बढ़े मानदेय से बढ़ा उत्साह, अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान में देवरिया में भव्य समारोह आयोजित
मुख्यमंत्री कार्यक्रम का हुआ सीधा प्रसारण, अनुदेशकों को सौंपे गए प्रतीकात्मक चेक
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया जनपद में अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण को लेकर आयोजित कार्यक्रम ने शिक्षा जगत में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि किए जाने के बाद जनपद स्तर पर जिला पंचायत सभागार में विशेष समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक, अनुदेशक, शिक्षा विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने गंभीरता और उत्साह के साथ देखा। समारोह में अतिथियों द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों को प्रतीकात्मक चेक वितरित कर सम्मानित किया गया।
शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं अनुदेशक
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष पंडित गिरीश चंद्र तिवारी, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर एवं मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह औपचारिक रूप से शुरू हुआ।
अपने संबोधन में जिला पंचायत अध्यक्ष पंडित गिरीश चंद्र तिवारी ने कहा कि अंशकालिक अनुदेशक ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण ताकत हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अनुदेशक विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में लगातार योगदान दे रहे हैं। सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि का निर्णय उनके परिश्रम और समर्पण का सम्मान है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि बढ़े हुए मानदेय से अनुदेशकों का मनोबल और अधिक मजबूत होगा तथा वे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में और बेहतर भूमिका निभाएंगे।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने अपने संबोधन में कहा कि प्राथमिक शिक्षा किसी भी समाज की बुनियाद होती है और अंशकालिक अनुदेशक इस व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित शिक्षा नहीं बल्कि नैतिक मूल्यों और व्यवहारिक ज्ञान से भी जोड़ना जरूरी है।
डीएम ने अनुदेशकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें अनुदेशकों की भूमिका बेहद अहम है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है तथा शिक्षकों और अनुदेशकों के हितों का ध्यान रखा जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक और सीडीओ ने भी दी शुभकामनाएं
पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने कहा कि शिक्षा ही समाज को सही दिशा देने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने अनुदेशकों से विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने में अंशकालिक अनुदेशकों की भूमिका सराहनीय रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बढ़े हुए मानदेय से शिक्षकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे नई ऊर्जा के साथ कार्य करेंगे।
अनुदेशकों को वितरित किए गए प्रतीकात्मक चेक
समारोह के दौरान कई अंशकालिक अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय के प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर सुदेश्वर गुप्ता, रविशेखर, पवन कुमार यादव, दीपक पटेल, अभिषेक गुप्ता, सुधाकर मिश्र, चंद्रशेखर यादव, सत्य प्रकाश शर्मा, अंशुमणि तिवारी, अजीत कुमार, जय सिंह यादव, तरुण सिंह, दिवाकर सिंह, मुकेश राय और विनोद मिश्र सहित अनेक अनुदेशकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद अनुदेशकों ने सरकार के इस निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग की जा रही थी। अब सरकार के इस फैसले से उन्हें आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ सामाजिक सम्मान भी प्राप्त हुआ है।
छात्राओं की प्रस्तुति ने बांधा समां
समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे। बेसिक स्कूल की छात्राओं राधा और रितिका ने स्वागत गीत एवं वंदना प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। छात्राओं की प्रस्तुति पर सभागार तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में आए अतिथियों का माल्यार्पण, बुके और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। पूरे समारोह के दौरान उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे शिक्षक और अधिकारी
समारोह में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और अनुदेशकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक अंकित मिश्रा, अमित श्रीवास्तव, अनुज सिंह, आशुतोष शुक्ला, गोरखनाथ यादव, महेंद्र मिश्र और अखिलेश आर्य सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अनुदेशक उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त संजय सिंह, संजय तिवारी, आलोक पांडेय, शगुफ्ता जबीं, नीतू मुन्ना, श्वेता पांडेय, एआरपी केशव प्रताप शाही, निशेष कुमार, वशिष्ठ नारायण चौहान, मिथिलेश सिंह और मारुति नंदन मिश्र सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी भी समारोह में मौजूद रहे।
सरकार के फैसले से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि का असर सीधे शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे अनुदेशकों को इससे राहत मिलेगी और वे अधिक उत्साह के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे।
देवरिया में आयोजित यह समारोह केवल मानदेय वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और शिक्षकों के सम्मान का प्रतीक बनकर सामने आया। बढ़े हुए मानदेय के साथ अनुदेशकों के चेहरे पर संतोष और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।







