16 अक्टूबर 2026 5:25 अपराह्न

भवानी छापर में राजकीय आईटीआई का शुभारंभ, युवाओं को मिलेगी तकनीकी शिक्षा

भवानी छापर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के शुभारंभ पर फीता काटते विधायक सभा कुंवर कुशवाहा, शिलापट्ट अनावरण, उपस्थित गणमान्य लोग और जनगणदूत के रिपोर्टर इरफान अली लारी।

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रिपोर्ट: इरफान अली लारी | जनगणदूत

देवरिया। भवानी छापर स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का शुभारंभ भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्थान के शुरू होने से स्थानीय युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने, अपनी तकनीकी दक्षता विकसित करने और रोजगार की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिलेगा। शुभारंभ कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक सभा कुंवर कुशवाहा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल सामान्य शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं के लिए तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगारपरक कौशल भी बेहद जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान युवाओं को हुनरमंद बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में उपयोगी भूमिका निभा सकता है। तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवा अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार किसी व्यवसाय या तकनीकी क्षेत्र में दक्षता हासिल कर सकते हैं। इससे उन्हें नौकरी की तलाश के साथ-साथ स्वरोजगार के विकल्पों पर भी विचार करने का अवसर मिलेगा।

तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सभा कुंवर कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान समय में उद्योगों, तकनीकी सेवाओं और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में कुशल युवाओं की जरूरत लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में युवाओं को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना आवश्यक है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान इसी उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण युवाओं को किसी कार्य को बेहतर तरीके से करने की क्षमता प्रदान करता है। प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ भविष्य में रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने में भी मददगार हो सकता है। यदि युवाओं को उनकी रुचि के अनुरूप तकनीकी शिक्षा मिले और वे प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का नियमित अभ्यास करें, तो उनके लिए आगे बढ़ने के कई रास्ते खुल सकते हैं।

भवानी छापर में आईटीआई के शुभारंभ से उन छात्र-छात्राओं को विशेष सुविधा मिलने की उम्मीद है, जो तकनीकी शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। स्थानीय स्तर पर संस्थान की उपलब्धता से उन्हें अपने क्षेत्र में ही प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा। इससे तकनीकी शिक्षा के प्रति रुचि रखने वाले युवाओं को अपनी आगे की पढ़ाई और कौशल विकास की योजना बनाने में सहायता मिल सकती है।

रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसरों पर भी नजर

विधायक ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने के योग्य बनाना भी है। तकनीकी संस्थानों की उपयोगिता इस बात से जुड़ी होती है कि वहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा अपने ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल किस तरह करते हैं। आईटीआई जैसे संस्थान युवाओं को व्यावसायिक दक्षता प्रदान करने के साथ उन्हें कामकाज की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर देते हैं।

उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवा अपनी योग्यता के अनुसार विभिन्न रोजगार क्षेत्रों में अवसर तलाश सकते हैं। इसके अलावा, आवश्यक संसाधन और अनुभव जुटाकर स्वरोजगार की दिशा में भी कदम बढ़ा सकते हैं। इस प्रकार तकनीकी शिक्षा युवाओं को केवल नौकरी पाने की तैयारी तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने की संभावनाओं से भी परिचित कराती है।

हालांकि, प्रशिक्षण के बाद रोजगार की संभावनाएं संबंधित ट्रेड, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, स्थानीय औद्योगिक जरूरतों और युवाओं की दक्षता पर निर्भर करती हैं। इसलिए संस्थान में पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुशासन और तकनीकी ज्ञान को मजबूत बनाना भी आवश्यक होगा।

संस्थान के बेहतर संचालन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की जरूरत

विधायक सभा कुंवर कुशवाहा ने संस्थान के बेहतर संचालन और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे तकनीकी शिक्षा के महत्व को समझें और उपलब्ध अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उनके अनुसार, युवाओं को अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाने, नई तकनीकों को सीखने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की सफलता के लिए जरूरी होगा कि विद्यार्थियों को व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और संबंधित ट्रेड के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। तकनीकी शिक्षा में प्रयोगात्मक अभ्यास की विशेष भूमिका होती है। इसलिए विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित रखने के बजाय उपकरणों, तकनीकों और कार्यप्रणाली की व्यावहारिक समझ विकसित करने के अवसर मिलना जरूरी है।

इसके साथ ही विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी आवश्यकताओं, कार्यस्थल के अनुशासन और रोजगार से जुड़ी बुनियादी अपेक्षाओं के प्रति जागरूक करना भी उपयोगी होगा। इससे वे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपने कौशल का बेहतर इस्तेमाल कर सकेंगे।

क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण हो सकती है भूमिका

विधायक ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों का विस्तार आवश्यक है। जब युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध होती है, तो वे अपनी क्षमताओं को विकसित करने के लिए बेहतर तैयारी कर सकते हैं। इससे क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।

भवानी छापर स्थित राजकीय आईटीआई का शुभारंभ इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण है। संस्थान के माध्यम से युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने और उन्हें व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने का रास्ता तैयार हो सकता है। आगे चलकर संस्थान की उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने विद्यार्थी यहां प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, उन्हें किस स्तर की तकनीकी दक्षता हासिल होती है और वे अपने ज्ञान का उपयोग रोजगार अथवा स्वरोजगार में किस प्रकार कर पाते हैं।

स्थानीय युवाओं के लिए ऐसे संस्थानों की उपलब्धता शिक्षा के विकल्पों को व्यापक बनाने में सहायक होती है। इससे विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता, रुचि और भविष्य की योजनाओं के अनुरूप व्यावसायिक प्रशिक्षण का रास्ता चुन सकते हैं। क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए भी कुशल युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण हो सकती है।

युवाओं से तकनीकी शिक्षा का लाभ उठाने की अपील

कार्यक्रम के दौरान विधायक सभा कुंवर कुशवाहा ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी क्षमता पहचानें, तकनीकी शिक्षा को महत्व दें और प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कौशल को निखारें। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और मेहनत को सही दिशा देने में शिक्षा तथा कौशल विकास की अहम भूमिका है। तकनीकी रूप से सक्षम युवा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ समाज और क्षेत्र के विकास में भी योगदान दे सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के प्रति गंभीर रहने और सीखने की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में ये लोग रहे उपस्थित

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के शुभारंभ कार्यक्रम में संस्थान के प्रधानाचार्य, क्षेत्रीय मंत्री हरिचरण कुशवाहा, राजकुमार शाही, ब्लॉक प्रमुख बिंदा सिंह कुशवाहा, डॉ. भानु प्रताप सिंह, रवि प्रकाश कुशवाहा, लक्ष्मण सिंह कुशवाहा, मनोज वर्मा, विजय प्रताप कुशवाहा, छोटे लाल यादव, हरिकेश कुशवाहा, धीरज गुप्ता और अखिलेश कुमार सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में संस्थान के शुभारंभ को युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के नए अवसरों से जोड़कर देखा गया। अब संस्थान के नियमित संचालन, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराने पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा, ताकि यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

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