मौत की बारिश : एक ही घर से उठीं पांच अर्थियां, सामने आया नया अपडेट
रिपोर्ट: ठाकुर बख्श सिंह
मुजफ्फरनगर . लगातार हो रही बारिश ने उत्तर प्रदेश में एक परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी। जिले के फुगाना थाना क्षेत्र के हबीबपुर गांव में रविवार शाम कच्चा मकान भरभराकर गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो मासूम बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। इस बीच राहत कार्य, सरकारी सहायता और मंत्री के बयान को लेकर नया घटनाक्रम सामने आने से मामला चर्चा का विषय बन गया है।
बारिश ने पलभर में उजाड़ दिया पूरा परिवार
हबीबपुर गांव में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही थी। बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवारें और छत कमजोर हो चुकी थीं। रविवार शाम अचानक मकान भरभराकर ढह गया। हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर मौजूद थे और किसी को बाहर निकलने का अवसर नहीं मिल सका।
मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े और मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल भी घटनास्थल पर पहुंच गए। जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाकर बचाव अभियान चलाया गया।
एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत
राहत अभियान के दौरान मलबे से लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हादसे में 52 वर्षीय इस्लामुद्दीन सहित परिवार के कुल पांच सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में चार बच्चे और एक मासूम भी शामिल हैं। एक ही घर से पांच अर्थियां उठने का दृश्य देखकर पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।
दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हुई हैं। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राहत और बचाव अभियान में जुटा प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कराया। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से मलबा हटाया गया और सभी पीड़ितों को बाहर निकाला गया।
अधिकारियों ने घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
अस्पताल पहुंचे मंत्री, घायलों से की मुलाकात
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल हादसे के बाद जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल बच्चियों का हालचाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से कहा कि पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली हर संभव सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान
मंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने, घायलों के समुचित इलाज और मृतकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री के बयान से छिड़ी नई बहस
हादसे के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल की जनसंख्या को लेकर की गई टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है, लेकिन बढ़ती जनसंख्या के कारण नई पारिवारिक जरूरतें सामने आती रहती हैं और सरकार की भी अपनी सीमाएं हैं।
इस बयान के बाद विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शोक की इस घड़ी में ऐसी टिप्पणी को संवेदनशीलता की कसौटी पर देखा जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि मंत्री ने सरकार की आवास योजनाओं और संसाधनों के संदर्भ में अपनी बात रखी।
सामने आया नया अपडेट
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में जर्जर और कच्चे मकानों का सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिन मकानों के गिरने की आशंका है, वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि बरसात के मौसम में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
बरसात में बढ़ा खतरा, सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान कच्चे और जर्जर मकानों में रहना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे मकानों में दरारें दिखाई देने, दीवारों के झुकने या छत से पानी लगातार रिसने जैसी स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए और स्थानीय प्रशासन को सूचना देनी चाहिए।
मुजफ्फरनगर के हबीबपुर गांव का यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे और जर्जर मकानों की वास्तविक स्थिति की गंभीर चेतावनी भी है। एक ही घर से पांच अर्थियां उठने की यह दर्दनाक घटना लंबे समय तक लोगों को झकझोरती रहेगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन का सर्वे अभियान और सरकारी सहायता कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से पीड़ित परिवारों तक पहुंचती है।








