नौतपा के पहले दिन बदला मौसम का मिजाज, यूपी में आंधी-तूफान और बारिश ने बढ़ाई चिंता
लखनऊ समेत कई जिलों में 90 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाएं, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
सर्वेश यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में नौतपा की शुरुआत जहां भीषण गर्मी और हीटवेव के साथ हुई, वहीं सोमवार देर रात मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों को चौंका दिया। दिनभर तपिश और लू से बेहाल रहे प्रदेश के कई जिलों में देर रात तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर शुरू हो गया। राजधानी लखनऊ, गोरखपुर, सीतापुर, उन्नाव, बदायूं, अयोध्या और हरदोई समेत कई जिलों में तेज तूफानी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।
मौसम विभाग ने पहले ही विशेष चेतावनी जारी करते हुए अगले कुछ घंटों के दौरान प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई थी। विभाग के अनुमान के मुताबिक कई इलाकों में हवाओं की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती थी, जबकि कुछ स्थानों पर यह रफ्तार 90 किलोमीटर प्रतिघंटा तक दर्ज की गई।
नौतपा के पहले दिन बदला मौसम का समीकरण
आमतौर पर नौतपा के दिनों में उत्तर भारत में प्रचंड गर्मी और लगातार तापमान बढ़ने की स्थिति देखने को मिलती है। माना जाता है कि इन नौ दिनों में सूर्य की किरणें धरती पर सबसे अधिक प्रभाव डालती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। लेकिन इस बार नौतपा के पहले ही दिन मौसम ने अलग रुख दिखाया।
दिन में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। कई जिलों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। शाम ढलते-ढलते मौसम में नमी बढ़ने लगी और देर रात तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। अचानक आए इस बदलाव ने लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत जरूर दी, लेकिन तेज तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी।
राजधानी लखनऊ में देर रात चला तेज तूफान
राजधानी लखनऊ में रात के समय तेज आंधी के साथ बारिश हुई। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। शहर के कई हिस्सों में देर रात तक बिजली गुल रही।
लखनऊ के अलावा बाराबंकी, सीतापुर और उन्नाव में भी मौसम ने अचानक विकराल रूप ले लिया। कई स्थानों पर टिन शेड उड़ने और होर्डिंग गिरने की घटनाएं सामने आईं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी है।
गोरखपुर और पूर्वांचल में भी दिखा मौसम का असर
पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मौसम ने लोगों को चौंका दिया। गोरखपुर, देवरिया, बस्ती और आसपास के इलाकों में तेज गर्जना के साथ बारिश हुई। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया।
ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे किसानों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। प्रशासन ने गांवों में मुनादी कराकर लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े न होने और खुले मैदानों से दूर रहने की अपील की।
90 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंची हवाओं की रफ्तार
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कुछ हिस्सों में हवा की रफ्तार बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच गई। कई इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। इतनी तेज हवाओं से पेड़ों के उखड़ने और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के कारण यह बदलाव देखने को मिला है। गर्मी और वातावरण में नमी के मिश्रण से तेज आंधी और गरज-चमक वाली बारिश की स्थिति बनी।
ओलावृष्टि से किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम विभाग ने कुछ जिलों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। गेहूं की कटाई के बाद खेतों में रखी उपज और सब्जियों की फसलों को नुकसान होने का खतरा बना हुआ है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाएं और ओले आम, लीची और अन्य फलों की फसलों को भी प्रभावित कर सकते हैं। कई किसानों ने आशंका जताई है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खुले मैदानों, जलाशयों और ऊंचे पेड़ों के पास जाने से बचने को कहा गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश और गरज-चमक के दौरान मोबाइल फोन का खुले स्थान पर इस्तेमाल भी जोखिम भरा हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित भवनों में रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर
संभावित मौसमीय संकट को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किए जाएं।
बिजली विभाग की टीमें भी सतर्क कर दी गई हैं ताकि तूफान के कारण बाधित बिजली आपूर्ति को जल्द बहाल किया जा सके। नगर निकायों को जलभराव और सड़क अवरोध जैसी स्थितियों से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
अगले 24 घंटों तक मौसम खराब रहने की संभावना
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रह सकता है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश से तापमान में थोड़ी गिरावट जरूर आएगी, लेकिन उमस बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को गर्मी और बदलते मौसम दोनों से सतर्क रहने की जरूरत है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। तेज आंधी और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहें। वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे वाहन खड़ा न करने की सलाह दी गई है।
यूपी मौसम अपडेट: जरूरी सवाल-जवाब
नौतपा के पहले दिन उत्तर प्रदेश में मौसम कैसा रहा?
नौतपा के पहले दिन उत्तर प्रदेश में दिनभर हीटवेव और तेज गर्मी रही, लेकिन देर रात लखनऊ, गोरखपुर, सीतापुर, उन्नाव, बदायूं, अयोध्या और हरदोई समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई।
किन जिलों में तेज आंधी और बारिश का असर दिखा?
लखनऊ, गोरखपुर, बदायूं, अयोध्या, उन्नाव, सीतापुर, बाराबंकी और हरदोई समेत कई जिलों में देर रात तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।
हवाओं की रफ्तार कितनी तेज रही?
मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रही, जबकि कुछ स्थानों पर झोंके 90 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई।
क्या बिजली गिरने का भी खतरा है?
हां, मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
क्या ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान हो सकता है?
कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इससे खेतों में रखी उपज, सब्जियों, आम और अन्य फलों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
खराब मौसम में लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
तेज आंधी और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों, टिन शेड और कमजोर ढांचों के पास खड़े न हों। बिजली चमकने पर तुरंत सुरक्षित भवन में शरण लें।
क्या प्रशासन अलर्ट मोड पर है?
हां, संभावित मौसमीय खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, बिजली विभाग और नगर निकायों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले घंटों में मौसम कैसा रह सकता है?
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति बनी रह सकती है।








