इश्क, इनकार और तीन कत्ल : प्रेमिका से शादी नहीं होने पर युवक बना हैवान, ताऊ और दो चाचियों की कर दी हत्या
प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि प्रेमिका से शादी नहीं हो पाने की नाराजगी में एक युवक ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर युवती के परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी। कुकुरकटवा गांव में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में 65 वर्षीय श्यामलाल गुप्ता, 58 वर्षीय अमरावती और 55 वर्षीय इंद्रावती की जान चली गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिए हैं, जबकि ग्राम प्रधान की संदिग्ध भूमिका सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार किया गया है।
अंजनी कुमार त्रिपाठी की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में सामने आए एक सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस वारदात के पीछे प्रेम संबंध, शादी से इनकार और बदले की भावना जैसी चौंकाने वाली वजह सामने आई है। पुलिस जांच में पता चला है कि प्रेमिका से विवाह नहीं हो पाने की नाराजगी में एक युवक ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर लड़की के परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी। इस मामले में गांव के प्रधान की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।
यह घटना प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव की है, जहां एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस की कई टीमों ने लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस जघन्य अपराध की गुत्थी सुलझाने में सफलता हासिल की है।
प्रेम प्रसंग से शुरू हुई खूनी कहानी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपी हिमांशु का गांव की एक युवती के साथ प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे से विवाह करना चाहते थे। इसी वर्ष फरवरी माह में दोनों घर से भाग गए थे, जिसके बाद दोनों परिवारों में भारी तनाव पैदा हो गया था।
मामले को शांत कराने के लिए गांव के प्रधान सहित कुछ स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप किया था। पंचायत स्तर पर बातचीत हुई और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया। हालांकि युवती के परिवार ने हिमांशु को अपना दामाद स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया था। यही बात आरोपी के मन में गहरी नाराजगी और प्रतिशोध की भावना का कारण बन गई।
जांच में सामने आया कि हिमांशु लगातार इस बात से आहत था कि लड़की के परिवार ने उसकी शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया। धीरे-धीरे यह नाराजगी खतरनाक रूप लेती गई और उसने बदला लेने की योजना बना डाली।
रची गई सुनियोजित हत्या की साजिश
पुलिस का कहना है कि आरोपी हिमांशु ने अपने दो साथियों निहाल और राजन के साथ मिलकर हत्या की पूरी साजिश तैयार की थी। तीनों ने मिलकर लड़की के परिवार को सबक सिखाने की योजना बनाई और वारदात को अंजाम देने का फैसला किया।
योजना के तहत आरोपियों ने रात के समय परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया। आरोप है कि उन्होंने घर में घुसकर भारी वस्तुओं और धारदार हथियारों से हमला किया। हमले में 65 वर्षीय श्यामलाल गुप्ता, 58 वर्षीय अमरावती और 55 वर्षीय इंद्रावती की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या इतनी बेरहमी से की गई थी कि घटनास्थल का दृश्य देखकर पुलिस अधिकारी भी स्तब्ध रह गए। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया था।
पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
घटना के बाद पुलिस ने कई पहलुओं पर जांच शुरू की। शुरुआत में हत्या के पीछे जमीन विवाद, पारिवारिक रंजिश और अन्य कारणों की भी जांच की गई, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के दौरान प्रेम प्रसंग का एंगल सामने आया।
सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, जिससे जांच और मजबूत हो गई।
ग्राम प्रधान की भूमिका भी बनी जांच का विषय
इस पूरे मामले में गांव के प्रधान की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे प्रधान की संलिप्तता या मामले की जानकारी होने की आशंका व्यक्त की गई।
पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ग्राम प्रधान को भी हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस अभी यह स्पष्ट करने में जुटी है कि उसकी भूमिका सीधे अपराध में थी या वह किसी अन्य रूप में इस मामले से जुड़ा हुआ था।
इलाके में फैली सनसनी, लोगों में दहशत
कुकुरकटवा गांव में हुए इस तिहरे हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रेम संबंधों को लेकर बढ़ती हिंसा समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। मामूली विवादों और व्यक्तिगत नाराजगी के कारण इस तरह की घटनाएं सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रही हैं।
पुलिस की लापरवाही पर भी हुई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने आंतरिक स्तर पर भी जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि क्षेत्रीय पुलिस चौकी स्तर पर कुछ लापरवाही बरती गई थी।
इसके बाद पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने संबंधित चौकी इंचार्ज रामविलास सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में कहां चूक हुई।
आगे भी जारी रहेगी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अभी भी कई पहलुओं की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल तो नहीं थे।
फिलहाल सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनके खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र तथा अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की जाएगी।
प्रयागराज का यह तिहरा हत्याकांड एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि प्रेम संबंधों में असफलता और व्यक्तिगत नाराजगी किस तरह लोगों को अपराध की राह पर धकेल रही है। समाज और परिवारों के लिए यह घटना एक गंभीर चेतावनी भी है कि संवाद और समझदारी की कमी कभी-कभी भयावह परिणामों का कारण बन सकती है।








