18 अक्टूबर 2026 4:49 पूर्वाह्न

सांसद ने अनाथ बच्चियों से मिलकर बढ़ाया मदद का हाथ, 31 हजार रुपये और 10 कुंतल राशन का कराया इंतजाम

सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर इशारु गांव की पांच अनाथ बच्चियों से मिलकर आर्थिक और राशन की सहायता करते हुए

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया |  जिले के सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र के इशारु गांव में एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब मोहन पुत्र राजेश राजभर और उनकी पत्नी सुगंधी देवी के निधन के बाद उनकी पांच नाबालिग बेटियां अनाथ हो गईं। माता-पिता के निधन के बाद इन बच्चियों के सामने जीवन-यापन, भोजन और भविष्य की सुरक्षा को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ऐसी विषम परिस्थिति में सलेमपुर के समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद रमाशंकर राजभर ने इशारु गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और बच्चियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

सांसद रमाशंकर राजभर ने बच्चियों की स्थिति को देखते हुए तत्काल आर्थिक और खाद्यान्न सहायता उपलब्ध कराने की पहल की। उन्होंने अपनी ओर से तथा राजभर समाज की ओर से कुल 31 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इसके साथ ही परिवार के लिए 10 कुंतल राशन का इंतजाम भी कराया गया, ताकि अनाथ बच्चियों के सामने तत्काल भोजन का संकट न खड़ा हो।

माता-पिता के निधन के बाद बेसहारा हुईं पांच नाबालिग बेटियां

जानकारी के अनुसार मोहन और उनकी पत्नी सुगंधी देवी के निधन के बाद उनकी पांच बेटियां पुष्पा, दुर्गा, देवनती, आंसू और राधिका नाबालिग अवस्था में अनाथ हो गई हैं। कम उम्र में माता-पिता का साया उठ जाने से बच्चियों के सामने न केवल भावनात्मक संकट है, बल्कि उनके पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य को लेकर भी कई गंभीर चुनौतियां पैदा हो गई हैं।

परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सांसद ने बच्चियों की तत्काल जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने ग्रामीणों के बीच यह भरोसा भी दिलाया कि बच्चियों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और उनके संरक्षण तथा आवश्यक सहायता के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

अधिकारियों से बात कर सरकारी सहायता दिलाने की पहल

सांसद रमाशंकर राजभर ने बच्चियों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों से बातचीत करने की बात कही। उन्होंने मांग की कि अनाथ बच्चियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए। उन्होंने अधिकारियों से बच्चियों का लाल राशन कार्ड बनवाने की मांग भी रखी, ताकि परिवार को नियमित खाद्यान्न सहायता मिल सके और भोजन की समस्या कम हो।

सांसद ने यह भी कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और बिजली का बिल जमा न होने के कारण विद्युत कनेक्शन काट दिया गया है। ऐसी स्थिति में बच्चियों के सामने बिजली जैसी बुनियादी सुविधा का संकट भी पैदा हो गया है। उन्होंने बिजली विभाग से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बकाया बिजली बिल के मामले में राहत देने तथा कनेक्शन बहाल कराने की पहल करने की मांग की।

अनाथ बच्चियों के भरण-पोषण में प्रशासन से सहयोग की अपील

रमाशंकर राजभर ने प्रशासन से भी अपील की कि इन पांचों नाबालिग बच्चियों के भरण-पोषण और भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि माता-पिता के निधन के बाद बच्चियों को सरकारी संरक्षण और योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए, जिससे उनकी पढ़ाई, भोजन और दैनिक जरूरतें प्रभावित न हों।

उन्होंने प्रशासन से बच्चियों की स्थिति का गंभीरता से संज्ञान लेने और पात्र सरकारी योजनाओं से जोड़ने की मांग की। सांसद ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि बेसहारा बच्चों को सुरक्षित वातावरण और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जाए।

सांसद ने सम्पूर्ण संरक्षण की जिम्मेदारी का दिया भरोसा

सांसद रमाशंकर राजभर ने ग्रामीणों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में अनाथ बच्चियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने अपनी ओर से इन बच्चियों के संरक्षण और सहायता की जिम्मेदारी उठाने की बात कही। साथ ही राजभर समाज और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी बच्चियों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को माता-पिता के निधन के बाद अकेला महसूस नहीं होना चाहिए। समाज और प्रशासन को मिलकर ऐसे परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए। सांसद की इस पहल से मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने भी राहत महसूस की और बच्चियों की सहायता के लिए सामूहिक प्रयास करने की बात कही।

ग्रामीणों ने भी जताई सहयोग की भावना

इशारु गांव में आयोजित इस मौके पर ग्रामीणों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी बच्चियों की स्थिति पर चिंता जताई। लोगों ने कहा कि कम उम्र में माता-पिता को खो चुकी इन बच्चियों को लंबे समय तक सहयोग की जरूरत है। केवल तत्काल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

ग्रामीणों ने सांसद की ओर से की गई आर्थिक और राशन सहायता की सराहना की। लोगों का कहना था कि संकट की घड़ी में जनप्रतिनिधि का पीड़ित परिवार के बीच पहुंचना और मदद का हाथ बढ़ाना सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है।

मौके पर मौजूद रहे सपा कार्यकर्ता और स्थानीय पदाधिकारी

कार्यक्रम के दौरान सपा के ब्लॉक अध्यक्ष नागेंद्र पासवान, योगेश यादव, पवन यादव, मंजूर आलम, सांसद के मीडिया प्रभारी विवेक भास्कर, पिंटू पासवान सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने अनाथ बच्चियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके भविष्य के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।

इशारु गांव की पांच नाबालिग बच्चियों के माता-पिता के निधन से पैदा हुए इस संकट ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि समाज और प्रशासन ऐसे बच्चों की सुरक्षा और भविष्य के लिए कितनी तेजी से कदम उठाते हैं। सांसद रमाशंकर राजभर की ओर से दी गई 31 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और 10 कुंतल राशन तत्काल राहत जरूर है, लेकिन बच्चियों की शिक्षा, भरण-पोषण और सुरक्षित भविष्य के लिए दीर्घकालिक सरकारी और सामाजिक सहयोग की जरूरत बनी हुई है।

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