20 अक्टूबर 2026 5:08 पूर्वाह्न

गाय पालकर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं पूनम देवी, मुख्यमंत्री योगी ने बढ़ाया मदद का हाथ

सीतापुर की पूनम देवी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोपालन के लिए मदद मांगते हुए, साथ में रिपोर्टर ठाकुर बख्श सिंह की तस्वीर

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ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

लखनऊ। आत्मनिर्भर बनने की इच्छा, मेहनत करने का जज्बा और गोपालन के जरिए परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का सपना लेकर सीतापुर की पूनम देवी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी इच्छा रखी कि वह अधिक गायों का पालन कर दूध और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाना चाहती हैं। पूनम की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी मांग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सीतापुर के गुरुदेव नगर, हरगांव निवासी पूनम देवी ने मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह पहले से ही पांच गायों का पालन कर रही हैं। उनके पास अन्य गोवंश को रखने के लिए पर्याप्त जगह भी उपलब्ध है। ऐसे में वह और गायें पालना चाहती हैं, ताकि दूध की बिक्री के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाई जा सके और वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

मुख्यमंत्री ने पूनम देवी की इच्छा को देखते हुए अपर मुख्य सचिव, पशुधन को निर्देश दिया कि उन्हें नियमानुसार निराश्रित गोवंश उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना समेत पात्रता के अनुसार उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

पांच गायों से शुरू किया गोपालन, अब बढ़ाना चाहती हैं कारोबार

पूनम देवी की कहानी ग्रामीण महिलाओं के उस आत्मनिर्भरता अभियान की तस्वीर पेश करती है, जिसमें पशुपालन आय का महत्वपूर्ण जरिया बन सकता है। वर्तमान में उनके पास पांच गायें हैं। पूनम का कहना है कि उनके पास गोवंश रखने के लिए पर्याप्त स्थान है और वह और गायों की देखभाल करने में सक्षम हैं।

उनकी योजना केवल पशुओं की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। वह दूध की बिक्री के जरिए नियमित आमदनी हासिल करना चाहती हैं। इससे परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने के साथ-साथ उनके लिए रोजगार का स्थायी साधन भी तैयार हो सकता है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन को लंबे समय से आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में देखा जाता है। खासतौर पर छोटे और सीमांत परिवारों के लिए दूध उत्पादन ऐसा व्यवसाय है, जिसे उपलब्ध संसाधनों के आधार पर धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है। पूनम देवी ने भी इसी रास्ते को अपनी आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने की इच्छा मुख्यमंत्री के सामने रखी।

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनी पूनम की बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लोग अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने लोगों से एक-एक कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को उनके मामलों का समयबद्ध एवं नियमानुसार समाधान कराने के निर्देश दिए।

इसी दौरान पूनम देवी भी मुख्यमंत्री के सामने पहुंचीं। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र के माध्यम से गोपालन के लिए अतिरिक्त गोवंश उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने पूनम की हौसलाअफजाई करते हुए उन्हें सरकार की ओर से पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा भी दिया। उन्होंने गोसेवा के महत्व का उल्लेख करते हुए पूनम से मन लगाकर गोसेवा करने की बात कही।

पूनम देवी ने भी अपनी इच्छा पर सकारात्मक रुख अपनाए जाने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में उनकी इच्छा को पूरा करने की दिशा में सरकार की ओर से पहल होना उनके लिए उत्साहजनक है।

मुख्यमंत्री सहभागिता योजना से मिल सकती है आर्थिक मदद

पूनम देवी के मामले में मुख्यमंत्री ने केवल गोवंश उपलब्ध कराने के निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि संबंधित योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ दिलाने को भी कहा। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गोवंश की देखभाल से जुड़ी आर्थिक सहायता का प्रावधान है।

ऐसी योजनाओं का उद्देश्य निराश्रित गोवंश की देखभाल को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों को पशुपालन से जोड़ना भी है। यदि पात्रता के अनुसार पूनम देवी को योजना का लाभ मिलता है तो इससे उनके गोपालन के काम को विस्तार देने में मदद मिल सकती है।

पूनम की पहल यह भी बताती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल सहायता प्राप्त करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका उपयोग स्थायी आय का साधन तैयार करने के लिए भी किया जा सकता है। गोपालन के जरिए दूध उत्पादन और उसकी बिक्री परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भूमिका निभा सकती है।

दिव्यांग ने भी मुख्यमंत्री के सामने रखा जमीन पर कब्जे का मामला

जनता दर्शन में केवल पूनम देवी ही अपनी समस्या लेकर नहीं पहुंची थीं। एक दिव्यांग व्यक्ति ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी जमीन पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत रखी।

पीड़ित ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसकी जमीन पर किसी व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है। शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित मामले की जांच कराने और पीड़ित को यथासंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता दर्शन में आने वाले लोगों की शिकायतों का नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याओं पर भी गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ने की कोशिश

पूनम देवी की पहल ग्रामीण महिला आत्मनिर्भरता की एक महत्वपूर्ण तस्वीर सामने रखती है। पांच गायों से शुरू हुआ उनका गोपालन अब अधिक बड़े स्तर पर काम करने की उनकी इच्छा में बदल चुका है। उनका लक्ष्य दूध बेचकर परिवार की आमदनी बढ़ाना और आर्थिक रूप से मजबूत होना है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब संबंधित विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। अधिकारियों को पूनम की पात्रता के अनुसार निराश्रित गोवंश उपलब्ध कराने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में कार्रवाई करनी होगी।

पूनम देवी के लिए यह मुलाकात केवल मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांग रखने का अवसर नहीं थी, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा को सरकारी स्तर पर सामने रखने का प्रयास भी थी। यदि उन्हें नियमानुसार आवश्यक सहायता और संसाधन उपलब्ध होते हैं, तो उनका गोपालन का प्रयास परिवार की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण स्तर पर महिला आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक मिसाल बन सकता है।

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