17 अक्टूबर 2026 10:00 अपराह्न

राज्यमंत्री के औचक निरीक्षण में खुली बिजली विभाग की कार्यशैली की पोल, अधिकारियों को लगी फटकार

सलेमपुर बिजली विभाग कार्यालय में औचक निरीक्षण करतीं राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, अधिकारियों को फटकार लगाते हुए और रिपोर्टर इरफान अली लारी की तस्वीर के साथ फीचर इमेज

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया/सलेमपुर। बिजली विभाग की लगातार मिल रही शिकायतों और उपभोक्ताओं की बढ़ती नाराजगी को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने सलेमपुर स्थित बिजली विभाग कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के अचानक पहुंचने से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय पहुंची राज्यमंत्री ने विभागीय कार्यप्रणाली, अधिकारियों की उपस्थिति, शिकायत निस्तारण व्यवस्था और ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया का गहन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अधिकांश अधिकारियों के सीयूजी नंबर बंद या अनुत्तरित मिले, उपस्थिति रजिस्टर समय पर प्रस्तुत नहीं किया जा सका और कई अधिकारी कार्यालय से नदारद पाए गए। इस पर नाराज राज्यमंत्री ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और भविष्य में लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।

बिना सूचना पहुंचे मंत्री, अधिकारियों में मचा हड़कंप

राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम सीधे बिजली विभाग कार्यालय पहुंचीं और वहां मौजूद कर्मचारियों से विभागीय अधिकारियों का पूरा ब्यौरा मांगा। मंत्री के अचानक पहुंचने की सूचना मिलते ही कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कई अधिकारी तत्काल कार्यालय पहुंचने की कोशिश में जुट गए, जबकि कुछ का फोन तक नहीं उठा।

राज्यमंत्री ने खुद विभागीय अधिकारियों के सीयूजी नंबर मिलाकर व्यवस्था की सच्चाई जांची। जांच के दौरान केवल ग्रामीण क्षेत्र के एक जेई का फोन रिसीव हुआ, जबकि एक्सईएन, एसडीओ और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के नंबर लगातार अनुत्तरित रहे। इससे नाराज मंत्री ने देर से पहुंचे अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को हर समय उपलब्ध रहना चाहिए। यदि आम उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर फोन करता है और अधिकारी फोन नहीं उठाते, तो यह जनता के साथ अन्याय है।

उपस्थिति रजिस्टर न मिलने पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री ने कार्यालय का उपस्थिति रजिस्टर भी तलब किया। हालांकि कर्मचारियों द्वारा तत्काल रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इस पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए एक्सईएन और एसडीओ को तत्काल बुलाया।

मंत्री ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचेंगे और उपस्थिति का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं होगा, तो जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ट्रांसफार्मर खराब होने पर 24 घंटे में बदलने के निर्देश

राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में बार-बार ट्रांसफार्मर जलने की शिकायतों पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी गांव या कस्बे में ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना मिलने के बाद अधिकतम 24 घंटे के भीतर उसे बदलना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली व्यवस्था बाधित होने से आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे समय में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

मंत्री ने लाइनमैनों और फील्ड कर्मचारियों को भी निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से मौजूद रहें और हर शिकायत का त्वरित समाधान करें।

उपभोक्ताओं की शिकायतें खुद सुनीं

निरीक्षण के दौरान कार्यालय पहुंचे कई उपभोक्ताओं ने बिजली कटौती, बिल संबंधी समस्याओं, ट्रांसफार्मर खराब होने और अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने जैसी शिकायतें मंत्री के सामने रखीं।

राज्यमंत्री ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्या का समाधान करना ही प्रशासन और विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिजली विभाग की छवि तभी सुधरेगी, जब उपभोक्ताओं को समय पर राहत मिलेगी और शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होगा।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार जनता को बेहतर बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है, लेकिन यदि विभागीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं करेंगे तो सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि आम जनता को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिले। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने दायित्वों को गंभीरता से लें और जनता की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

क्षेत्रीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी

औचक निरीक्षण के दौरान भाजपा के कई पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इनमें जिला मंत्री अभिषेक जायसवाल, त्रिपुणायक विश्वकर्मा, कन्हैया जायसवाल, अमरनाथ सिंह, अभय तिवारी, राजीव मिश्रा, अनूप उपाध्याय और विनय तिवारी सहित अन्य लोग शामिल रहे।

स्थानीय लोगों ने मंत्री की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी तरह लगातार निरीक्षण होते रहें तो विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार संभव है।

बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार की बढ़ी सक्रियता

प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और बिजली की मांग के बीच सरकार बिजली आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने, लो-वोल्टेज और कटौती की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

ऐसे में राज्यमंत्री का यह औचक निरीक्षण यह संकेत देता है कि सरकार अब बिजली विभाग की जवाबदेही तय करने के मूड में है। विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली और जनता के प्रति व्यवहार पर भी सरकार की पैनी नजर बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का पालन गंभीरता से किया गया तो क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार देखने को मिल सकता है।

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