मेरठ

‘सांप’ को बनाया हत्या का हथियार! प्रेम संबंध के लिए पति की मौत की रची खौफनाक साजिश, पुलिस ने घंटों में खोला राज

सात साल पुराने वैवाहिक रिश्ते का दर्दनाक अंत, बीमा राशि और नए प्रेम संबंध के आरोपों के बीच पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली कहानी।

ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

मेरठ . एक समय प्रेम विवाह करने वाले दंपती की कहानी आखिरकार ऐसे मोड़ पर पहुंची, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सामने आए इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आरोप लगाया है कि पत्नी ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की ऐसी योजना बनाई, जिसे पहली नजर में प्राकृतिक मौत साबित किया जा सके। हालांकि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच ने कुछ ही घंटों में पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में कथित रूप से इस्तेमाल किए गए सांप की व्यवस्था करने वाले सपेरे की तलाश जारी है।

सात साल पहले हुआ था प्रेम विवाह

पुलिस के अनुसार मृतक अतुल और उसकी पत्नी दामिनी ने लगभग सात वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद दोनों मिलकर एक प्ले स्कूल संचालित कर रहे थे और सामान्य पारिवारिक जीवन व्यतीत कर रहे थे। शुरुआती वर्षों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ दंपती के रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा।

इसी दौरान स्कूल में ड्राइवर के रूप में कार्य करने वाले तुषार का परिवार से संपर्क हुआ। पुलिस का दावा है कि तुषार और दामिनी के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। इसके बाद दोनों ने कथित रूप से अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

बीमा राशि को लेकर रची गई साजिश

जांच में सामने आया है कि मृतक अतुल का लगभग 20 लाख रुपये का जीवन बीमा कराया गया था। पुलिस का आरोप है कि इसी बीमा राशि को हासिल करने और भविष्य में बिना किसी बाधा के साथ रहने की मंशा से दामिनी और तुषार ने हत्या की साजिश तैयार की।

पुलिस के मुताबिक दोनों चाहते थे कि मौत सामान्य या प्राकृतिक प्रतीत हो, ताकि किसी को संदेह न हो और बीमा का दावा भी आसानी से प्राप्त किया जा सके।

नींद की दवा और फिर सांप से कटवाने का आरोप

पुलिस जांच के अनुसार घटना वाली रात अतुल के भोजन में कथित रूप से नींद की गोलियों की अधिक मात्रा मिला दी गई। दवा के प्रभाव से वह गहरी नींद में चला गया। इसके बाद तुषार ने कथित रूप से दो सपेरों की मदद से सांप की व्यवस्था की।

आरोप है कि रात के समय सो रहे अतुल के बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया, जिससे उसे सांप ने डस लिया और उसकी मृत्यु हो गई। आरोपियों को विश्वास था कि इस घटना को सामान्य सांप के काटने से हुई दुर्घटना माना जाएगा और किसी प्रकार का संदेह नहीं होगा।

पुलिस को क्यों हुआ शक?

घटना की सूचना मिलने के बाद मेरठ पुलिस मौके पर पहुंची और शुरुआती जांच शुरू की। प्रथम दृष्टया मामला सांप के काटने से हुई मौत का प्रतीत हो रहा था, लेकिन परिस्थितियों और कुछ तथ्यों ने जांच अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

इसके बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की। मृतक और उसके परिवार से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई तथा मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की गई।

मोबाइल फोन से खुली पूरी कहानी

मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे के अनुसार, जांच के दौरान दामिनी और तुषार के मोबाइल फोन की गहन पड़ताल की गई। इसमें दोनों के बीच लगातार और लंबी बातचीत के प्रमाण मिले।

पुलिस के अनुसार तुषार के मोबाइल फोन में एक डिब्बे में रखे सांप की तस्वीर भी बरामद हुई। इस डिजिटल साक्ष्य के बाद पुलिस का शक और गहरा हो गया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने कथित रूप से पूरी साजिश स्वीकार कर ली।

सपेरों की तलाश जारी

पुलिस ने इस मामले में दामिनी और तुषार को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उन व्यक्तियों की तलाश भी तेज कर दी गई है, जिन पर सांप उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

समाज के लिए बड़ा सवाल

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि रिश्तों में विश्वास, लालच और अवैध संबंधों के कथित दुष्परिणामों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। यदि पुलिस का आरोप अदालत में साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध होता है, तो यह उन चुनिंदा मामलों में शामिल होगा, जहां हत्या को प्राकृतिक मौत का रूप देने के लिए बेहद असामान्य तरीका अपनाने का प्रयास किया गया।

फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की विवेचना जारी है। अंतिम निष्कर्ष न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही तय होगा। इसलिए इस मामले में सभी आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं।

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