धूलभरी आंधी का कहर : पेड़, पोल और एचटी लाइनें गिरीं, दर्जनों गांवों की बिजली ठप
चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
गोंडा में बुधवार दोपहर मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि शहर से लेकर गांव तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। तेज धूलभरी आंधी और हल्की बारिश ने कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके को अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल धराशायी हो गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और सड़क मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित रहा।
आंधी के दौरान शहर में धूल का गुबार छा गया। सड़क पर चल रहे लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। कई इलाकों में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट गहराने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें देर शाम तक हालात सामान्य करने में जुटी रहीं।
शहर में बैरिकेड गिरे, अफरा-तफरी का माहौल
तेज हवाओं का असर शहर के मुख्य मार्गों पर भी साफ दिखाई दिया। कई स्थानों पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड हवा के दबाव से गिर गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। अचानक आई आंधी से वाहन चालकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। धूल के कारण दृश्यता कम हो गई, जिससे कुछ देर तक यातायात भी प्रभावित रहा।
स्थानीय लोगों के अनुसार मौसम ने कुछ ही मिनटों में ऐसा रूप बदला कि दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। तेज हवा के साथ उड़ती धूल ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया।
बांकी झील के पास एचटी लाइन और पेड़ गिरने से बाधित हुआ यातायात
कटरा बाजार क्षेत्र में आंधी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। दुबहा-कटरा मार्ग पर बांकी झील के पास तेज हवाओं के कारण एक बड़ा पेड़ और कई बिजली के पोल सड़क पर गिर गए। साथ ही एचटी लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते सड़क पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई और आसपास के इलाकों की बिजली गुल हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों को तत्काल पेड़ हटाने और लाइन दुरुस्त करने के लिए लगाया गया है। सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाने में काफी समय लगा, क्योंकि तेज हवा के चलते राहत कार्य में भी दिक्कतें आ रही थीं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश और आंधी के मौसम में पुराने पेड़ और जर्जर पोल अक्सर खतरा बन जाते हैं, लेकिन समय रहते इनकी देखरेख नहीं होने से हर साल ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।
एचटी लाइन से टकराई डाल, हरे पेड़ में लगी आग
विश्नोहरपुर क्षेत्र के लौववीरपुर गांव में आंधी के दौरान एक अलग ही खतरनाक स्थिति बन गई। महंगूपुर के पास 132 केवी एचटी लाइन से पेड़ की डाल टकरा गई, जिसके बाद पेड़ में आग लग गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब दस मिनट तक हरा पेड़ धू-धू कर जलता रहा।
घटना को देखने के लिए आसपास ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना था कि बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की नियमित कटाई-छंटाई नहीं होने के कारण इस तरह के हादसे बार-बार होते हैं। आग लगने के दौरान लाइन में लगा इंसुलेटर भी जलकर नीचे गिर गया, जिससे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद करनी पड़ी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि बिजली लाइनों के आसपास खड़े पेड़ों की समय-समय पर छंटाई कराई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
दर्जनों गांवों में छाया अंधेरा
रुपईडीह क्षेत्र में धूलभरी आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ों की टहनियां टूटकर बिजली लाइनों पर गिर गईं। इससे बनगाई, मनोहरजोत, नौवागांव, पूरे पाठक, मंगलनगर, कोचवा, गौंसिहा, पिपरा चौबे, छितौनी, आर्यनगर, कौड़िया, उमरा, तेलियाकोट, गुदगुदियापुर और भैरमपुर समेत दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
गांवों में शाम होते ही अंधेरा छा गया। लोगों को पेयजल और मोबाइल चार्जिंग जैसी मूलभूत समस्याओं से भी जूझना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि तेज आंधी के समय बिजली व्यवस्था बेहद कमजोर साबित होती है और थोड़ी सी खराबी में घंटों बिजली बंद रहती है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बारिश थमने के बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा और जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
स्कॉर्पियो पर गिरा नीम का विशाल पेड़
तरबगंज क्षेत्र में तेज आंधी के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। भयापुरवा निवासी रज्जन की स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़ी थी, तभी अचानक एक विशाल नीम का पेड़ वाहन पर गिर पड़ा। पेड़ गिरते ही स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पेड़ की चपेट में एचटी लाइन भी आ गई, जिससे बिजली का पोल टूट गया और इलाके की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। सड़क पर पेड़ गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी पूरी तरह बंद हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से पेड़ हटवाया, जिसके बाद आवागमन फिर से शुरू कराया गया।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी तेज गर्मी तो कभी अचानक आंधी और बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के चलते इस तरह की तेज हवाएं और आंधी आगे भी देखने को मिल सकती हैं।
बिजली विभाग और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाकों में क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों को जल्द बहाल करना है। वहीं लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने और कमजोर पेड़ों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में बड़े हादसों से बचा जा सके।







