रिपोर्ट : इरफान अली लारी
भाटपार रानी, देवरिया। उपनगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल बीएन पब्लिक स्कूल भाटपार रानी में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 3 सितंबर को श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों से लेकर कक्षा 10 तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर दिखाई दिया। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, राधा-कृष्ण की लीलाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। विशेष रूप से छोटे बच्चों द्वारा राधा और कान्हा के रूप में दी गई मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
नन्हे कलाकारों ने राधा-कृष्ण का रूप धरकर बिखेरी छटा
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में विद्यालय के नर्सरी से कक्षा 10 तक के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नन्हे बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में राधा और श्रीकृष्ण का रूप धारण कर मंच पर सुंदर प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की मासूम अदाओं, आकर्षक परिधानों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
शान्वी गुप्ता, वर्तिका, वैष्णवी, श्रेयांश, कृतिका, प्रियाल, अर्पिता, माही, आयुषी, आकांक्षा, रिया, खुशी और रोशनी सहित अनेक विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। बच्चों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक पर्व मनाना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना भी रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को भी महत्व दिया जाता है।
श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेम, कर्म और साहस की सीख
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीएन पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद प्रकाश ने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से हमें प्रेम, कर्तव्य, कर्मनीति, धैर्य और साहस जैसे जीवन-मूल्यों की सीख मिलती है। विपरीत परिस्थितियों में भी अपना कर्तव्य निभाने और सत्य एवं न्याय के पक्ष में खड़े रहने का संदेश श्रीकृष्ण के जीवन से प्राप्त होता है।
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति और अपनी गौरवशाली परंपराओं को समझें तथा उनसे मिलने वाली सकारात्मक सीख को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय परिसर में दिखी उत्सव की रौनक
जन्माष्टमी समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सव का वातावरण बना रहा। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और श्रीकृष्ण से जुड़े कार्यक्रमों ने आयोजन को यादगार बना दिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
शिक्षकों और विद्यालय के कर्मचारियों ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चों को तैयार करने से लेकर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं तक विद्यालय परिवार के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। समारोह के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
उप प्रधानाचार्या सहित विद्यालय परिवार रहा मौजूद
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के इस विशेष आयोजन में विद्यालय की उप प्रधानाचार्या प्रीति गुप्ता भी उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को सराहा और उन्हें भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़े पर्वों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय परिवार से जुड़े राजेश यादव, सोनू कुमार, बलराम यादव, राज पांडेय, तालिब हुसैन, नंदिनी गुप्ता, अनिता यादव, प्रतिभा दीक्षित, दिव्या, पूजा, पूनम, खुशी और निकी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरे पर दिखाई दे रही खुशी और उत्साह ने पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया।
सांस्कृतिक गतिविधियों से बच्चों का सर्वांगीण विकास
विद्यालय में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह ने यह संदेश भी दिया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों का होना आवश्यक है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने का अवसर मिलता है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे पर्व विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की जानकारी देने के साथ उनमें सहयोग, अनुशासन, रचनात्मकता और सामाजिक मूल्यों की भावना भी विकसित करते हैं। बीएन पब्लिक स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में भी बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समारोह में प्रस्तुत राधा-कृष्ण के मनमोहक स्वरूप और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लंबे समय तक विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहीं। आयोजन ने विद्यालय परिसर में एक ओर जहां भक्ति और आस्था का वातावरण बनाया, वहीं दूसरी ओर बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर भी प्रदान किया।
इस प्रकार बीएन पब्लिक स्कूल भाटपार रानी में मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा, संस्कृति और बाल प्रतिभा का सुंदर संगम बन गई। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए और विद्यालय परिवार ने भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
























