18 अक्टूबर 2026 4:23 पूर्वाह्न

जी एम एकेडमी सलेमपुर (देवरिया) ने रचा सफलता का नया इतिहास

जी एम एकेडमी सलेमपुर देवरिया के कक्षा 10 के टॉपर्स का फोटो कोलाज, जिसमें स्वारित बरनवाल, शुभम पांडेय, यशस्वी वर्मा, नवनीत यादव, दिप्ती शर्मा सहित अन्य छात्र-छात्राएं शामिल हैं

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📍 ब्यूरो रिपोर्ट

जी एम एकेडमी, सलेमपुर (देवरिया) का इस वर्ष का दसवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और समर्पण की वह कहानी है, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर इस संस्थान की प्रतिष्ठा को ऊंचा कर दिया है। जब परिणाम घोषित हुए, तो विद्यालय परिसर में केवल अंक नहीं, बल्कि खुशियों की गूंज सुनाई दी—एक ऐसी गूंज, जिसमें विद्यार्थियों के सपनों की चमक और शिक्षकों की मेहनत की प्रतिध्वनि साफ महसूस की जा सकती थी।

इस बार जी एम एकेडमी ने न केवल शत-प्रतिशत परिणाम हासिल किया, बल्कि उत्कृष्ट अंकों के साथ यह भी साबित कर दिया कि सही दिशा, निरंतर मार्गदर्शन और अनुशासित अध्ययन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। यह सफलता अचानक नहीं आई, बल्कि इसके पीछे वर्षों की एक सुसंगठित शैक्षणिक संस्कृति, नियमित अभ्यास और विद्यार्थियों में आत्मविश्वास भरने वाली शिक्षण पद्धति का योगदान है।

🎓 टॉपर्स ने रचा इतिहास

विद्यालय के मेधावी छात्रों ने इस वर्ष जो प्रदर्शन किया, वह किसी भी दृष्टि से सराहनीय है। स्वरित बरनवाल ने 97.8% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया और विद्यालय का नाम रोशन किया। उनके बाद शुभम पांडेय ने 96.8% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। यशस्वी वर्मा ने 95.8% अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं, सुंदरम् पति त्रिपाठी ने 94.4% और आर्यन वर्मा ने 94% अंक प्राप्त कर शीर्ष सूची में अपनी जगह सुनिश्चित की।

🌟 90% से अधिक अंक लाने वाले छात्र

इनके अलावा भी कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय के गौरव को बढ़ाया। नवनीत यादव ने 92.8%, दिप्ती शर्मा ने 93%, रीया बरनवाल ने 95%, वैभव बरनवाल ने 92.4%, अंशिका दूबे ने 91.4%, हर्षित गहलोत ने 91%, संदेश पांडेय ने 92%, सिद्धार्थ राज ने 90%, जान्हवी सिंह ने 90.4% और जागृति जायसवाल ने 90% अंक प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया कि इस विद्यालय में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।

📚 समग्र शिक्षा का प्रभाव

इन सभी विद्यार्थियों की सफलता केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह उस समग्र शैक्षणिक वातावरण का प्रतिबिंब है, जिसमें हर छात्र को अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर दिया जाता है। यहां पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि विद्यार्थियों को सोचने, समझने और अपने लक्ष्य को पहचानने की स्वतंत्रता भी दी जाती है।

📊 शत-प्रतिशत परिणाम का रहस्य

विद्यालय का शत-प्रतिशत परिणाम इस बात का प्रमाण है कि यहां हर छात्र पर समान ध्यान दिया जाता है। अक्सर देखा जाता है कि केवल टॉपर्स पर ही फोकस किया जाता है, लेकिन जी एम एकेडमी की विशेषता यह है कि यहां कमजोर छात्रों को भी उतनी ही गंभीरता से तैयार किया जाता है। यही कारण है कि यहां कोई भी छात्र असफल नहीं होता और हर कोई अपने स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करता है।

👨‍🏫 शिक्षकों की भूमिका

इस सफलता के पीछे शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, प्रेरक और संरक्षक की भूमिका भी निभाते हैं। वे हर छात्र की कमजोरी को पहचानकर उसे दूर करने का प्रयास करते हैं और उसे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

🏫 प्रबंधन का संदेश

विद्यालय के चेयरमैन डॉ. श्री प्रकाश मिश्र ने इस उपलब्धि पर सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यालय के सामूहिक प्रयासों का फल है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों का समर्पण और अभिभावकों का सहयोग—इन तीनों के संतुलन से ही ऐसी सफलता संभव हो पाती है।

प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने भी इस अवसर पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपने छात्रों और शिक्षकों पर गर्व है। उन्होंने बताया कि इस सफलता के पीछे नियमित कक्षाएं, समय-समय पर आयोजित टेस्ट, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और अनुशासन का बड़ा योगदान है।

🌍 छोटे शहरों की बड़ी उड़ान

इस वर्ष के परिणाम ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि छोटे शहरों और कस्बों के विद्यालय भी बड़े शहरों की तरह उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर सकते हैं, यदि वहां सही दृष्टिकोण और समर्पण हो। जी एम एकेडमी इसका जीवंत उदाहरण बनकर उभरी है।

💡 निष्कर्ष

यदि इस पूरे परिणाम को एक कहानी के रूप में देखा जाए, तो यह केवल अंकों की कहानी नहीं है, बल्कि यह विश्वास, परिश्रम और अनुशासन की कहानी है। यह कहानी उन सपनों की है, जो छोटे-छोटे शहरों में जन्म लेते हैं और सही मार्गदर्शन मिलने पर बड़े मुकाम हासिल करते हैं।

अंततः, यह कहना गलत नहीं होगा कि जी एम एकेडमी ने इस वर्ष केवल परीक्षा में सफलता हासिल नहीं की, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब प्रयास सच्चे हों और दिशा सही हो, तो परिणाम अपने आप उत्कृष्ट हो जाते हैं।

❓ FAQ

जी एम एकेडमी का इस वर्ष का रिजल्ट कैसा रहा?

विद्यालय का परिणाम शत-प्रतिशत रहा और कई छात्रों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए।

टॉपर कौन रहा?

स्वरित बरनवाल ने 97.8% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया।

इस सफलता का मुख्य कारण क्या रहा?

नियमित पढ़ाई, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अनुशासित वातावरण इस सफलता के प्रमुख कारण हैं।

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