बारबंकी

CM Yogi in Barabanki: 542 करोड़ की 82 परियोजनाओं की सौगात, विकास के साथ विरासत संरक्षण पर मुख्यमंत्री का जोर

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी दौरे के दौरान जिले को 542 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 82 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास शामिल है। विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल आधारभूत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान दिलाने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास और विरासत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं और सरकार इन्हें साथ लेकर आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बाराबंकी की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जनपद केवल विकास की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यहां स्थित भगवान लोधेश्वर महादेव मंदिर, पौराणिक पारिजात वृक्ष और अनेक ऐतिहासिक स्थल प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। सरकार इन सभी स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।

542 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगी जिले की तस्वीर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन 82 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, वे बाराबंकी के विकास को नई दिशा देंगी। इन परियोजनाओं के माध्यम से सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, ग्रामीण विकास और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ सीधे लाखों लोगों तक पहुंचेगा और जिले में विकास की गति और तेज होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल परियोजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा कर जनता को उनका लाभ उपलब्ध कराना है।

भारत की पहचान उसकी संस्कृति और विरासत से

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक विरासत होती है। भारत हजारों वर्षों से सनातन संस्कृति का वाहक रहा है और यही संस्कृति देश को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रही है।

उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में अनेक ऐसे महापुरुष हुए जिन्होंने राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। मुख्यमंत्री ने राजा बलभद्र सिंह, लाखन पासी, महाराजा बिजली पासी, महाराजा सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह जैसे वीरों का स्मरण करते हुए कहा कि इन महान विभूतियों ने भारत की अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया। आज पूरा देश उन्हें इसलिए सम्मान देता है क्योंकि उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए गौरवशाली विरासत छोड़ी।

उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों के आदर्श आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और सरकार भी उसी भावना के साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण का कार्य कर रही है।

लोधेश्वर महादेव धाम में दर्शन कर मिली आत्मिक शांति

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान लोधेश्वर महादेव का स्मरण करते हुए की। उन्होंने कहा कि बाराबंकी पहुंचने के बाद सबसे पहले उन्हें भगवान लोधेश्वर महादेव के दर्शन का सौभाग्य मिला और वहां पहुंचकर उन्हें आत्मिक शांति और विशेष आनंद की अनुभूति हुई।

उन्होंने कहा कि लोधेश्वर महादेव धाम केवल बाराबंकी ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लेकिन लंबे समय तक इस पवित्र स्थल के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की उपेक्षा होना दुर्भाग्यपूर्ण था, जिसे अब दूर करने का कार्य वर्तमान सरकार कर रही है।

लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा के दौरान बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि भगवान लोधेश्वर महादेव मंदिर कॉरिडोर के निर्माण के लिए सरकार ने आवश्यक धनराशि स्वीकृत कर दी है।

उन्होंने बताया कि आने वाले समय में यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या, काशी और मथुरा में धार्मिक विकास कार्यों ने पर्यटन को नई ऊंचाई दी है, उसी प्रकार प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

पूर्व सरकारों पर साधा राजनीतिक निशाना

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिना किसी दल का नाम लिए पूर्व सरकारों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश को आजादी मिलने के बाद भी प्रदेश की कई ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें उपेक्षा का शिकार बनी रहीं।

उन्होंने कहा कि वर्षों तक कुछ स्थानों पर विकास कार्य हुए, लेकिन लोधेश्वर महादेव जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के समुचित विकास की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए। वर्तमान सरकार ने इस सोच को बदलते हुए धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास को प्राथमिकता दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी एक स्थान का विकास नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की विरासत को संरक्षित कर उसे नई पहचान देना है।

केडी सिंह बाबू की धरोहर को बचाने का उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में देश के महान हॉकी खिलाड़ी केडी सिंह बाबू का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति थी कि भारतीय हॉकी को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ी की ऐतिहासिक हवेली बिकने की कगार पर पहुंच गई थी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप कर इस धरोहर को बचाने का निर्णय लिया और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए ताकि आने वाली पीढ़ियां इस विरासत से प्रेरणा ले सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल भवनों का संरक्षण नहीं कर रही, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों की स्मृतियों को भी सुरक्षित रखने का कार्य कर रही है जिन्होंने देश का नाम रोशन किया।

पारिजात वृक्ष को मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री ने बाराबंकी के विश्वप्रसिद्ध पौराणिक पारिजात वृक्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह स्थल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन लंबे समय तक इसके संरक्षण और पर्यटन विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार पारिजात वृक्ष के संरक्षण के साथ-साथ वहां पर्यटक सुविधाओं का विस्तार भी कर रही है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल धरोहरों को सुरक्षित रखना नहीं, बल्कि उन्हें वैश्विक पहचान दिलाना भी है।

विकास और विरासत दोनों सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विकास और विरासत को साथ लेकर चलने का मॉडल अपनाया है। एक ओर जहां एक्सप्रेस-वे, सड़कें, पुल, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, शिक्षा और सिंचाई जैसी योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण भी समान रूप से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश, आधारभूत ढांचे, कानून व्यवस्था और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। सरकार चाहती है कि आर्थिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण भी मजबूत हो।

धार्मिक पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी प्रभावी माध्यम है। जब किसी धार्मिक स्थल का विकास होता है तो वहां होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यापार और अन्य सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।

उन्होंने कहा कि लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर और अन्य धार्मिक परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बाराबंकी प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

बाराबंकी को मिलेगी विकास की नई रफ्तार

अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास व्यक्त किया कि 542 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं जिले के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। साथ ही लोधेश्वर महादेव धाम, पारिजात वृक्ष और अन्य ऐतिहासिक स्थलों के विकास से बाराबंकी धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान बनाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश की प्रत्येक ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को उसका उचित सम्मान मिले तथा विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य के साथ सरकार विकास, विरासत और जनकल्याण को समान प्राथमिकता देते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।

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