सम्पूर्ण समाधान दिवस : देवरिया में डीएम ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, 13 कानूनगो का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश

देवरिया सदर तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान डीएम मधुसूदन हुल्गी अधिकारियों के साथ जनसमस्याएं सुनते हुए, साथ में रिपोर्टर इरफान अली लारी

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट 

देवरिया, 5 सितंबर। देवरिया सदर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिले के अधिकारियों ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में आयोजित इस समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों से शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों की समय पर मौजूदगी को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने वाले 13 कानूनगो का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से तहसील स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही।

42 शिकायतें पहुंचीं, नौ मामलों का मौके पर समाधान

देवरिया सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 42 शिकायतें और प्रार्थना पत्र अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किए गए। इनमें सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग से संबंधित रहे।

प्राप्त शिकायतों में 24 मामले राजस्व विभाग, सात मामले पुलिस विभाग, दो शिकायतें विकास विभाग तथा नौ प्रकरण अन्य विभागों से संबंधित थे। अधिकारियों ने फरियादियों की बात सुनने के बाद संबंधित विभागों को शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपी।

समाधान दिवस के दौरान नौ मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने के निर्देश के साथ भेजा गया।

डीएम ने कहा- शिकायतों के निस्तारण में न हो लापरवाही

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

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उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसके निस्तारण की प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय मौके की वास्तविक स्थिति को समझते हुए कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि किसी फरियादी को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए संबंधित अधिकारी शिकायत मिलने के बाद उसकी गंभीरता और प्रकृति के अनुसार प्राथमिकता तय करते हुए कार्रवाई करें।

लंबित मामलों की नियमित समीक्षा के निर्देश

सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों का निस्तारण किसी कारण से लंबित है, उनके कारणों की समीक्षा की जाए और अनावश्यक देरी को दूर किया जाए।

उन्होंने राजस्व सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनकी प्रगति पर नजर रखी जाए। शिकायतों के निस्तारण के बाद यह भी सुनिश्चित किया जाए कि फरियादी को वास्तव में राहत मिली है या नहीं।

डीएम ने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में जवाबदेही और संवेदनशीलता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिक अपनी समस्या लेकर सरकारी व्यवस्था के पास उम्मीद के साथ आता है। ऐसे में उसकी शिकायत को टालना या उसे अनावश्यक रूप से दूसरे कार्यालय में भेजना उचित नहीं है।

समय पर नहीं पहुंचे 13 कानूनगो, डीएम ने दिखाई सख्ती

सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त संदेश दिया। निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने वाले 13 कानूनगो के एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

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जिलाधिकारी की इस कार्रवाई को प्रशासनिक व्यवस्था में समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अधिकारियों की अनुपस्थिति से फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में डीएम ने समय पर उपस्थित होकर जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा की।

पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर एसपी ने दिए निर्देश

सम्पूर्ण समाधान दिवस में पुलिस विभाग से संबंधित सात शिकायतें भी अधिकारियों के सामने पहुंचीं। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने इन शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित पुलिस अधिकारियों को मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने थाना स्तर पर आने वाली शिकायतों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने पर जोर दिया। एसपी ने थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना जाए और नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि फरियादियों को अपनी शिकायत के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। शिकायत मिलने के बाद उसकी जांच और कार्रवाई में अनावश्यक देरी से बचते हुए नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए।

राजस्व मामलों का रहा दबदबा

देवरिया सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। कुल 42 मामलों में 24 शिकायतें राजस्व से जुड़ी थीं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि तहसील स्तर पर भूमि, कब्जे, सीमांकन, पैमाइश, राजस्व अभिलेख और अन्य संबंधित विषयों से जुड़ी समस्याएं लोगों के लिए अब भी महत्वपूर्ण हैं।

प्रशासन की ओर से इन शिकायतों को निर्धारित समय-सीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि शिकायतों का समाधान कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए।

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अधिकारियों की मौजूदगी में हुई जनसुनवाई

सम्पूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ खंड विकास अधिकारी, तहसील स्तर के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखीं।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने शिकायतों की प्रकृति के अनुसार संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन की कोशिश रही कि जो मामले मौके पर समाधान योग्य हैं, उन्हें तत्काल निस्तारित किया जाए और जिन मामलों में जांच या विभागीय कार्रवाई आवश्यक है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए।

जनसमस्याओं के समाधान पर प्रशासन का जोर

देवरिया सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी की सख्ती और अधिकारियों को दिए गए निर्देशों से प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। 13 कानूनगो का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई भी इसी प्रशासनिक सख्ती का हिस्सा रही।

कुल 42 शिकायतों में नौ मामलों का मौके पर निस्तारण हुआ, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजा गया। अब इन मामलों के समयबद्ध निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर है। समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ अधिकारियों को जवाबदेही, संवेदनशीलता और समयबद्ध कार्रवाई का संदेश दिया गया।

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Author: यायावर

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