इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। बनकटा थाना क्षेत्र के अहिरौली बघेल गांव में गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। गांव के वर्तमान ग्राम प्रधान राम एकबाल यादव (52) की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। सुबह जिस घर से एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि रोजमर्रा के काम के लिए निकले थे, वहां कुछ ही घंटों बाद मातम और चीख-पुकार का माहौल था। राम एकबाल यादव की अचानक हुई मौत की खबर जिसने भी सुनी, वह स्तब्ध रह गया।
राम एकबाल यादव केवल ग्राम प्रधान के रूप में ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में अपनी सहजता, मिलनसार व्यवहार और लोगों के बीच लोकप्रियता के लिए भी जाने जाते थे। ग्रामीणों के मुताबिक वह लोगों के सुख-दुख में खड़े रहने वाले व्यक्ति थे। यही वजह है कि उनकी असमय मौत की खबर से अहिरौली बघेल ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई।
सुबह घर से निकले राम एकबाल, फिर नहीं लौटे
परिजनों के अनुसार राम एकबाल यादव पुत्र लल्लन यादव गुरुवार की सुबह करीब छह बजे घर से निकले थे। सुबह का समय था और परिवार को कतई अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी विदाई साबित होगी। बताया जा रहा है कि वह घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर बिजली के तार को जोड़ने के लिए पहुंचे थे।
इसी दौरान वह एलटी लाइन की चपेट में आ गए। बिजली का करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए और वहीं गिर पड़े। हादसा इतनी अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोगों को भी संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ देर बाद जब घरवालों ने देखा कि राम एकबाल यादव वापस नहीं आए हैं तो उनकी चिंता बढ़ने लगी।
परिजनों ने पहले अपने स्तर से उनकी तलाश शुरू की। गांव और आसपास के संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। समय बीतने के साथ परिवार की बेचैनी बढ़ती गई। इसके बाद पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई।
लोकेशन के आधार पर तलाश, कब्रिस्तान में मिला शव
राम एकबाल यादव की तलाश में पुलिस भी जुट गई। उपलब्ध जानकारी और लोकेशन के आधार पर खोजबीन की गई। तलाश के दौरान उनका शव गांव के कब्रिस्तान में मिला। शव मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों तक पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया।
जिस व्यक्ति के घर लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, उसकी मौत की खबर ने सभी को भीतर तक तोड़ दिया। पत्नी गीता देवी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बच्चों और परिजनों के लिए इस अचानक आई त्रासदी को स्वीकार करना बेहद कठिन रहा।
घटना की जानकारी गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। हर चेहरे पर अविश्वास और दुख साफ दिखाई दे रहा था। ग्रामीणों के बीच राम एकबाल यादव की सहजता और उनके व्यवहार की चर्चा होती रही।
लोकप्रिय ग्राम प्रधान की मौत से गांव ने खोया अपना जनप्रतिनिधि
राम एकबाल यादव वर्तमान में अहिरौली बघेल गांव के ग्राम प्रधान थे। ग्रामीणों के अनुसार वह लोगों के बीच लोकप्रिय थे और गांव के लोगों से उनका सीधा जुड़ाव था। ग्राम प्रधान होने के कारण गांव की समस्याओं और लोगों की जरूरतों से उनका लगातार संपर्क रहता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राम एकबाल यादव का व्यवहार सहज था। ग्रामीण किसी समस्या को लेकर उनके पास पहुंचते थे तो वह उनकी बात सुनते थे। यही जनसंपर्क और लोगों के बीच उनकी सक्रियता उन्हें क्षेत्र में अलग पहचान देती थी।
उनकी मौत ने गांव को केवल एक जनप्रतिनिधि से ही वंचित नहीं किया, बल्कि ग्रामीणों के बीच घुलने-मिलने वाले एक ऐसे व्यक्ति को भी उनसे छीन लिया, जिसे लोग अपने बीच का मानते थे। यही कारण है कि हादसे के बाद गांव का माहौल बेहद गमगीन हो गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
राम एकबाल यादव अपने पीछे पत्नी गीता देवी, दो बेटे अनीश यादव और सचिन यादव तथा दो बेटियों को छोड़ गए हैं। उनकी बड़ी बेटी का विवाह हो चुका है। परिवार के लिए यह घटना किसी वज्रपात से कम नहीं है।
सुबह तक घर में सामान्य गतिविधियां थीं, लेकिन कुछ ही समय बाद वहां मातम पसर गया। परिवार के सदस्यों की आंखों के सामने अचानक जिंदगी का पूरा दृश्य बदल गया। पत्नी और बच्चों के लिए यह विश्वास करना कठिन रहा कि जिस व्यक्ति के साथ उन्होंने जीवन की अनेक जिम्मेदारियां साझा कीं, वह अब उनके बीच नहीं है।
ग्रामीण भी परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचते रहे। हर कोई अपनी तरह से परिजनों को ढांढस बंधाने की कोशिश करता नजर आया, लेकिन अचानक हुई इस मौत के सामने शब्द भी जैसे कमजोर पड़ गए।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की परिस्थितियों को लेकर पुलिस ने प्रक्रिया के अनुसार जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई के बीच गांव में लोगों की भीड़ जमा रही। ग्रामीण घटना को लेकर दुख जताते रहे और बिजली लाइन से जुड़े कार्यों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर देते रहे।
बिजली से जुड़े कार्यों में सावधानी की जरूरत
राम एकबाल यादव की मौत ने एक बार फिर बिजली के तारों और विद्युत लाइन के आसपास काम करने के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बिजली से संबंधित कोई भी कार्य बेहद सावधानी और आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ किया जाना जरूरी है।
ग्रामीणों ने अपील की कि विद्युत लाइन से जुड़े कार्यों में जल्दबाजी न की जाए और किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या होने पर प्रशिक्षित और अधिकृत बिजली कर्मियों की मदद ली जाए। थोड़ी सी असावधानी कई बार पूरे परिवार की जिंदगी बदल देती है।
अहिरौली बघेल में राम एकबाल यादव की मौत इसी दर्दनाक सच्चाई की याद दिलाती है। जिस सुबह उन्होंने घर से कदम बाहर रखा था, परिवार ने सोचा भी नहीं था कि कुछ घंटों बाद उनके जीवन में ऐसा अंधेरा उतर आएगा, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।
गांव की यादों में लंबे समय तक रहेंगे राम एकबाल
राम एकबाल यादव की असमय मौत से अहिरौली बघेल गांव में गहरा खालीपन महसूस किया जा रहा है। ग्रामीणों के लिए उनका जाना केवल एक दुर्घटना की खबर नहीं है, बल्कि एक परिचित और लोकप्रिय चेहरे के अचानक हमेशा के लिए चले जाने का दुख है।
गांव के लोग उनके साथ बिताए समय और उनके सहज व्यवहार को याद कर रहे हैं। कई ग्रामीणों के लिए वह ऐसे व्यक्ति थे, जिनसे किसी भी समय अपनी बात साझा की जा सकती थी। ग्राम प्रधान के रूप में उनकी भूमिका और लोगों के साथ उनका जुड़ाव उनकी पहचान का हिस्सा बन चुका था।
गुरुवार की सुबह हुई यह बिजली दुर्घटना परिवार के लिए ऐसी पीड़ा छोड़ गई है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं। एक ओर पत्नी और बच्चों के सामने जीवन की नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं, तो दूसरी ओर गांव ने अपने बीच के एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को खो दिया है।
अहिरौली बघेल के लोगों के बीच अब राम एकबाल यादव की यादें ही शेष हैं। उनका अचानक चले जाना गांव के लिए लंबे समय तक एक ऐसी टीस बना रहेगा, जिसे समय भी शायद पूरी तरह कम नहीं कर पाएगा। बिजली की एक दर्दनाक दुर्घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं और पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।













