए अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और बुराई पर अच्छाई की जीत के शाश्वत संदेश से जुड़ने का अवसर बना।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Read More

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें