कुशीनगर

एक साथ उठीं तीन अर्थियां, छोटी गंडक घाट पर जलीं चिताएं; पोस्टमार्टम में अवैध वसूली के आरोप से बढ़ा आक्रोश

हाटा-पिपराइच मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद गांव में पसरा मातम

रिपोर्ट- इरफान अली लारी

हाटा/कुशीनगर। हाटा-पिपराइच मुख्य मार्ग पर भीषण सड़क हादसे ने एक पूरे गांव की खुशियां छीन लीं। दुर्घटना में जान गंवाने वाले तीन लोगों की रविवार को लाश होने के बाद जब उनका शव गांव में गया तो चारों ओर शोक और शोक छा गया। अवशेषों की चीख-पुकार, महिलाओं के विलाप और अवशेषों की नाम आंखों ने राक्षस को बेहद गमगीन बना दिया। गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा जादुई दृश्य देखा था, जब एक साथ तीन अर्थियां गांव से निकलीं और एक ही घाट पर तीन चिताएं जलीं।

शव ही फ़ुटेज का दर्द

रविवार को पूरे होने के बाद मृतकों के शव डुमरी स्वांगी स्ट्रिप्स गांव में डाल दिए गए। जैसे ही शव गांव में, अवशेष का साहस टूट गया। पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया। हर ओर सिर्फ रोना-बिलखने की आवाजें दे रही थीं। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और मृतकों का अभिषेक किया गया।

छोटी गंडक नदी घाट पर एक साथ हुआ अंतिम संस्कार

दुर्घटना में जान गंवाने वाली शालू (30) पत्नी महेंद्र , विवेक (22) पुत्र हीरालाल और राघव (55) पत्नी अनिरुद्ध का अंतिम संस्कार गांव के निकट छोटी गंडक नदी स्थित स्वांगी पट्टी घाट पर पूरी विधि-विधान के साथ किया गया। एक साथ तीन चिकित्सों को जलते देख वहां मौजूद लोगों का नाम हो गया।

रिवोल्यूशन ने बताया कि गांव के इतिहास में यह पहली घटना है, जब एक ही दिन में तीन लोगों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया था। इस हृदयविदारक दृश्य ने हर किसी को भावुक कर दिया।

दो मासूम बच्चों के सिर से उठाओ माँ का साया

दुर्घटना में जान गंवाने वाली शालू अपने पीछे पति महेंद्र और दो छोटे बच्चों को छोड़ गई। बड़ा बेटा रईस शाहर सात साल का है, जबकि छोटा बेटा चाहत सिर्फ पांच साल का है। दोनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ जाने से फैमिली डेरे में है। गांव की महिलाएं बच्चों को देखकर भावुक हो जाती हैं और परिवार के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त करती रहती हैं।

पॉलिटेक्निक छात्र विवेक की असमय मृत्यु से युवाओं में शोक

मृत विवेक पॉलिटेक्निक के तृतीय वर्ष के छात्र और उनके परिवार के उम्मीदवार केंद्र थे। वह तीन प्रशिक्षकों में सबसे छोटे थे। पढ़ाई पूरी कर परिवार की जिम्मेदारी, हाईस्कूल का सपना देख रहे विवेक की अचानक हुई मौत से पूरे गांव के युवाओं में गहरा दुख है। पुनर्जन्म का कहना है कि परिश्रमी और मिलनसार स्वभाव के कारण विवेक सभी के प्रिय थे।

गाँव में नहीं जले कई घर के चूल्हे

इस त्रासदी का असर पूरे गांव पर दिखाई दिया। समीक्षा के अनुसार शनिवार से लेकर रविवार तक कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला। लोग मृतकों के परिवार के साथ शोक में शामिल हो रहे हैं। गांव की गैलरी में हर शख्स सिर्फ इसी हादसे की चर्चा करता नजर आया। पूरे गांव में आम किसान भी लगभग अकेले रहते थे।

राष्ट्रवादी और राष्ट्रभक्तों ने दी श्रद्धांजलि

अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में स्मारकों के स्मारक और सामाजिक संगठन के लोग भी मौजूद रहे। सभी ने मृतकों को श्रद्धा के धनी की और शोक संत परिवार को सूर्योदय देते हुए हरसंभव सहायता का सहायक सहायक बनाया।

इस दौरान प्रोटोटाइप राजवंश विजय कुमार दुबे, भाजपा नेता रामबचन सिंह, हिंदू युवा मोर्चा के संस्थापक संजय सिंह ‘मुन्ना’, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप सिंह सैथवार, पूर्व प्रमुख ब्लॉक एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य लल्लन चौधरी, पत्रकारेश्वर ज्ञान बरनवाल, पूर्व ग्राम प्रधान डॉ. सत्यप्रकाश, ग्राम प्रधान विश्वनाथ गुप्ता, मधुसूदन यादव, एकलाख अहमद, शैलेन्द्र सिंह, कमलेश सिंह, मनोज प्रजापति, मनीषी मल्लिक सहित कई क्रांतिकारी लोग उपस्थित रहे।

कैसे हुआ था पेट्रोज़ोन?

बताया जा रहा है कि शनिवार को अहिरौली थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव के भूतहा-पिपराइच मुख्य मार्ग पर कार और बाइक के बीच बीच में भीषण टक्कर हो गई थी। टक्कर इतनी ताकतवर थी कि बाइक सवार तीन लोगों की मशीन पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना सूचना पुलिस मशीनरी पर टिप्पणियाँ और परिसंपत्तियों को व्यवसाय में ले जाने के लिए भेज दी गई है। अवैध पुलिस मामले में पूरे मामले की जांच की जा रही है।

किशोरी के दौरान अवैध वेश्यावृत्ति के आरोप से मचा विवाद

दुर्घटना के बाद एक और गंभीर मामला सामने आया। मृतकों के अवशेषों में आरोप लगाया गया है कि शव के नाम पर तीन हजार रुपये और शव वाहन उपलब्ध हैं, जबकि मृतकों के नाम 6,500 रुपये हैं।

इस कथित अवैध वैध को लेकर क्षेत्र में अज्ञानता देखने को मिल रही है। नासिक मामले में न्यूनतम विजय दुबे और हिंदू युवा मोर्चा के मुखिया संजय सिंह ‘मुन्ना’ ने इस कड़ी निंदा करते हुए शासन से उपदेशात्मक समीक्षा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता सहायता और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।

न्याय और बिजनेस की शुरू की गई मांग

पुनर्स्थापना और क्रांति ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध कथित अवैध संबंध की जांच के दौरान आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक शोषण बेहद पिछड़ा और वंचित है।

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