20 अक्टूबर 2026 4:23 अपराह्न

चलती कार में महिला के साथ आखिर क्या हुआ? बेटे समेत सड़क पर फेंके जाने के बाद खुला ऐसा राज, जानकार रह जाएंगे दंग

रिपोर्टर कीरत यादव की तस्वीर के साथ महिला और बच्चे से जुड़ी कथित कार घटना का सांकेतिक दृश्य

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कीरत यादव की रिपोर्ट

गोरखपुर/जौनपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और जौनपुर से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पति के खिलाफ चल रहे मुकदमे में भरण-पोषण दिलाने में मदद का भरोसा देकर एक महिला को प्रयागराज हाई कोर्ट ले जाने और लौटते समय उसके साथ कथित दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया गया है। महिला का दावा है कि जब उसने इसका विरोध किया तो कार सवार युवक ने उसके साथ मारपीट की, जबकि उसकी महिला साथी ने भी कथित तौर पर उसका साथ दिया।

महिला ने आरोप लगाया है कि विरोध के बाद उसके कपड़े फाड़ दिए गए और कुछ समय बाद उसे उसके दो वर्षीय बेटे समेत जौनपुर क्षेत्र में चलती कार से सड़क पर फेंक दिया गया। सड़क पर गिरने से महिला घायल हो गई और कुछ देर के लिए बेहोश हो गई। आरोप है कि इसके बाद युवक ने नीचे उतरकर ईंट से उस पर हमला किया और उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया।

घायल महिला की राहगीरों ने मदद की। उपचार के बाद होश में आने पर उसने पुलिस को सूचना दी। शिकायत के आधार पर गीडा थाना पुलिस ने रवि प्रताप सिंह और ज्योति मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पति के खिलाफ मुकदमे के चलते न्यायालय आती-जाती थी महिला

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला मूल रूप से देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। फिलहाल वह गोरखपुर के झंगहा क्षेत्र में रह रही है। महिला ने अपने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा रखा है।

यह मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है। इसी मुकदमे से जुड़े काम के लिए महिला को गोरखपुर की अदालत में आना-जाना पड़ता था। इसी दौरान उसकी पहचान गीडा क्षेत्र में रहने वाली ज्योति मिश्रा से हुई।

महिला के मुताबिक, परिचय बढ़ने के बाद वह ज्योति के घर घरेलू काम करने लगी। वहां से मिलने वाली आमदनी से वह अपने और अपने छोटे बेटे का पालन-पोषण करती थी। महिला का कहना है कि ज्योति के साथ उसका भरोसे का संबंध बन गया था और इसी भरोसे के कारण उसने उसके साथ प्रयागराज जाने का फैसला किया।

हाई कोर्ट ले जाने और भरण-पोषण दिलाने का दिया भरोसा

महिला के आरोप के अनुसार, 7 अगस्त को ज्योति मिश्रा ने उससे कहा कि वह अपने परिचित रवि प्रताप सिंह के साथ प्रयागराज हाई कोर्ट जा रही है। उसे भी साथ चलने के लिए कहा गया।

कथित तौर पर महिला को बताया गया कि उसके पति के खिलाफ चल रहे मुकदमे में भरण-पोषण दिलाने के लिए न्यायालय से संबंधित मदद की जा सकती है। महिला को लगा कि इससे उसके और उसके दो वर्षीय बेटे के पालन-पोषण की समस्या कुछ हद तक दूर हो सकती है।

इसी उम्मीद में वह अपने बेटे के साथ रवि और ज्योति की कार में बैठ गई। तीनों प्रयागराज के लिए रवाना हुए।

महिला के मुताबिक, उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वापसी के दौरान हालात इतने गंभीर हो जाएंगे।

लौटते समय कार में बीयर खरीदने का आरोप

महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि प्रयागराज से लौटते समय रवि प्रताप सिंह और ज्योति मिश्रा ने रास्ते में बीयर की छह बोतलें खरीदीं।

महिला का दावा है कि दोनों ने कार के भीतर ही शराब पी। इसके बाद उसे भी शराब पिलाने की कोशिश की गई, लेकिन उसने शराब पीने से मना कर दिया।

महिला के अनुसार, उसके शराब पीने से इनकार करने के बाद कार के भीतर रवि ने उसके साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत शुरू कर दी। महिला ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि युवक ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की।

विरोध किया तो मारपीट और कपड़े फाड़ने का आरोप

महिला का आरोप है कि कथित दुष्कर्म के प्रयास का उसने जोरदार विरोध किया। इसके बाद रवि प्रताप सिंह ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

शिकायत के अनुसार, ज्योति मिश्रा ने भी इस दौरान युवक का साथ दिया। आरोप है कि दोनों ने महिला के साथ मारपीट की और उसकी कुर्ती फाड़ दी।

महिला ने बताया कि वह लगातार अपना बचाव करने के साथ-साथ अपने दो वर्षीय बेटे को भी सुरक्षित रखने की कोशिश करती रही। कार के भीतर विवाद बढ़ने के बाद कथित तौर पर उसे और उसके बच्चे को बाहर फेंकने की स्थिति पैदा हुई।

बेटे समेत सड़क पर फेंके जाने का दावा

महिला का आरोप है कि रवि और ज्योति ने उसे उसके दो वर्षीय बेटे के साथ चलती कार से सड़क पर फेंक दिया।

उसके मुताबिक, सड़क पर गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं। कुछ समय तक वह बेहोशी की हालत में सड़क पर पड़ी रही। इस दौरान उसके छोटे बच्चे को लेकर वह बेहद परेशान थी।

महिला का दावा है कि कार सवार दोनों लोग उसे और उसके बच्चे को सड़क पर छोड़कर वहां से चले गए।

घटना किस स्थान पर हुई, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है। महिला ने जौनपुर जिले के क्षेत्र में घटना होने की बात कही है।

सड़क पर घायल महिला की राहगीरों ने की मदद

घटना के बाद सड़क से गुजर रहे कुछ लोगों की नजर घायल महिला पर पड़ी। राहगीरों ने रुककर उसकी सहायता की और उपचार की व्यवस्था कराई।

महिला के अनुसार, होश में आने के बाद उसने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस की मदद से वह गोरखपुर पहुंची और गीडा थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई।

महिला ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

ईंट से हमला और मोबाइल तोड़ने का भी आरोप

महिला ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि कार से नीचे फेंके जाने के बाद रवि प्रताप सिंह दोबारा उसके पास आया।

आरोप है कि युवक ने सड़क किनारे पड़ी ईंट से उस पर हमला किया। महिला का यह भी दावा है कि इसी दौरान उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया गया।

मोबाइल फोन को नुकसान पहुंचाए जाने की बात भी पुलिस जांच का हिस्सा बन सकती है। यदि महिला के आरोपों की पुष्टि होती है तो मामले में मारपीट और अन्य संबंधित अपराधों की धाराएं भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

गीडा पुलिस ने दोनों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

महिला की तहरीर के आधार पर गीडा थाना पुलिस ने रवि प्रताप सिंह और ज्योति मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर दुष्कर्म के प्रयास, मारपीट और धमकी समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू की है।

अधिकारियों के मुताबिक, मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है। पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध साक्ष्यों को जुटा रही है और नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है।

प्रयागराज और जौनपुर पहुंची पुलिस टीम

एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार के अनुसार, मामले की जांच के लिए पुलिस की टीम प्रयागराज और जौनपुर भेजी गई है।

जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला और आरोपी प्रयागराज से गोरखपुर लौटते समय किस रास्ते से आए थे। संभावित घटनास्थल की पहचान भी की जा रही है।

पुलिस रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल सकती है। इसके अलावा पेट्रोल पंप, टोल प्लाजा, दुकानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के कैमरों से भी वाहन की आवाजाही की जानकारी जुटाई जा सकती है।

यदि कार की पहचान और उसके रूट से संबंधित तकनीकी साक्ष्य मिलते हैं तो जांच को आगे बढ़ाने में उनसे महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।

कार की पहचान और मोबाइल फोन से खुल सकते हैं कई सवाल

इस मामले में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई कार की जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस वाहन के मालिकाना दस्तावेज, उसकी आवाजाही और घटना वाले दिन उससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा सकती है।

महिला का क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन भी जांच का हिस्सा बन सकता है। फोन से उपलब्ध तकनीकी जानकारी, कॉल डिटेल या अन्य वैध डिजिटल साक्ष्य घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में पुलिस की मदद कर सकते हैं।

इसके अलावा महिला की मेडिकल रिपोर्ट और चोटों से संबंधित दस्तावेज भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

भरोसे का रिश्ता बना पूरे मामले का अहम पहलू

पूरे घटनाक्रम में महिला और ज्योति मिश्रा के बीच पहले से मौजूद परिचय को पुलिस महत्वपूर्ण पहलू के तौर पर देख सकती है।

महिला के अनुसार, वह ज्योति के घर घरेलू काम करती थी और इसी वजह से दोनों के बीच विश्वास बना था। महिला का कहना है कि उसे विश्वास था कि ज्योति उसके पति के खिलाफ चल रहे मुकदमे में मदद करा सकती है।

इसी भरोसे के चलते वह अपने छोटे बेटे के साथ प्रयागराज जाने को तैयार हुई। अब जांच का एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि महिला को वास्तव में किस उद्देश्य से प्रयागराज ले जाया गया था और वापसी के दौरान कार के भीतर क्या घटनाक्रम हुआ।

पुलिस जुटा रही है घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य

पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। कथित घटना वास्तव में जौनपुर के किस स्थान पर हुई? कार में मौजूद लोगों के बीच क्या बातचीत हुई? क्या यात्रा मार्ग के किसी स्थान पर वाहन रुका था? महिला और उसके बच्चे को कार से किस परिस्थिति में बाहर निकाला गया? मारपीट और ईंट से हमला किए जाने के आरोप की पुष्टि किस साक्ष्य से होती है?

इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के दौरान तलाशे जा रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वाहन से संबंधित जानकारी और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करने में अहम हो सकते हैं।

आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी

मामला बेहद गंभीर है, लेकिन प्राथमिकी में दर्ज आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। महिला ने जो आरोप लगाए हैं, उन्हीं के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

अब पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर यह पता लगाएगी कि शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की वास्तविकता क्या है।

किसी भी आरोपी को केवल आरोप या मुकदमा दर्ज होने के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता। दोष सिद्ध होने का अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

फिलहाल गीडा पुलिस दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच आगे बढ़ा रही है। प्रयागराज और जौनपुर में पुलिस टीमों की सक्रियता, संभावित घटनास्थल की पड़ताल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच से इस मामले की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।

महिला को पति के खिलाफ मुकदमे में भरण-पोषण दिलाने में मदद के नाम पर प्रयागराज ले जाने से शुरू हुआ यह मामला वापसी के दौरान कथित यौन अपराध, मारपीट, बच्चे समेत सड़क पर फेंके जाने और ईंट से हमले के आरोपों तक पहुंच गया। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है। जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि चलती कार में वास्तव में क्या हुआ था और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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