सावन माह के पावन अवसर पर सकर्रा क्षेत्र में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सागर मैया से पवित्र जल लेकर भुलकहा स्थित भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निकाली गई भव्य कांवड़ यात्रा ने पूरे क्षेत्र को शिवभक्ति के रंग में रंग दिया। कांवड़ यात्रा का शुभारंभ सागर मैया की विधिवत पूजा-अर्चना और गंगा आरती के साथ हुआ। इसके बाद हजारों शिवभक्त भगवा ध्वज और कांवड़ लेकर ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बोल बम’ के जयघोष के बीच भुलकहा के लिए रवाना हुए।
सावन के इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान जगह-जगह शिवभक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बनता था। श्रद्धालुओं के जयघोष से यात्रा मार्ग का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
सागर मैया की गंगा आरती से हुआ कांवड़ यात्रा का शुभारंभ
कांवड़ यात्रा के विधिवत शुभारंभ से पहले सागर मैया के तट पर विशेष पूजा-अर्चना और गंगा आरती का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय धर्माचार्य दुर्गेश शर्मा, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष ललित मखीजा, बजरंग दल अध्यक्ष सौमित्र गुप्ता तथा बजरंग दल जिला बिलासपुर अध्यक्ष दीपक सिंह ने सागर मैया की विधिवत पूजा-अर्चना कर गंगा आरती में सहभागिता की।
गंगा आरती के पश्चात श्रद्धालुओं ने सागर मैया से पवित्र जल अपने-अपने कांवड़ में ग्रहण किया। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के संकल्प के साथ कांवड़ यात्रा को विधिवत रवाना किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माधवी संतोष वस्त्रकार, जिला किसान मोर्चा के महामंत्री दिनेश राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
भगवा ध्वज और कांवड़ के साथ निकले हजारों शिवभक्त
कांवड़ यात्रा शुरू होते ही पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंज उठा। हाथों में भगवा ध्वज और कंधों पर कांवड़ लेकर श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आए। यात्रा में युवाओं के साथ महिलाओं और पुरुषों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों और भगवान शिव के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। सावन के महीने में आयोजित इस धार्मिक यात्रा ने क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत कर दिया।
यात्रा का प्रमुख उद्देश्य सागर मैया से पवित्र जल लेकर भुलकहा पहुंचना और उस जल से भगवान भोलेनाथ का विधिवत जलाभिषेक करना था। श्रद्धालु पूरे मार्ग में आस्था और अनुशासन के साथ आगे बढ़ते रहे।
भुलकहा में हुआ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक
कांवड़ यात्रा के भुलकहा पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने सागर मैया से लाए गए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का विधिवत जलाभिषेक किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त पूजा-अर्चना में शामिल हुए। भगवान महादेव के जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
जिला पंचायत सदस्य अंबिका विनोद साहू तथा जनपद सदस्य कविता महेश यादव ने भी श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरा वातावरण शिवमय नजर आया।
कविता महेश यादव ने कहा—कांवड़ यात्रा आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रतीक
जलाभिषेक के बाद जनपद सदस्य कविता महेश यादव ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। सागर मैया से पवित्र जल लेकर भुलकहा तक हजारों श्रद्धालुओं ने जिस उत्साह और भक्तिभाव के साथ यात्रा पूरी की, वह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन सनातन परंपराओं और हमारी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का कार्य करते हैं। साथ ही ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा, सहयोग और एकता की भावना भी बढ़ती है।
कविता महेश यादव ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि महादेव की कृपा क्षेत्र के प्रत्येक परिवार पर बनी रहे। सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा क्षेत्र निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़े।
उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों, आयोजन समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
अंबिका विनोद साहू ने दी क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं
जिला पंचायत सदस्य अंबिका विनोद साहू ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सागर मैया की गंगा आरती से शुरू हुई यह यात्रा श्रद्धा और आस्था का सुंदर उदाहरण है। हजारों शिवभक्तों की सहभागिता ने इस धार्मिक आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
उन्होंने भगवान महादेव से क्षेत्रवासियों के सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी सनातन परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं।
जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निभाई सहभागिता
भव्य कांवड़ यात्रा में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं, युवाओं और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया।
सागर मैया की गंगा आरती से लेकर भुलकहा में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक तक यात्रा का प्रत्येक चरण धार्मिक आस्था और भक्ति से ओतप्रोत रहा। श्रद्धालुओं के ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से यात्रा मार्ग लगातार गूंजता रहा।
शिवभक्ति में सराबोर रहा पूरा क्षेत्र
सावन माह में आयोजित इस भव्य कांवड़ यात्रा ने सकर्रा और आसपास के क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना दिया। सागर मैया से पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक तक श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ अपनी धार्मिक परंपरा निभाई।
कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने यह संदेश भी दिया कि धार्मिक आयोजन सामाजिक सहभागिता और एकजुटता का माध्यम बन सकते हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था, उत्साह और अनुशासन ने आयोजन को विशेष बना दिया।
सागर मैया की गंगा आरती से शुरू होकर भुलकहा में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के साथ संपन्न हुई यह कांवड़ यात्रा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करती नजर आई। पूरे आयोजन में भगवान शिव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय रहा और श्रद्धालुओं ने महादेव से अपने परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।













