🔴 इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करने, संसदीय परंपराओं से परिचित कराने और देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर तार्किक चिंतन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभागार, देवरिया में ‘भविष्य ए भारत छात्र संसद 2026’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने संसदीय कार्यवाही के माध्यम से ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्र संसद के इस मंच ने युवाओं को न केवल अपनी बात रखने का अवसर दिया, बल्कि उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था, नेतृत्व क्षमता और सार्वजनिक जीवन में संवाद की महत्ता को समझने का व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, पूर्व सांसद रविन्द्र कुशवाहा तथा गिरीश चन्द्र तिवारी सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और उनके प्रयासों को देश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। आयोजन में विद्यार्थियों के उत्साह, विचार प्रस्तुत करने की क्षमता और संसदीय प्रक्रिया के प्रति उनकी रुचि विशेष रूप से चर्चा का विषय रही।
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर छात्र संसद में हुआ विचार-विमर्श
‘भविष्य ए भारत छात्र संसद 2026’ का प्रमुख आकर्षण ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषय पर आयोजित संसदीय कार्यवाही रही। इस विषय के माध्यम से प्रतिभागियों को देश की चुनावी व्यवस्था और उससे जुड़े व्यापक पहलुओं पर अपनी समझ प्रस्तुत करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने संसदीय शैली में अपने विचार रखकर यह दिखाने का प्रयास किया कि युवा पीढ़ी राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को समझने और उन पर गंभीरता से विचार करने की क्षमता रखती है।
छात्र संसद जैसे आयोजन लोकतंत्र को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय उसे व्यवहार में समझने का अवसर देते हैं। सदन की कार्यवाही की शैली में विचार रखना, तर्क प्रस्तुत करना, दूसरे पक्ष की बात सुनना और किसी विषय के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करना विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होता है। इसी दृष्टि से यह आयोजन युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करने वाला रहा। हालांकि, कार्यक्रम में प्रस्तुत विचार प्रतिभागियों की समझ और दृष्टिकोण को सामने लाने का माध्यम थे।
कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने युवाओं की भूमिका को सराहा
कार्यक्रम में पहुंचे कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने युवाओं की भागीदारी की प्रशंसा करते हुए कहा, “एक युवा है जो जंतर-मंतर पर उत्पात मचा रहा है और एक इस कार्यक्रम में युवा है जो देश का भाग्यविधाता है।” उनके इस वक्तव्य के माध्यम से कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं के प्रयासों और उनकी सकारात्मक भागीदारी को रेखांकित किया गया।
मंत्री के वक्तव्य ने युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा देने और उन्हें देश के महत्वपूर्ण विषयों से जोड़ने की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया। युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति माने जाते हैं। उनकी सोच, शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और निर्णय लेने की क्षमता आने वाले समय में देश की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में छात्र संसद जैसे मंच युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
विधायक शलभ मणि त्रिपाठी बोले—जागरूक है देवरिया का युवा
विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन से यह स्पष्ट होता है कि देवरिया का युवा जागरूक है और देश के भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचता है। उनका वक्तव्य युवाओं की बौद्धिक सक्रियता और राष्ट्रीय विषयों के प्रति उनकी रुचि को प्रोत्साहित करने वाला रहा।
आज के दौर में युवाओं के सामने शिक्षा, रोजगार, तकनीक, सामाजिक बदलाव और राष्ट्रीय विकास जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषय हैं। इन विषयों को लेकर उनकी समझ विकसित करना तथा उन्हें तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी राय रखने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। छात्र संसद इस दिशा में एक उपयोगी मंच बन सकती है, जहां विद्यार्थी अपनी अभिव्यक्ति की क्षमता को निखारते हुए लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवाद की संस्कृति को भी आत्मसात कर सकें।
पूर्व सांसद रविन्द्र कुशवाहा ने संसदीय कार्यवाही की प्रशंसा की
पूर्व सांसद रविन्द्र कुशवाहा ने छात्र संसद की कार्यवाही पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इसे देखकर ऐसा महसूस हो रहा था, मानो देश की वास्तविक संसद की कार्यवाही देख रहे हों। उनकी इस टिप्पणी ने आयोजन में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत संसदीय शैली और कार्यवाही के स्वरूप की सराहना को सामने रखा।
संसदीय व्यवस्था में विचारों की विविधता, तर्कपूर्ण बहस, अनुशासन और जनहित के मुद्दों पर चर्चा का विशेष महत्व होता है। विद्यार्थियों को इन प्रक्रियाओं से परिचित कराने का उद्देश्य उन्हें भविष्य में जागरूक मतदाता, जिम्मेदार नागरिक और सक्षम नेतृत्वकर्ता बनने के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम में गिरीश चन्द्र तिवारी ने भी युवाओं का उत्साह बढ़ाया और उनकी भागीदारी की सराहना की। अतिथियों के प्रोत्साहन से प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें आगे भी ऐसे आयोजनों में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करने का संदेश मिला।
हिमांशु पाण्डेय ने हासिल किया पहला स्थान, नकद पुरस्कार से हुए सम्मानित
‘भविष्य ए भारत छात्र संसद 2026’ में प्रतिभागियों के प्रदर्शन के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया। प्रतियोगिता में हिमांशु पाण्डेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 5,100 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। दूसरे स्थान पर रहीं नैंसी श्रीवास्तव को 3,100 रुपये तथा तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली पलक सिंह को 2,100 रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
विजेताओं को दिए गए पुरस्कार उनकी उपलब्धि को सम्मानित करने के साथ-साथ अन्य प्रतिभागियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का माध्यम बने। प्रतियोगिताओं में सम्मान और प्रोत्साहन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि इससे विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करने तथा भविष्य में नई चुनौतियों को स्वीकार करने की प्रेरणा मिलती है।
मुख्य पुरस्कारों के अतिरिक्त उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दस प्रतिभागियों को ‘स्पेशल मेंशन’ से सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से उन विद्यार्थियों के प्रयासों को भी पहचान मिली, जिन्होंने प्रतियोगिता में उल्लेखनीय भागीदारी की। इससे यह संदेश गया कि किसी भी शैक्षणिक या बौद्धिक आयोजन में केवल शीर्ष स्थान हासिल करना ही उपलब्धि नहीं है, बल्कि समर्पण, तैयारी, विचारों की स्पष्टता और सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण हैं।
निर्णायक मंडल ने किया प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में अनंत मिश्रा, जुगुल किशोर पाण्डेय, सुदीप विद्या गुप्ता और तेज प्रताप मिश्रा शामिल रहे। निर्णायक मंडल की भूमिका प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने और प्रतियोगिता के परिणाम निर्धारित करने में महत्वपूर्ण रही। संसदीय शैली के ऐसे आयोजनों में प्रतिभागियों की विषय संबंधी समझ, विचारों की प्रस्तुति, तर्क क्षमता और संवाद शैली जैसे पहलू विशेष महत्व रखते हैं।
निर्णायकों की उपस्थिति ने आयोजन की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप देने में योगदान किया। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी कमजोरियों को पहचानने, अभिव्यक्ति में सुधार करने और भविष्य में अधिक प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखने का अवसर देती हैं। साथ ही, प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग और स्वस्थ संवाद की भावना विकसित करने में भी ऐसे कार्यक्रम उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।
हिमांशु तिवारी और शिखर पुरी के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन संरक्षक हिमांशु तिवारी और शिखर पुरी के मार्गदर्शन तथा अध्यक्ष रुद्र प्रकाश पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया। आयोजन से जुड़े लोगों के प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराना रहा, जहां वे देश और लोकतंत्र से संबंधित मुद्दों पर अपनी बात रख सकें तथा सार्वजनिक जीवन की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझ सकें।
इस अवसर पर युवराज सिंह, दीपांशु तिवारी, जयवर्धन पाण्डेय, प्रभात पाण्डेय, निर्भय प्रताप सिंह, नैतिक टंडन, दुर्गा शंकर मिश्रा, आदित्य सिंह और विवेक वर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने छात्र संसद की गतिविधियों के माध्यम से युवाओं की भागीदारी और उनके विचारों को सामने आते देखा। इस तरह आयोजन ने विद्यार्थियों, अतिथियों और आयोजकों के बीच संवाद का अवसर भी उपलब्ध कराया।
लोकतांत्रिक चेतना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की पहल
‘भविष्य ए भारत छात्र संसद 2026’ का महत्व केवल एक प्रतियोगिता या पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा। इसका व्यापक उद्देश्य युवाओं को लोकतंत्र की मूल भावना से जोड़ना, संसदीय परंपराओं के प्रति उनकी समझ बढ़ाना और उन्हें राष्ट्रीय विषयों पर जिम्मेदारी के साथ विचार रखने के लिए प्रोत्साहित करना था। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को यह समझने में मदद करते हैं कि लोकतंत्र में विचारों की स्वतंत्रता के साथ दूसरों के विचारों का सम्मान, तथ्यों पर आधारित तर्क और मर्यादित संवाद भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सहभागी बनाने के लिए शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव भी आवश्यक है। जब विद्यार्थी किसी समसामयिक विषय पर अध्ययन करते हैं, उसके विभिन्न पहलुओं को समझते हैं और सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखते हैं, तो उनकी तार्किक क्षमता तथा आत्मविश्वास का विकास होता है। यही अनुभव उन्हें आगे चलकर सामाजिक कार्यों, सार्वजनिक विमर्श और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अधिक जिम्मेदारी से भाग लेने के लिए तैयार कर सकता है।
देवरिया में आयोजित इस छात्र संसद ने युवाओं की प्रतिभा को सामने लाने के साथ लोकतांत्रिक जागरूकता और नेतृत्व विकास की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम से यह संदेश उभरा कि युवा पीढ़ी को उचित अवसर, मार्गदर्शन और रचनात्मक मंच उपलब्ध कराए जाएं, तो वह देश के सामने मौजूद महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर सकती है। जागरूकता, संवाद, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना से युक्त युवा ही भविष्य में एक सशक्त, प्रगतिशील और लोकतांत्रिक भारत के निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकते हैं।













