आंधी-तूफान ने मचाई तबाही : पेड़ गिरने से मासूम समेत दो की मौत, 800 गांवों की बिजली गुल
सुनील शुक्ला और गौरव मिश्रा की रिपोर्ट
सीतापुर जिले में बुधवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी। तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। अलग-अलग क्षेत्रों में पेड़ गिरने, बिजली गिरने और टॉवर क्षतिग्रस्त होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। इस प्राकृतिक आपदा में एक मासूम बच्चे और एक किशोर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। सैकड़ों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई और आम की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
खेलते समय मासूम पर गिरा बरगद का पेड़
रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के मिश्रनपुरवा मजरा अटौरा गांव में दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब दो मासूम भाई घर के बाहर खेल रहे थे। गांव निवासी रामकिशोर के दरवाजे पर लगे विशाल बरगद के पेड़ के पास पड़ोसी राजेंद्र के बेटे ध्रुव (5) और शोभित (7) खेल रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी चली और बरगद का पेड़ अचानक भरभराकर गिर पड़ा।
पेड़ की चपेट में आने से दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर मथुरा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने ध्रुव को मृत घोषित कर दिया। वहीं शोभित के पैर में गंभीर फ्रैक्चर होने के कारण उसका इलाज जारी है। इस हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है। मासूम बेटे की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। महमूदाबाद तहसीलदार उमाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
गन्ना काटते समय किशोर पर गिरी डाल, इलाज के दौरान मौत
दूसरी दर्दनाक घटना इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के हेमपुर मजरा राजेपुर खुर्द गांव में सामने आई। गांव निवासी राहुल (16) खेत में गन्ना काट रहा था। अचानक मौसम खराब होने पर वह पास के बाग में जाकर खड़ा हो गया। इसी दौरान तेज हवा के कारण पेड़ की भारी डाल टूटकर उसके ऊपर गिर गई।
गंभीर रूप से घायल राहुल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। किशोर की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का कहना है कि राहुल परिवार का सहारा था और उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
बिजली गिरने से झोपड़ी जली, मवेशी की मौत
खैराबाद क्षेत्र में भी मौसम का कहर देखने को मिला। कर्बलापुरवा मजरा जमैयतपुर गांव में राधेश्याम आम के बाग की रखवाली कर रहा था। बाग में बनी झोपड़ी पर अचानक बिजली गिर गई, जिससे झोपड़ी धू-धू कर जल उठी।
इस हादसे में छत्रपाल का एक मवेशी भी बिजली की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी थी।
शहर में टूटा मॉल का शीशा, कई वाहन क्षतिग्रस्त
तेज आंधी का असर शहर क्षेत्र में भी साफ दिखाई दिया। शहर के विशाल मेगा मार्ट के सामने लगे बड़े शीशे तेज हवा के दबाव से टूटकर सड़क पर बिखर गए। गनीमत रही कि उस समय वहां अधिक भीड़ नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
इसके अलावा जेल रोड पर पीपल का पेड़ गिरने से शिक्षक मयंक घायल हो गए। वहीं महोली क्षेत्र में मित्तल मशीनरी स्टोर के सामने खड़ी बोलेरो और कार पर पेड़ गिर गया, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। दो मोटरसाइकिलें भी इस हादसे में क्षतिग्रस्त हुईं। स्थानीय लोगों के अनुसार तेज हवा इतनी भयावह थी कि कई जगह मोबाइल और बैंकिंग टॉवर तक हिल गए। इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र में इंडियन बैंक का टॉवर भी क्षतिग्रस्त हो गया।
800 गांवों में अंधेरा, घंटों बाधित रही बिजली
आंधी और बारिश का सबसे बड़ा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। जिले के करीब 800 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूट गए और तार क्षतिग्रस्त हो गए।
बहुगुणा चौराहा और आदर्शनगर क्षेत्र में बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से सप्लाई बाधित हो गई। कमलापुर क्षेत्र के गढ़ी करौंदी गांव में पेड़ गिरने से कई बिजली खंभे टूट गए। खैराबाद नगर में 33 केवीए पावर हाउस की लाइन आंधी में क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे नगर में करीब छह घंटे तक बिजली नहीं रही।
हटौरा-माखूपुर मार्ग पर लगा लोहे का पोल भी तेज हवा के कारण टूट गया। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कई ग्रामीण क्षेत्रों में तार टूटने और पेड़ गिरने की वजह से आपूर्ति बहाल करने में दिक्कतें आईं। रामपुर कला क्षेत्र के लोहार ताली गांव में लकड़ी की बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही थी। आंधी में बल्ली टूटने से लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टूटे ढांचे की चपेट में आने से नरेंद्र के मकान का टिन शेड भी क्षतिग्रस्त हो गया।
आम की फसल पर टूटा मौसम का कहर
तेज आंधी और बारिश ने किसानों और बागवानों को भी बड़ा झटका दिया है। खासतौर पर आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खैराबाद क्षेत्र के दतेली गांव के बागवान संतोष कुमार ने बताया कि इस बार पहले ही उत्पादन लगभग 50 प्रतिशत कम था। अब तेज आंधी के कारण बचे हुए आम भी पेड़ों से टूटकर गिर गए हैं।
बागवानों का कहना है कि मौसम की मार से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। कई किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
मौसम की मार से सहमा जिला
बुधवार को आई आंधी और बारिश ने यह साफ कर दिया कि मौसम का बदला मिजाज अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगा है। अचानक आए तूफान ने जहां दो परिवारों की खुशियां छीन लीं, वहीं बिजली व्यवस्था, यातायात और खेती-किसानी को भी भारी नुकसान पहुंचाया।
प्रशासन की टीमें क्षति का आकलन करने में जुटी हैं, जबकि बिजली विभाग युद्धस्तर पर आपूर्ति बहाल करने का दावा कर रहा है। हालांकि ग्रामीण इलाकों में अब भी कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। इस घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षा इंतजामों और कमजोर बिजली ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







