चित्रकूट

फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर लोन हड़पने का आरोप, विरोध करने पर महिला से मारपीट और छेड़खानी का दावा

पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार, डायल 112 चालक पर दबंगई और पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप

संजय सिंह राणा की रिपोर्ट

चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने गांव के कुछ लोगों पर फर्जी तरीके से उसके पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर बैंक लोन हड़पने, विरोध करने पर मारपीट, छेड़खानी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही परिवार की जान-माल की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है।

मामला पहाड़ी थाना क्षेत्र के खेर देवी जी का पूरवा मजरा रेहुंटा गांव का बताया जा रहा है। पीड़िता फूल कुमारी पत्नी रमेश यादव ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि गांव के ही कुछ दबंग लोगों ने बैंक लोन के नाम पर उसके परिवार को आर्थिक और सामाजिक संकट में डाल दिया है।

समूह लोन के नाम पर 40 हजार रुपये निकालने का आरोप

पीड़िता के अनुसार, अक्टूबर 2023 में अरोहन बैंक, कर्वी गंगा जी रोड शाखा से समूह के माध्यम से 40 हजार रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया था। आरोप है कि गांव के निवासी राजेंद्र कुमार पुत्र राम प्रसाद ने बैंक से उक्त रकम स्वयं निकाल ली। महिला का कहना है कि लोन का पैसा उसके परिवार के उपयोग में नहीं आया, बल्कि आरोपी ने अपने स्तर पर रकम निकालकर उपयोग कर लिया।

पीड़िता ने बताया कि बाद में जब बैंक की ओर से किस्त और भुगतान को लेकर दबाव बनने लगा, तब पूरे मामले की जानकारी सामने आई। महिला का आरोप है कि आरोपी ने बैंक की रकम जमा करने के बजाय एक और बड़ा फर्जीवाड़ा कर दिया।

जीवित व्यक्ति का बनवा दिया मृत्यु प्रमाण पत्र

महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी राजेंद्र कुमार ने उसके पति रमेश यादव के जीवित रहते हुए ही उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। शिकायत के अनुसार, जिला अस्पताल चित्रकूट से दिनांक 8 सितंबर 2024 को कथित तौर पर मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत कराया गया और उसे बैंक में दाखिल कर दिया गया।

पीड़िता का कहना है कि यह पूरा कार्य बैंक के कर्ज को माफ कराने के उद्देश्य से किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति पूरी तरह जीवित हैं, इसके बावजूद उन्हें कागजों में मृत दिखाकर सरकारी और बैंकिंग व्यवस्था को गुमराह किया गया।

यह मामला सामने आने के बाद गांव में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसी जीवित व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे जारी हो गया और संबंधित विभागों ने इसकी जांच क्यों नहीं की।

पैसे जमा करने को कहा तो भड़क गए आरोपी

पीड़िता फूल कुमारी ने बताया कि जब उसने आरोपी राजेंद्र कुमार से बैंक का पैसा जमा करने को कहा, तब वह आगबबूला हो गया। महिला के मुताबिक आरोपी ने साफ शब्दों में कहा कि वह कोई पैसा जमा नहीं करेगा।

महिला का आरोप है कि इसी बात को लेकर गांव के कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर आरोपी पक्ष ने उसके परिवार को निशाना बनाना शुरू कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि राजेंद्र कुमार पुत्र राम प्रताप, मिथिलेश पुत्र राम प्रताप, लाली उर्फ बुधराज पुत्र मुन्नू, भैरों पुत्र छोट्टन और देव कुमार पुत्र हंसराज ने मिलकर उसके घर में घुसकर अभद्रता की।

घर में घुसकर छेड़खानी और मारपीट का आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष शराब के नशे में उसके घर में घुस आया और उसके साथ तथा उसकी जेठानी संगीता के साथ जबरन छेड़खानी करने लगा। विरोध करने पर सभी आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

महिला का कहना है कि आरोपियों ने उनके कपड़े तक फाड़ दिए और बुरी तरह पीटा। शोर सुनकर उसकी सास बचाने के लिए पहुंची तो आरोपियों ने उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया।

पीड़िता के अनुसार, मोहल्ले के लोग चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे, जिसके बाद किसी तरह परिवार की जान बच सकी। महिला ने आरोप लगाया कि जाते समय आरोपी कट्टा लहराते हुए धमकी देकर गए कि यदि पुलिस में शिकायत की गई तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा और घर में आग लगा दी जाएगी।

डायल 112 चालक पर प्रभाव का आरोप

शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष का एक व्यक्ति देव कुमार पुत्र हंसराज डायल 112 में चालक के पद पर कार्यरत है। पीड़िता का कहना है कि इसी प्रभाव के चलते पहाड़ी थाना पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

महिला ने बताया कि घटना के बाद उसने पहाड़ी थाना में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही किसी आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई।

पीड़िता ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो उसके परिवार के साथ कोई बड़ी घटना हो सकती है।

पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग

फूल कुमारी ने पुलिस अधीक्षक चित्रकूट को दिए गए शिकायती पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने की अपील की है।

महिला ने अपने और परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उसका कहना है कि आरोपी लगातार धमकी दे रहे हैं, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है।

पीड़िता ने मांग की है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के मामले की भी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर किन परिस्थितियों में जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर दस्तावेज तैयार किए गए।

ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना मामला

गांव और आसपास के इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि बैंकिंग और सरकारी दस्तावेजों से जुड़ा गंभीर मामला है।

ग्रामीणों का मानना है कि जीवित व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। लोग इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।


पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

हालांकि, इस मामले में अभी तक पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिकायत के आधार पर जांच शुरू होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

यदि पीड़िता के आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने, मारपीट, छेड़खानी, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो सकती है।

 

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